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टैक्स बचाने का स्मार्ट तरीका, जानिए टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग कैसे करता है काम

टैक्स-लॉस हार्वेस्टिंग एक निवेश रणनीति है, जिसमें निवेशक नुकसान में चल रहे शेयर या अन्य संपत्तियां बेचकर अपने पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेन) पर लगने वाले टैक्स को कम कर सकते हैं।

Last Updated- March 15, 2025 | 2:03 PM IST
Tax Loss Harvesting
Representative Image

अगर आपने हाल ही में शेयर बाजार में मुनाफा कमाया है, तो टैक्स-लॉस हार्वेस्टिंग आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। इस रणनीति के तहत, अगर आपके कुछ निवेश घाटे में हैं, तो आप उनके नुकसान को अपने मुनाफे के खिलाफ सेट-ऑफ करके टैक्स बचा सकते हैं। यह तरीका खासतौर पर उन निवेशकों के लिए उपयोगी होता है, जिन्होंने हाल ही में शेयर बेचकर कैपिटल गेन बुक किया है और अब उस पर लगने वाले टैक्स को कम करना चाहते हैं।

टैक्स-लॉस हार्वेस्टिंग: निवेशकों के लिए टैक्स बचाने की स्मार्ट रणनीति

टैक्स-लॉस हार्वेस्टिंग एक निवेश रणनीति है, जिसमें निवेशक नुकसान में चल रहे शेयर या अन्य संपत्तियां बेचकर अपने पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेन) पर लगने वाले टैक्स को कम कर सकते हैं। खासतौर पर, यह तरीका शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स बचाने के लिए उपयोग किया जाता है, क्योंकि इन पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन की तुलना में अधिक टैक्स लगता है।

इस रणनीति का मकसद निवेश पोर्टफोलियो का संतुलन बनाए रखना और टैक्स देनदारी को कम करना होता है। आमतौर पर, साल के अंत में निवेशक इस रणनीति का उपयोग करके अपने टैक्स बोझ को कम करते हैं। हालांकि, इसे अपनाने से पहले किसी वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना फायदेमंद हो सकता है।

टैक्स-लॉस हार्वेस्टिंग: कैसे काम करता है यह टैक्स बचाने का तरीका?

टैक्स-लॉस हार्वेस्टिंग, जिसे टैक्स-लॉस सेलिंग भी कहा जाता है, निवेशकों द्वारा साल के अंत में अपनाई जाने वाली एक रणनीति है। इसमें वे अपनी निवेश पोर्टफोलियो की समीक्षा करते हैं और उन संपत्तियों की पहचान करते हैं, जिनमें नुकसान हुआ है।

अगर किसी निवेश में घाटा हो रहा है, तो उसे बेचकर इस नुकसान को अन्य लाभदायक निवेशों के मुनाफे के खिलाफ एडजस्ट किया जा सकता है। इससे कुल कर देनदारी कम हो जाती है। उदाहरण के तौर पर, यदि सिक्योरिटी A की कीमत गिर रही है और सिक्योरिटी B में मुनाफा हो रहा है, तो A को बेचकर हुए नुकसान को B से हुए लाभ के मुकाबले सेट किया जा सकता है, जिससे कैपिटल गेन टैक्स का बोझ कम हो सकता है।

टैक्स-लॉस हार्वेस्टिंग का सही इस्तेमाल करने पर निवेशकों को टैक्स बचाने में मदद मिलती है और वे अपने वित्तीय पोर्टफोलियो को अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित कर सकते हैं।

टैक्स सेविंग का आसान तरीका: टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग से ऐसे बचाएं हजारों रुपये

टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग एक ऐसी रणनीति है, जिससे निवेशक अपने पूंजीगत लाभ (Capital Gains) पर लगने वाले टैक्स को कम कर सकते हैं। इसमें नुकसान में चल रहे शेयरों या निवेश को बेचकर उस नुकसान को पूंजीगत लाभ से समायोजित किया जाता है, जिससे कुल टैक्स देनदारी घट जाती है। आइए इसे एक आसान उदाहरण से समझते हैं।

शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स बचत

अरुण को इस साल शेयर बाजार से ₹1,00,000 का शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन हुआ है। इस पर 15% टैक्स यानी ₹15,000 चुकाने होंगे।

अब मान लीजिए कि उनके पास कुछ ऐसे शेयर हैं, जिनमें ₹60,000 का अनरियलाइज्ड (अभी तक बुक नहीं किया गया) लॉस है। अगर अरुण इन शेयरों को बेच देते हैं, तो यह लॉस उनके ₹1,00,000 के कैपिटल गेन से सेट-ऑफ हो जाएगा। ऐसे में उनका टैक्सेबल कैपिटल गेन घटकर ₹40,000 रह जाएगा और उन्हें सिर्फ ₹6,000 (₹40,000 का 15%) टैक्स देना होगा।

टैक्स सेविंग:

पहले उन्हें ₹15,000 टैक्स देना पड़ता, लेकिन टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग से अब उन्हें सिर्फ ₹6,000 टैक्स देना होगा। इस तरह उन्होंने ₹9,000 की बचत की।

लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स बचत

अब मान लीजिए, अरुण को शेयर बाजार से ₹5 लाख का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन हुआ है। सरकार के नियमों के अनुसार, ₹1 लाख तक के लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन पर कोई टैक्स नहीं लगता, लेकिन ₹4 लाख पर 10% की दर से ₹40,000 टैक्स देना होगा।

अगर उनके पास ₹3 लाख का अनरियलाइज्ड लॉस है और वे मार्च में इन शेयरों को बेचकर इस नुकसान को बुक कर लेते हैं, तो उनका नेट कैपिटल गेन ₹2 लाख हो जाएगा। चूंकि ₹1 लाख तक का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स फ्री होता है, इसलिए अब उन्हें केवल ₹1 लाख पर 10% टैक्स यानी ₹10,000 देना होगा।

टैक्स सेविंग:

पहले उन्हें ₹40,000 टैक्स देना पड़ता, लेकिन टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग के जरिए उन्होंने ₹30,000 की टैक्स बचत कर ली।

कैसे बनता है यह फायदेमंद सौदा?

इस रणनीति का सबसे बड़ा फायदा यह है कि निवेशक इन शेयरों को बेचने के तुरंत बाद दोबारा खरीद सकते हैं, जिससे उनका पोर्टफोलियो प्रभावित नहीं होता और टैक्स की बचत भी हो जाती है।

टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग: टैक्स बचाने के साथ मिलते हैं ये फायदे

टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग सिर्फ टैक्स बचाने का तरीका नहीं है, बल्कि इससे निवेशकों को कई और फायदे भी मिलते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में आसान भाषा में।

कम टैक्स चुकाएं

अगर आपके निवेश पर नुकसान हुआ है, तो आप इसे अपने मुनाफे (कैपिटल गेन) से एडजस्ट कर सकते हैं। इससे टैक्स की रकम घट जाती है और आपको कम टैक्स देना पड़ता है।

नुकसान को 8 साल तक आगे ले जाने की सुविधा

अगर किसी साल आपके कैपिटल लॉस का फायदा नहीं मिला, तो चिंता की बात नहीं। आप इस नुकसान को अगले 8 असेसमेंट वर्षों तक कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं और भविष्य में होने वाले मुनाफे से एडजस्ट कर सकते हैं।

शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म गेन पर राहत

टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग में शॉर्ट-टर्म कैपिटल लॉस (STCL) को शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों तरह के गेन के खिलाफ एडजस्ट किया जा सकता है। हालांकि, लॉन्ग-टर्म कैपिटल लॉस (LTCL) सिर्फ लॉन्ग-टर्म गेन से ही एडजस्ट किया जा सकता है।

पोर्टफोलियो सुधारने का मौका

टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग के तहत कमजोर प्रदर्शन करने वाले एसेट्स को बेचकर बेहतर जगह निवेश किया जा सकता है। इससे दो फायदे होते हैं:

  • टैक्स का बोझ कम होता है।
  • निवेश को बेहतर तरीके से मैनेज करने का मौका मिलता है।

First Published - March 15, 2025 | 2:01 PM IST

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