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क्यूआर कोड स्कैन करो, आधार वेरिफिकेशन झटपट करो – सरकार ला रही है नया स्मार्ट ऐप

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उपयोगकर्ता अब अपनी गोपनीयता सुनिश्चित करते हुए अपने आधार की जानकारी डिजिटल तरीके से सत्यापित एवं साझा कर सकते हैं।

Last Updated- April 14, 2025 | 10:12 PM IST
Aadhaar
फाइल फोटो

केंद्र सरकार आधार के एक नए मोबाइल ऐप्लिकेशन का परीक्षण कर रही है, जिसमें फेस आईडी प्रमाणीकरण और क्यूआर कोड आधारित सत्यापन जैसी सुविधाएं होंगी। इस ऐप्लिकेशन के जरिये आपको अपने पास आधार कार्ड अथवा उसकी छायाप्रति रखने की भी जरूरत नहीं होगी, जिनकी आमतौर पर पहचान सत्यापित करने के लिए होटल अथवा हवाईअड्डे पर जरूरत होती है। इसके बदले लोग अपने स्मार्टफोन के जरिये डिजिटल तरीके से अपनी पहचान प्रमाणित कर सकते हैं। ऐप सुरक्षा और गोपनीयता उपायों को सुनिश्चित करने के लिए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) का लाभ लेगा, जिससे उपयोगकर्ताओं को अपनी व्यक्तिगत जानकारी पर पूर्ण नियंत्रण मिलेगा।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बीते दिनों सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया था, ‘आधार सत्यापन अब यूपीआई के जरिये भुगतान करने जितना आसान हो गया है। उपयोगकर्ता अब अपनी गोपनीयता सुनिश्चित करते हुए अपने आधार की जानकारी डिजिटल तरीके से सत्यापित एवं साझा कर सकते  हैं। इसके लिए आपको सिर्फ एक क्यूआर कोड स्कैन करना होगा अथवा ऐप्लिकेशन का उपयोग करना होगा।’ आधार सेवाओं की देखरेख करने वाले भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के मुख्य कार्य अधिकारी भुवनेश कुमार ने कहा, ‘आधार फेस ऑथेंटिकेशन पूरे प्रमाणीकरण परिवेश की पहचान बन रहा है। आधार पारिस्थितिकी तंत्र बड़ा हो गया है और चाहे प्रौद्योगिकी अपनाने की बात हो अथवा सेवा देने की बात हो यूआईडीएआई भविष्य के लिए तैयार है।’

नए ऐप्लिकेशन की मुख्य विशेषताएं

फेस आईडी ऑथेन्टिकेशनः उपयोगकर्ता चेहरे की पहचान तकनीक का उपयोग करके अपनी पहचान सत्यापित कर सकते हैं, जो आधार नामांकन के दौरान संग्रहित बायोमेट्रिक डेटा के साथ उनकी लाइव तस्वीर को मिलाता है।

क्यूआर कोड स्कैनिंगः यूपीआई भुगतान प्रणाली के जैसे ही यह ऐप ऑथेन्टिकेशन केंद्रों पर उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन करके तत्काल पहचान सत्यापित करता है।

प्राइवेसी फर्स्ट डिजाइनः सभी डेटा शेयरिंग उपयोगकर्ता द्वारा नियंत्रित की जाती है और इसे बदला अथवा इसका दुरुपयोग नहीं किया जा सकता है। ऐप्लिकेशन के जरिये यह सुनिश्चित किया जाता है कि संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रहे।

प्रभाव

नए मोबाइल ऐप्लिकेशन से विभिन्न क्षेत्रों में आधार के इस्तेमाल के तरीके में बदलाव आने की उम्मीद है। उदाहरण के लिए, यात्रियों को अब हवाई अड्डों पर अपने आधार कार्ड की छायाप्रति ले जाने की जरूरत नहीं होगी।

-डिजिटल प्रमाणीकरण के साथ होटल चेक-इन तेज और अधिक सुरक्षित हो जाएगा।

-खुदरा विक्रेता और सेवा प्रदाता दस्तावेजों को संभाले बिना ग्राहक की पहचान तुरंत सत्यापित कर सकते हैं। 

-ऐप बीटा परीक्षण में है और देश भर में पेश होने से पहले अभी एक खास समूह के लिए उपलब्ध है।

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First Published - April 14, 2025 | 10:06 PM IST

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