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Pension Rule Change: 1 अक्‍टूबर से बदल जाएंगे NPS, UPS और अटल पेंशन योजना के ये नियम, जानें डिटेल्स

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PFRDA 1 अक्टूबर 2025 से NPS, UPS, APY और NPS-Lite के चार्ज स्ट्रक्चर में बदलाव करने जा रही है, जिसका असर लाखों यूजर्स पर पड़ने वाला है

Last Updated- September 19, 2025 | 6:23 PM IST
Kerala Assured Pension Plan
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

जब आप रिटायरमेंट की प्लानिंग करते होंगे तो आप NPS, UPS और अटल पेंशन योजना (APY) जैसी पेंशन स्कीम्स से रुबरु जरूर होते होंगे। ये वो प्लेटफॉर्म हैं जहां आप अपना पैसा निवेश करके बुढ़ापे में तसल्ली भरी पेंशन पा सकते हैं। लेकिन अब इनमें थोड़ा सा बदलाव आने वाला है। 1 अक्टूबर 2025 से इन स्कीम्स के मेंटेनेंस चार्जेस में नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। ये बदलाव पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने किए हैं, जो 2020 वाली पुरानी फीस स्ट्रक्चर को रिप्लेस कर देंगे। आसान शब्दों में कहें तो, आपके अकाउंट को मैनेज करने वाली सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी (CRA) अब कुछ जगहों पर कम तो कहीं ज्यादा पैसे लेगी, जो आपकी जेब पर असर डालेगा। ये बदलाव NPS, यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) अटल पेंशन योजना (APY) और NPS-Lite सबके लिए हैं। चलिए, स्टेप बाय स्टेप समझते हैं कि आखिर ये क्या है और क्यों जरूरी है।

NPS और UPS में क्या बदलेगा?

अगर आप सरकारी नौकरी में हैं, तो ये खबर आपके लिए सीधे तौर पर रिलेटेड है। NPS और UPS दोनों ही स्कीम्स में PRAN (पर्मानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर) खोलने के चार्जेस को स्टैंडर्डाइज कर दिया गया है। मतलब, अब E-PRAN किट (डिजिटल वर्जन) के लिए सिर्फ 18 रुपये देने पड़ेंगे, जबकि फिजिकल PRAN कार्ड (पेपर वाला) लेना हो तो 40 रुपये लगेंगे। सालाना मेंटेनेंस चार्ज हर अकाउंट के लिए फिक्स्ड 100 रुपये होगा। अच्छी बात ये है कि ट्रांजेक्शन चार्जेस बिल्कुल जीरो हैं, यानी पैसे जमा या निकालने पर कोई एक्स्ट्रा कटौती नहीं होगी।

अब सोचिए, पहले क्या था? 2020 वाली सिस्टम में चार्जेस थोड़े अलग थे, लेकिन अब ये आसान हो गए हैं। खासकर UPS के लिए, जो अप्रैल 2025 से चालू हुई है, ये चार्जेस सिर्फ एक्यूमुलेशन फेज (जब आप पैसे जमा कर रहे होते हैं) में लागू होंगे। पेआउट फेज (रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिलने का समय) में अलग से PFRDA फैसला लेगी। और हां, अगर आपके अकाउंट में बिल्कुल जीरो बैलेंस है, तो सालाना चार्ज भी माफ होगा। यानी नया अकाउंट खोलकर अगर अभी कुछ न डालें, तो फ्री रहेगा।

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प्राइवेट सेक्टर और NPS वात्सल्य वालों के लिए क्या?

प्राइवेट जॉब करने वाले या फ्रीलांसरों के लिए NPS और NPS वात्सल्य (जो बच्चों के लिए है) में भी वही PRAN ओपनिंग चार्जेस लागू होंगे। E-PRAN के लिए 18 रुपये और फिजिकल के लिए 40 रुपये देना होगा। लेकिन यहां ट्विस्ट ये है कि सालाना मेंटेनेंस चार्ज स्लैब बेस्ड होगा। यानी, आपके टियर-1 कॉर्पस (मेन इन्वेस्टमेंट अमाउंट) के हिसाब से चार्ज लगेगा। छोटे बैलेंस वाले अकाउंट्स के लिए ये पहले से कम हो सकता है। उदाहरण के तौर पर, अगर कॉर्पस कम है तो चार्ज न्यूनतम रहेगा, लेकिन जैसे-जैसे अमाउंट बढ़ेगा, वैसा ही स्लैब अप्लाई होगा। ट्रांजेक्शन पर यहां भी जीरो चार्ज लगेगा।

ये व्यवस्था प्राइवेट सेक्टर वालों को ज्यादा फायदा पहुंचाएगी क्योंकि पहले AMC ज्यादा कटता था। NPS वात्सल्य, जो पैरेंट्स बच्चों के नाम से खोलते हैं, वो भी इसी कैटेगरी में आएगा। PFRDA का कहना है कि ये बदलाव सब्सक्राइबर्स को ज्यादा ट्रांसपेरेंसी देंगे। मतलब, CRA को अपनी वेबसाइट और ऐप पर सारी फीस क्लियरली दिखानी होगी। अगर भविष्य में कोई नई सर्विस आती है, तो उसकी फीस कॉस्ट बेस्ड होगी और PFRDA की मंजूरी से ही लगेगी। कुल मिलाकर, प्राइवेट वाले अब बिना ज्यादा बोझ के इन्वेस्ट कर पाएंगे, जो रिटायरमेंट प्लानिंग को आसान बनाएगा।

APY और NPS-Lite में आसान फीस स्ट्रक्चर

अटल पेंशन योजना (APY) और NPS-Lite, जो अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर के लोगों के लिए हैं, इनमें फीस को और भी सिंपल कर दिया गया है। इसमें PRAN ओपनिंग चार्ज 15 रुपये, सालाना मेंटेनेंस भी 15 रुपये और ट्रांजेक्शन चार्ज बिल्कुल जीरो है। ये छोटे इनकम वालों के लिए बड़ी राहत है क्योंकि APY तो गारंटीड पेंशन वाली स्कीम है, जहां मंथली कंट्रीब्यूशन से 1000 से 5000 रुपये तक पेंशन मिलती है। पहले स्ट्रक्चर में थोड़ा ज्यादा कटौती होती थी, लेकिन अब ये कम हो गई है।

NPS-Lite भी लाइट वर्जन है, जो छोटे निवेशकों को टारगेट करती है। यहां भी वही 15-15-0 का फॉर्मूला। अगर अकाउंट में जीरो बैलेंस है, तो कोई चार्ज नहीं। ये बदलाव उन लोगों को हेल्प करेंगे जो रोजगार की अनिश्चितता में रहते हैं। APY में अपग्रेड या डाउनग्रेड करने पर डिफरेंशियल अमाउंट जमा या रिटर्न होता था, वो प्रोसेस भी आसान रहेगा। कुल मिलाकर, PFRDA ने इन स्कीम्स को ज्यादा इंक्लूसिव बनाया है ताकि हर क्लास का आदमी बिना हिचक इन्वेस्ट करे।

ये बदलाव क्यों आए और आगे क्या होगा?

PFRDA ने ये रिवीजन इसलिए किया क्योंकि 2020 वाली फीस पुरानी पड़ गई थी। अब डिजिटल युग में E-PRAN को डिफॉल्ट बनाया गया है, जो पेपरवर्क कम करेगा। ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों मोड्स में ये लागू होंगे। CRA को साफ निर्देश हैं कि फीस की डिटेल्स कहीं छिपानी नहीं। अगर आप NPS, UPS, APY या NPS-Lite में हैं, तो अपने अकाउंट चेक कर लें। नए सब्सक्राइबर्स के लिए ये अच्छा समय है क्योंकि चार्जेस कम हैं। बस याद रखें, UPS के चार्जेस सिर्फ एक्यूमुलेशन में हैं, पेआउट के लिए अलग नियम बाद में आएंगे।

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First Published - September 19, 2025 | 5:29 PM IST

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