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Minor PAN Card: बच्चों के लिए पैन कार्ड कैसे बनवाएं – जानिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

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Minor PAN Card: माइनर पैन कार्ड उन बच्चों को जारी किया जाता है जिनकी आयु 18 वर्ष से कम होती है।

Last Updated- May 16, 2025 | 2:41 PM IST
PAN Card
Representative Image

आज के डिजिटल युग में पहचान से जुड़े डॉक्यूमेंट्स का महत्व तेजी से बढ़ा है, खासकर जब बात वित्तीय लेन-देन और निवेश की आती है। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट है पैन कार्ड (PAN Card)। आम धारणा के विपरीत, पैन कार्ड केवल वयस्कों के लिए नहीं बल्कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों यानी नाबालिगों के लिए भी बनवाया जा सकता है।

पैन कार्ड क्या है और यह क्यों जरूरी है?

पैन (स्थायी खाता संख्या) भारत सरकार द्वारा जारी एक विशिष्ट पहचान संख्या है, जिसका उपयोग आयकर से जुड़े लेनदेन, बैंकिंग सेवाएं, निवेश और अन्य वित्तीय कार्यों में होता है। यह दस्तावेज वित्तीय पारदर्शिता और कर भुगतान को सुनिश्चित करता है।

क्या है माइनर पैन कार्ड?

माइनर पैन कार्ड उन बच्चों को जारी किया जाता है जिनकी आयु 18 वर्ष से कम होती है। इसका उपयोग मुख्य रूप से बैंक खाता खोलने, निवेश करने या बच्चों के नाम पर वित्तीय लेनदेन में किया जाता है। चूंकि नाबालिग कानूनी रूप से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते, इसलिए इस पैन कार्ड पर न तो फोटो होता है और न ही हस्ताक्षर।

जब बच्चा 18 वर्ष का हो जाता है, तब इस माइनर पैन कार्ड को मेजर पैन कार्ड में अपडेट कराना अनिवार्य होता है।

नाबालिग और वयस्क पैन कार्ड में क्या फर्क है?

नाबालिगों को जारी किए गए पैन कार्ड और वयस्कों के पैन कार्ड की संरचना लगभग समान होती है। फर्क बस इतना है कि नाबालिग के पैन कार्ड पर उनकी फोटो या हस्ताक्षर नहीं होते। आवेदन में पता गार्जियन का होता है, लेकिन पहचान और जन्मतिथि का प्रमाण बच्चे का देना जरूरी होता है।

Also Read: PAN Card Online: सिर्फ 48 घंटे में ऐसे बनवाएं पैन कार्ड; जानें पूरा प्रोसेस और जरूरी डॉक्यूमेंट्स

नाबालिग के लिए पैन कार्ड के फायदे

यह जन्मतिथि का वैध प्रमाण होता है।

बच्चे को वित्तीय संपत्ति या शेयर का नामांकित व्यक्ति बनाया जा सकता है।

बच्चे के नाम से निवेश शुरू करना आसान होता है।

यह बच्चे के वित्तीय भविष्य की नींव रखता है।

किन परिस्थितियों में जरूरी है नाबालिग का पैन कार्ड?

यदि बच्चा वित्तीय लेन-देन में शामिल है और गार्जियन के अधीन है।

निवेश, बीमा या वसीयत में नामांकित व्यक्ति के रूप में उसका नाम दर्ज किया गया है।

पैन कार्ड बनवाने के दो तरीके

1. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:

Protean की वेबसाइट पर जाएं।

“Apply for New PAN” विकल्प चुनें।

ऑनलाइन फॉर्म भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।

भुगतान के बाद आधार प्रमाणीकरण करें।

फिर डॉक्यूमेंट्स नीचे दिए पते पर भेजें:

Protean eGov Technologies Limited,
Income Tax PAN Services Unit,
4th floor, Sapphire Chambers, Baner Road,
Baner, Pune – 411045

Also Read: PAN कार्ड पर फोटो पुरानी हो गई? जानें मिनटों में अपडेट करने का आसान ऑनलाइन प्रोसेस

2. ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया:

अपने निकटतम TIN-Facilitation Center या PAN सेवा एजेंसी (PSA) कार्यालय जाएं।

आवेदन फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रक्रिया पूरी करें।

जरूरी डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट:

बच्चे की जन्मतिथि का प्रमाण (जैसे बर्थ सर्टिफिकेट)।

गार्जियन का पहचान पत्र और पता प्रमाण (जैसे आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी)।

विस्तृत सूची Protean डॉक्यूमेंट पेज पर उपलब्ध है।

पहचान प्रमाण पत्र के रूप में मान्य डॉक्यूमेंट्स:

नाबालिग के माता-पिता या अभिभावक निम्नलिखित में से कोई एक दस्तावेज़ पहचान प्रमाण के रूप में जमा कर सकते हैं:

  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट
  • राशन कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी)
  • सरकार द्वारा जारी किया गया फोटो पहचान पत्र
  • पहचान प्रमाण का मूल प्रमाण पत्र, जिसे विधायक, सांसद, राजपत्रित अधिकारी या विधान परिषद के सदस्य द्वारा प्रमाणित किया गया हो

नाबालिग पैन कार्ड के लिए उम्र सीमा

पैन कार्ड अब केवल कमाई करने वाले व्यक्तियों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि पहचान के एक अहम दस्तावेज के तौर पर इसे नाबालिगों के लिए भी जरूरी माना जाने लगा है। आयकर अधिनियम के तहत, नाबालिग के लिए पैन कार्ड बनवाने की कोई न्यूनतम उम्र तय नहीं की गई है। इसका मतलब यह है कि कोई भी माता-पिता अपने पांच साल से कम उम्र के बच्चे के लिए भी पैन कार्ड बनवा सकते हैं।

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First Published - May 16, 2025 | 2:41 PM IST

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