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OTP और बायोमेट्रिक की झंझट खत्म! इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक में अब फेस स्कैन से खुलेंगे खाते और होंगे पैसे ट्रांसफर

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इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने डिजिटल बैंकिंग को आसान और समावेशी बनाने के लिए आधार आधारित फेस स्कैन सुविधा पूरे देश में शुरू की है।

Last Updated- August 05, 2025 | 7:45 PM IST
India Post
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत में डिजिटल बैंकिंग को और भी सरल करने के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) ने एक शानदार सुविधा शुरू की है। अब आपको पैसे भेजने या लेने के लिए न तो OTP (वन टाइम पासवर्ड) डालना पड़ेगा और न ही उंगलियों के निशान देने की जरूरत होगी। इसकी जगह आप अपने फेस स्कैन करके आसानी से और सुरक्षित तरीके से लेनदेन कर सकते हैं। यह नई सुविधा 1 अगस्त 2025 से पूरे देश में शुरू हो चुकी है। इसका मकसद बैंकिंग को हर किसी के लिए आसान बनाना है।

फेस स्कैन के माध्यम से बैंकिंग

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने आधार से जुड़ी फेस स्कैन तकनीक को यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के नियमों के तहत तैयार किया है। इस तकनीक से आप बस अपने फेस को स्कैन करके बैंकिंग का काम कर सकते हैं। न उंगलियों के निशान देने की जरूरत, न हर बार OTP डालने की टेंशन। यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है, जिन्हें उंगलियों के निशान देने या OTP लेने में परेशानी होती है। मिसाल के तौर पर, बुजुर्गों के उंगलियों के निशान कई बार धुंधले हो जाते हैं, जिससे बायोमेट्रिक सिस्टम में दिक्कत आती है। उसी तरह, दिव्यांग लोगों को OTP वाली प्रक्रिया में मुश्किल हो सकती है।

इस नए तरीके में आपको बस अपने बैंक खाते से जुड़े फोन या डिवाइस पर फेस स्कैन करना है। यह काम चंद सेकंड में हो जाता है, जैसे आप अपने फोन का फेस लॉक खोलते हैं। यह तरीका न सिर्फ तेज है, बल्कि बिना छुए काम करता है, जिससे महामारी जैसे हालात में इन्फेक्शन का खतरा भी कम हो जाता है। फेस स्कैन तकनीक को UIDAI के सख्त सुरक्षा नियमों के आधार पर बनाया गया है, तो यह पूरी तरह सुरक्षित है। अगर किसी वजह से फेस स्कैन न हो पाए, तो आप पुराने तरीके यानी OTP या उंगलियों के निशान का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

Also Read: इंडिया पोस्ट की रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा 1 सितंबर से होगी बंद, 50 साल पुरानी डाक सुविधा अब बनेगी इतिहास

खाता खोलने से बिल भुगतान तक: सब कुछ आसान

यह नई सुविधा सिर्फ पैसे भेजने या लेने तक नहीं रुकी है। इसके जरिए आप कई तरह की बैंकिंग सेवाओं का फायदा उठा सकते हैं। चाहे नया खाता खोलना हो, खाते में कितने पैसे हैं ये चेक करना हो, किसी को पैसे ट्रांसफर करने हों या फिर बिजली, पानी, मोबाइल रिचार्ज जैसे बिल भरने हों, यह तकनीक हर काम को आसान कर देती है।

गौरतलब है कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक साल 2018 में शुरू हुआ था, और आज यह देश के 1.6 लाख से ज्यादा डाकघरों के नेटवर्क के साथ काम करता है। इनमें से करीब 1.4 लाख डाकघर गांवों में हैं, जिससे यह सुविधा दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच रही है।

इस तकनीक की सबसे खास बात यह है कि यह उन लोगों को भी बैंकिंग सेवाएं दे रही है, जो पहले तकनीक या शारीरिक परेशानियों की वजह से इससे दूर रहते थे। जैसे कि गांव में रहने वाले लोग, जिनके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा कम है, वे अब अपने नजदीकी डाकघर जाकर इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही, यह तकनीक डिजिटल बैंकिंग को और भी ज्यादा सभी के लिए खुला बनाती है, क्योंकि यह 13 भाषाओं में उपलब्ध है। इनमें हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, मराठी, उर्दू, गुजराती, मलयालम, कन्नड़, उड़िया, पंजाबी और असमिया जैसी भाषाएं शामिल हैं।

डिजिटल इंडिया को नई ताकत

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक का यह कदम सरकार के डिजिटल इंडिया और वित्तीय समावेशन मिशन से पूरी तरह जुड़ा है। बैंक के MD और CEO आर विश्वेश्वरन ने इस सुविधा को शुरू करते वक्त कहा कि उनका मकसद बैंकिंग को न सिर्फ आसान, बल्कि सभी के लिए सम्मानजनक बनाना है। इस तकनीक से बैंक यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कोई भी इंसान तकनीकी या शारीरिक दिक्कतों की वजह से बैंकिंग से वंचित न रहे। खासकर उन लोगों के लिए, जिन्हें उंगलियों के निशान देने या OTP लेने में मुश्किल होती है, यह सुविधा किसी तोहफे से कम नहीं है।

विश्वेश्वरन ने कहा, “यह तकनीक न सिर्फ आसान है, बल्कि सुरक्षित भी है। चूंकि यह आधार से जुड़ी है, इसलिए इसमें फ्रॉड होने की गुंजाइश बहुत कम है। साथ ही, यह बिना छुए काम करती है, जिससे महामारी जैसे हालात में स्वास्थ्य का खतरा भी कम होता है। मिसाल के तौर पर, कोविड-19 के दौरान, जब लोग एक-दूसरे से दूरी बनाना चाहते थे, ऐसी तकनीक बहुत काम आई थी। इसके अलावा, यह ग्राहकों को तेज और सहज अनुभव देती है, जिससे डिजिटल बैंकिंग को अपनाने की रफ्तार और बढ़ेगी।”

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First Published - August 5, 2025 | 7:45 PM IST

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