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इंडिया पोस्ट की रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा 1 सितंबर से होगी बंद, 50 साल पुरानी डाक सुविधा अब बनेगी इतिहास

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इंडिया पोस्ट ने 1 सितंबर से रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा बंद करने का फैसला लिया है और अब सभी को स्पीड पोस्ट अपनाने का निर्देश दिया गया है।

Last Updated- August 05, 2025 | 6:28 PM IST
India Post
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

इंडिया पोस्ट ने अपनी रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा को 1 सितंबर, 2025 से बंद करने का फैसला किया है। यह फैसला डाक विभाग के आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा है, जिसका मकसद कामकाज को और तेजी से चलाना है। अब रजिस्टर्ड पोस्ट को स्पीड पोस्ट के साथ मिला दिया जाएगा, जिससे 50 साल से ज्यादा पुरानी यह सेवा इतिहास बन जाएगी।  

रजिस्टर्ड पोस्ट की कीमत 25.96 रुपये से शुरू होती थी और हर अतिरिक्त 20 ग्राम के लिए 5 रुपये देने पड़ते थे। यह सेवा खासकर गांवों और छोटे शहरों में रहने वालों के लिए सस्ता और भरोसेमंद विकल्प थी। दूसरी तरफ, स्पीड पोस्ट की शुरुआती कीमत 50 ग्राम तक के लिए 41 रुपये है, जो रजिस्टर्ड पोस्ट से 20-25 फीसदी महंगा है। इस बदलाव से छोटे कारोबारियों, किसानों और दूर-दराज के इलाकों में रहने वालों को ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।  

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सभी को स्पीड पोस्ट अपनाने का निर्देश

पोस्टल विभाग के सचिव और डायरेक्टर जनरल ने सभी सरकारी दफ्तरों, कोर्ट, स्कूल-कॉलेज और बड़े पैमाने पर डाक सेवा इस्तेमाल करने वालों को 1 सितंबर तक स्पीड पोस्ट पर पूरी तरह शिफ्ट होने का निर्देश दिया है। उनका कहना है कि स्पीड पोस्ट से डिलीवरी तेज होगी, ट्रैकिंग बेहतर होगी और कामकाज में और पारदर्शिता आएगी। स्पीड पोस्ट की शुरुआत 1986 में हुई थी और यह पहले से ही लोगों के बीच लोकप्रिय है।  

रजिस्टर्ड पोस्ट का इस्तेमाल पिछले कुछ सालों में लगातार कम हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2011-12 में जहां 244.4 मिलियन रजिस्टर्ड डाक भेजी गई थीं, वहीं 2019-20 में यह संख्या घटकर 184.6 मिलियन रह गई। डिजिटल कम्युनिकेशन के बढ़ने और प्राइवेट कूरियर व ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स के चलते इस सेवा की मांग घटी है।  

हालांकि, रजिस्टर्ड पोस्ट के बंद होने से कई लोग भावुक हो गए हैं, खासकर बुजुर्ग और गांवों में रहने वाले। यह सेवा ब्रिटिश काल से चली आ रही थी और बैंकों, यूनिवर्सिटी, कोर्ट और सरकारी दफ्तरों के लिए भरोसेमंद थी। इसकी खासियत थी कि डिलीवरी का सबूत कोर्ट में भी मान्य होता था। अब इसके बंद होने से न सिर्फ तकनीकी बदलाव आएगा, बल्कि एक ऐतिहासिक डाक सेवा का अंत भी हो जाएगा।

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First Published - August 5, 2025 | 5:47 PM IST

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