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डॉलर के मुकाबले लगातार क्यों गिर रहा है रुपया, सरकार क्या कर रही समाधान?

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Last Updated- December 11, 2022 | 1:46 PM IST

बीते कई दिनों से रुपया डॉलर के मुकाबले अपने निम्नतम स्तर पर बना हुआ है। कल रुपया डॉलर के मुकाबले 82.26 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया था। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के द्वारा नीतिगत दरों में वृद्धि के कारण डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है जिसके फलस्वरूप पूरी दुनिया के मुद्रा में गिरावट देखी जा रही है।
महंगाई की मार 

डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट से महंगाई बढ़ रही है। महंगाई को नियंत्रित करने के लिए रिजर्व बैंक रेपो रेट में बढ़ोतरी कर रही है। इसके कारण आर्थिक गतिविधियां में भी मंदी देखी गई है। लोगों के रोजगार पर संकट दिख रहा है और बेरोजगारी बढ़ रही है। बाजार के स्थिर होने से मांग भी कम है जिसके कारण कारखानों में उत्पादन कम हो रहा है। इससे कंपनियों को घाटा का सामना करना पड़ सकता है। 
डॉलर में तेजी

शीर्ष अमेरिकी बैंक के द्वारा लगातार नीतिगत दरों में वृद्धि के कारण दूसरे देशों की करेंसी में गिरावट आई है। इस साल जून और जुलाई में फेडरल रिजर्व ने दो बार नीतिगत दरों में वृद्धि की है। शीर्ष अमेरिकी बैंक ने मई में 1981 के बाद सबसे अधिक महंगाई दर की वृद्दि के बाद यह फैसला लिया। मई में अमेरिका में महंगाई दर 8.6 प्रतिशत पहुच गया था। हालांकि अगस्त में इसमें थोड़ी कमी दिखी जब महंगाई दर 0.3 प्रतिशत कम होकर 8.3 पर पहुंच गई। 
रिजर्व बैंक कर रहा है प्रयास

डॉलर के मुकाबले रुपये में जारी गिरावट का कम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक कोशिश कर रहा है। सितंबर में रिजर्व बैंक ने महंगाई को कम करने के उद्देश्य से रीपो रेट में 50 आधार अंकों की वृद्धि की थी। इससे पहले भी मई में रीपो रेट में 190 आधार अंकों की वृद्दि की गई थी। अभी रीपो रेट पिछले तीन साल में सबसे उच्चतम स्तर 5.59 प्रतिशत पर पहुंच गया है।
महंगाई की मार पूरी दुनिया पर

कोरोना महामारी और उसके कारण पूरी दुनिया के आर्थिक गतिविधियों के रुकने के कारण दुनिया के अधिकतर देश महंगाई की मार से जूझ रहे हैं। एशिया, अफ्रीका से लेकर यूरोपियन देश भी इससे अछूते नहीं है। भारत के साथ एक सकारात्मक बात यह है कि महंगाई दर में वृद्धि होने के बावजूद भारत की GDP ग्रोथ रेट दुनिया के दूसरे विकसित देशों से अच्छी है और जारी छमाही में सुधार होने की उम्मीद है। रिजर्व बैंक ने हाल ही में कहा था कि चालू वित्त वर्ष में भारत की GDP ग्रोथ रेट लगभग 7 प्रतिशत के आसपास रह सकती है।

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First Published - October 13, 2022 | 1:41 PM IST

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