facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

PVC कीमतों में उतार-चढ़ाव से Supreme Industries का शेयर दबाव में; ब्रोकरेज ने भविष्य में सुधार की जताई उम्मीद

सुप्रीम इंडस्ट्रीज का शेयर अक्टूबर के उच्चतम स्तर से 22% गिरा; तिमाही नतीजे कमजोर, लेकिन ब्रोकरेज ने दी सकारात्मक रेटिंग

Last Updated- November 05, 2024 | 9:42 PM IST
Supreme Industries

देश की सबसे बड़ी प्लास्टिक पाइप निर्माता सुप्रीम इंडस्ट्रीज का शेयर अक्टूबर के अपने ऊंचे स्तर से 22 प्रतिशत गिर चुका है। कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे क्योंकि पॉलिविनाइल क्लोराइड (पीवीसी) रेजिन कीमतों में उतार-चढ़ाव की वजह से डीलरों ने स्टॉक घटाने पर जोर दिया।

जून तिमाही में पीवीसी रेजिन में 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। लेकिन इसके बाद जुलाई और अगस्त में इसकी कीमतों में 17 प्रतिशत तक की कमजोरी आई। अल्पावधि परिदृश्य को देखते हुए कंपनी ने प्लास्टिक पाइप की बिक्री वृद्धि का अपना अनुमान 25 प्रतिशत से घटाकर 16 से 18 प्रतिशत कर दिया है। कंपनी प्रबंधन ने पीवीसी रेजिन कीमतों में उतार-चढ़ाव, बुनियादी ढांचे पर सरकारों के कम खर्च और मॉनसून के ज्यादा दिन रहने को कमजोर अनुमान का कारण बताया।

दूसरी तिमाही में कुल बिक्री एक साल पहले की तिमाही के दौरान 138 किलो टन पर सपाट रही जबकि तिमाही आधार पर यह 21 प्रतिशत घट गई। परिचालन लाभ सालाना आधार पर 10 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 18 प्रतिशत घट गया। कंपनी ने 35-40 करोड़ रुपये का इन्वेंट्री नुकसान दर्ज किया। लाल सागर संकट की वजह से समुद्री मालभाड़े में वृद्धि से परिचालन मुनाफा मार्जिन 14 प्रतिशत पर सीमित रहा जो सालाना आधार पर 139 आधार अंक कम है।

दूसरी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन बाजार अनुमान के मुकाबले 14 प्रतिशत कमजोर रहा। जहां कुल बिक्री वृद्धि प्लास्टिक पाइप सेगमेंट की वजह से कमजोर रही वहीं प्रति किलोग्राम परिचालन लाभ में 14.7 रुपये (सालाना आधार पर 24.5 प्रतिशत की गिरावट) की कमी आई जिसकी वजह पाइप सेगमेंट में इन्वेंट्री नुकसान रही। प्लास्टिक पाइप सेगमेंट में आय पीवीसी रेजिन कीमतों में उतार-चढ़ाव, उत्पाद मिश्रण में बदलाव और प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण की वजह से सालाना आधार पर 4.1 प्रतिशत तक घट गईं।

हालांकि प्रभुदास लीलाधर रिसर्च ने वित्त वर्ष 2024-27 की अवधि के दौरान अपना आय अनुमान 16 प्रतिशत तक घटा दिया है। लेकिन उन्होंने सकारात्मक नजरिया बरकरार रखा है। ब्रोकरेज के प्रवीण सहाय और राहुल शाह का कहना है कि विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में क्षमता विस्तार, नए उत्पाद विस्तार, पूरे भारत में वितरक पहुंच और विस्तार योजनाओं के वित्त पोषण के लिए 674 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी की वजह से नजरिया सकारात्मक बना हुआ है।

सिस्टमैटिक्स रिसर्च ने भी सितंबर तिमाही के कमजोर प्रदर्शन के बाद वित्त वर्ष 2024-27 के लिए अपना आय अनुमान 11 प्रतिशत तक घटा दिया है। हालांकि ब्रोकरेज के आशिष पोद्दार और महक शाह का मानना है कि कंपनी हर साल 700 करोड़ रुपये का अपना मजबूत मुक्त नकदी प्रवाह बरकरार रख सकती है और वित्त वर्ष 2027 में ऊंचे पूंजीगत खर्च के बावजूद उसका नियोजित पूंजी पर रिटर्न 34 प्रतिशत बरकरार रहेगा।

वित्त वर्ष 2024 में 700 करोड़ रुपये निवेश करने के बाद, कंपनी अन्य 1,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च के लिए प्रतिबद्ध है। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 के अनुमानित पीई के 40 गुना महंगे मूल्यांकन को देखते हुए इस शेयर पर ‘होल्ड’ रेटिंग दी है।

हालांकि ऐंटीक रिसर्च ने दूसरी तिमाही के बाद अपने अनुमानों में कटौती की है। लेकिन उसने शेयर पर ‘खरीदें’ रेटिंग दी है। उसका मानना है कि सुप्रीम इंडस्ट्रीज वित्त वर्ष 2024-27 के दौरान 13-14 प्रतिशत की बिक्री वृद्धि दर्ज करेगी।

First Published - November 5, 2024 | 9:42 PM IST

संबंधित पोस्ट