इस्पात कंपनियों के शेयरों में मंगलवार को 3 फीसदी तक की गिरावट आई। यह गिरावट उस खबर के बाद आई जिसमें कहा गया कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की जांच में पाया गया है कि इस्पात बनाने वाली अग्रणी कंपनियों ने प्रतिस्पर्धा कानूनों का उल्लंघन किया और मिलीभगत से इस्पात की कीमतें तय की।
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल), जेएसडब्ल्यू स्टील और जिंदल स्टेनलेस के शेयरों में क्रमशः 3 फीसदी, 0.8 फीसदी और 0.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। खबर में बताया गया है कि सीसीआई की जांच में 2015 और 2023 के बीच अलग-अलग अवधि में कीमतों को लेकर मिलीभगत के लिए 56 आला अधिकारियों को भी दोषी ठहराया गया है।
2021 में बिल्डरों के एक समूह ने आपराधिक मामले का आरोप लगाया था। इसके बाद सीसीआई की जांच शुरू हुई। आरोप यह था कि नौ कंपनियां सामूहिक रूप से स्टील की आपूर्ति सीमित कर रही हैं और कीमतें बढ़ा रही हैं। पिछले साल स्टील शेयरों में तेजी आई थी और अधिकांश स्टील शेयरों ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया था। 2025 में टाटा स्टील के शेयर में 30.4 फीसदी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया के शेयर में 30 फीसदी और जेएसडब्ल्यू स्टील के शेयर में 29.3 फीसदी की वृद्धि हुई।
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज में इक्विटी रणनीतिकार क्रांति बाथिनी ने कहा, कीमती और साधारण, कमोबेश दोनों तरह की धातुओं में तेजी का दौर चल रहा है। धातु शेयरों में मौजूदा स्तर से 10-15 फीसदी तक की वृद्धि हो सकती है। आने वाले दिनों में बुनियादी ढांचे पर ध्यान रहेगा और रियल एस्टेट क्षेत्र में भी अच्छा प्रदर्शन होने की उम्मीद है। इसके अलावा, इस्पात आयात पर लगाए गए शुल्क से स्थानीय कंपनियों को लाभ मिलने की संभावना है।