facebookmetapixel
Budget 2026 में रिसाइक्लिंग इंडस्ट्री की सरकार से मांग: GST कम होगा तभी उद्योग में आएगी तेजी27 जनवरी को बैंक हड़ताल से देशभर में ठप होंगी सरकारी बैंक सेवाएं, पांच दिन काम को लेकर अड़े कर्मचारीऐतिहासिक भारत-EU FTA और डिफेंस पैक्ट से बदलेगी दुनिया की अर्थव्यवस्था, मंगलवार को होगा ऐलानइलेक्ट्रिक टू व्हीलर कंपनियों ने सरकार से की मांग: PM E-Drive सब्सिडी मार्च 2026 के बाद भी रहे जारीसुरक्षित निवेश और कम सप्लाई: क्यों सोने की कीमत लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है?Budget decoded: सरकार की योजना आपके परिवार की आर्थिक स्थिति को कैसे प्रभावित करती है?गणतंत्र दिवस पर दिखी भारत की सॉफ्ट पावर, विदेशी धरती पर प्रवासी भारतीयों ने शान से फहराया तिरंगाIndia-EU FTA पर मुहर की तैयारी: कपड़ा, जूते-चप्पल, कार और वाइन पर शुल्क कटौती की संभावनाBudget 2026 से इंश्योरेंस सेक्टर को टैक्स में राहत की उम्मीद, पॉलिसीधारकों को मिल सकता है सीधा फायदा!Budget 2026 से बड़ी उम्मीदें: टैक्स, सीमा शुल्क नियमें में सुधार और विकास को रफ्तार देने पर फोकस

आपके पोर्टफोलियो में स्मॉलकैप क्यों बन रहे सबसे कमजोर कड़ी?

आईपीओ की बढ़ती रफ्तार और कमजोर कमाई के कारण स्मॉलकैप सुस्त, जबकि दिसंबर में आईपीओ बाजार फिर पकड़ सकता है रफ्तार; निफ्टी के लिए 26,100–26,150 बड़ा टेस्ट साबित होगा

Last Updated- November 24, 2025 | 8:37 AM IST
SmallCap Stocks

सेंसेक्स और निफ्टी अपने रिकॉर्ड के बहुत करीब हैं और निफ्टी मिडकैप 100 भी नया हाई बना चुका है। लेकिन निफ्टी SmallCap 100 अभी भी अपने पुराने हाई से लगभग 9.2% नीचे है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्मॉलकैप शेयर इसलिए पीछे रह गए हैं क्योंकि रिटेल और बड़े निवेशक इस समय ज्यादा आईपीओ में पैसा लगा रहे हैं। साथ ही स्मॉलकैप शेयरों की कीमतें काफी बढ़ गई थीं, लेकिन उनकी कमाई पिछले पांच तिमाहियों से कमजोर रही है। यानी कीमतें तेजी से बढ़ीं लेकिन कमाई उतनी नहीं बढ़ी, इसलिए स्मॉलकैप शेयर अभी जल्दी रिकवर नहीं कर पा रहे हैं।

क्या IPO बाजार पर इस हफ्ते ब्रेक लगने वाला है?

कई हफ्तों तक लगातार ज्यादा आईपीओ आने के बाद इस हफ्ते रफ्तार थोड़ी धीमी दिख रही है। इस बार सिर्फ सुदीप फार्मा और एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज के लिस्ट होने की उम्मीद है, और मीशो भी अपना आईपीओ प्लान बता सकती है। लेकिन दिसंबर में फिर बहुत तेजी दिख सकती है, क्योंकि करीब दर्जनभर कंपनियां अपना आईपीओ लाने की तैयारी में हैं। पहले दिसंबर का महीना धीमा रहता था, लेकिन महामारी के बाद घरेलू निवेश बढ़ने से अब ऐसा नहीं है। इसी वजह से पिछले चार में से तीन साल दिसंबर में 10 से ज्यादा आईपीओ आए हैं।

क्या Nifty 26,100–26,150 के मुश्किल क्षेत्र को पार कर पाएगा?

पिछले हफ्ते सेंसेक्स में 0.8% और निफ्टी में 0.6% की बढ़त हुई। यह बढ़त इसलिए दिखी क्योंकि एआई से जुड़े शेयरों में सुधार आया, जुलाई–सितंबर 2025-26 के नतीजे अच्छे रहे और अमेरिका के साथ ट्रेड डील की उम्मीदें बढ़ीं।

लेकिन Nvidia के अच्छे नतीजों के बाद कई निवेशकों ने मुनाफा कमा कर बेच दिया, जिससे तेजी थोड़ी धीमी हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय बाजार की तेजी सिर्फ कुछ ही बड़े शेयरों में दिख रही है, पूरे बाजार में नहीं।

उनके मुताबिक निफ्टी के लिए 25,750–25,800 मजबूत सपोर्ट है। वहीं 26,100–26,150 का स्तर निफ्टी के लिए बड़ा रुकावट वाला जोन है। अगर निफ्टी इस रेंज के ऊपर एक-दो दिन बंद होता है, तभी बाजार में मजबूत और पक्की तेजी मानी जाएगी।

First Published - November 24, 2025 | 8:37 AM IST

संबंधित पोस्ट