facebookmetapixel
Anthropic के नए टूल ने IT सेक्टर में मचाई खलबली! इंफोसिस से लेकर टीसीएस के शेयर धड़ाम, क्या करता है ये टूल ?Cement Sector: मांग और कीमतों में सुधार के बीच नुवामा की BUY कॉल, जेके सीमेंट बनी टॉप पिक25% उछलेगा अदाणी का यह शेयर, कंपनी की परफॉर्मेंस से ब्रोकरेज खुश; BUY की दी सलाह₹1,100 के पार पहुंचा झींगा कारोबार से जुड़ा स्टॉक, दो दिन में 35 फीसदी उछलासर्विसेज पीएमआई जनवरी में बढ़कर 58.5 पर पहुंचा, डिमांड और भर्ती बढ़ने से मिली मजबूतीGold silver price today: सोना चांदी अब तेजी पर सवार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड फिर $5,000 के पार₹34 हजार करोड़ की योजना, खर्च हुए सिर्फ ₹19 हजार करोड़- कहां अटक गई PLI?Stocks to Watch: Bajaj Finance से लेकर Nazara Tech तक, बुधवार को इन स्टॉक्स में दिख सकती है हलचलStock Market Update: आईटी शेयरों में बिकवाली से बाजार में दबाव, सेंसेक्स और निफ्टी सपाट; इन्फोसिस 8% टूटादीपिंदर गोयल का खुला न्योता, पुराने Zomato कर्मचारियों से बोले वापस आ जाइए

SEBI से भिड़ी अमेरिकी फर्म Jane Street, SAT में दायर किया मुकदमा; जरूरी दस्तावेज साझा करने की अपील

सेबी ने 3 जुलाई को जारी अंतरिम आदेश में जेन स्ट्रीट पर निफ्टी बैंक इंडेक्स (Nifty Bank index) में हेरफेर करने का आरोप लगाया था और उसे भारत में ट्रेडिंग करने से रोक दिया

Last Updated- September 03, 2025 | 6:30 PM IST
Jane Street

अमेरिकी ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट ने बुधवार को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के खिलाफ एक मुकदमा दायर किया है। जेन स्ट्रीट का कहना है कि बाजार में हेरफेर (market manipulation) के आरोपों का बचाव करने के लिए उसे जरूरी दस्तावेजों तक पहुंच नहीं दी गई है।

रॉयटर्स द्वारा देखी गई फाइलिंग्स के मुताबिक, सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) में दायर मुकदमे में कंपनी ने ट्रिब्यूनल से मांग की है कि सेबी को इन दस्तावेजों को साझा करने का निर्देश दिया जाए, जिन्हें नियामक खुद ही आरोपों को खारिज करने के लिए जरूरी बता रहा है।

जेन स्ट्रीट ने अपनी अपील में कहा, “ये दस्तावेज निस्संदेह प्रासंगिक हैं।”

जेन स्ट्रीट पर क्या हैं आरोप?

सेबी ने 3 जुलाई को जारी अंतरिम आदेश में जेन स्ट्रीट पर निफ्टी बैंक इंडेक्स (Nifty Bank index) में हेरफेर करने का आरोप लगाया था और उसे भारत में ट्रेडिंग करने से रोक दिया था।

Also Read: मुकेश अंबानी की Reliance जुटाएगी ₹18,000 करोड़, जापानी बैंकों से भी लोन लेने का प्लान

सेबी के अनुसार, कंपनी ने दो चरणों वाली रणनीति अपनाई थी—

  • पहले, कैश और फ्यूचर्स दोनों बाजारों में इंडेक्स से जुड़े शेयर खरीदकर इंडेक्स को आर्टिफिशली ऊपर धकेला।
  • इसके बाद, बड़ी शॉर्ट पोजीशन रखते हुए इंडेक्स ऑप्शंस में दांव लगाकर अपनी पोजीशन खाली की और इंडेक्स में गिरावट से मुनाफा कमाया।

जेन स्ट्रीट का पक्ष

जेन स्ट्रीट ने सेबी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी गतिविधियां सामान्य ‘इंडेक्स आर्बिट्राज’ का हिस्सा थीं। यह एक ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी है, जिसका मकसद अलग-अलग बाजारों में कीमतों के अंतर का फायदा उठाकर लिक्विडिटी और एफिशिएंसी बढ़ाना होता है।

आदेश आने के कुछ दिनों बाद कर्मचारियों को भेजे गए एक आंतरिक नोट में कंपनी ने सेबी की जांच को “मूल रूप से गलत” बताया।

Also Read: Bandhan MF ने उतारा नया फंड, सिर्फ ₹100 की SIP से 21 सेक्टर्स की टॉप कंपनियों में निवेश का मौका

जेन स्ट्रीट से 18 जुलाई को बैन हटा

जेन स्ट्रीट पर से बैन 18 जुलाई को हटा लिया गया, जब जेन स्ट्रीट ने एक एस्क्रो खाते में ₹4,843 करोड़ जमा करा दिए। यही वह राशि थी, जिसे सेबी ने विवादित सौदों से कंपनी का मुनाफा बताया था।

हालांकि बैन हट चुका है, लेकिन कंपनी ने अब तक इंडेक्स ऑप्शंस में ट्रेडिंग दोबारा शुरू नहीं की है और वह अभी भी एडजुडीकेशन प्रोसीडिंग्स का सामना कर रही है, जो छह से आठ महीने तक खिंच सकती हैं।

शुरुआत में जेन स्ट्रीट को आदेश पर जवाब देने के लिए 21 दिन का समय दिया गया था, लेकिन वह 26 जुलाई की डेडलाइन चूक गई। दो दिन बाद कंपनी ने अपने बचाव की तैयारी के लिए अतिरिक्त छह सप्ताह का समय मांगा।

First Published - September 3, 2025 | 6:28 PM IST

संबंधित पोस्ट