facebookmetapixel
16वां वित्त आयोग: राज्यों की कर हिस्सेदारी 41% बरकरार, जीडीपी योगदान बना नया मानदंडBudget 2026: मजबूत आर्थिक बुनियाद पर विकास का रोडमैप, सुधारों के बावजूद बाजार को झटकाBudget 2026: TCS, TDS और LSR में बदलाव; धन प्रेषण, यात्रा पैकेज पर कर कटौती से नकदी प्रवाह आसानBudget 2026: खाद्य सब्सिडी में 12.1% का उछाल, 81 करोड़ लोगों को मिलता रहेगा मुफ्त राशनBudget 2026: पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ेगी खेती, काजू, नारियल और चंदन जैसी नकदी फसलों पर जोरBudget 2026: मुश्किल दौर से गुजर रहे SEZ को बड़ी राहत, अब घरेलू बाजार में सामान बेच सकेंगी इकाइयांBudget 2026: व्यक्तिगत करदाताओं के लिए जुर्माने और अ​भियोजन में ढील, विदेश परिसंपत्तियों की एकबार घोषणा की सुविधाBudget 2026: बुनियादी ढांचे को रफ्तार देने के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का आवंटन, कैपेक्स में भारी बढ़ोतरीBudget 2026: पहली बार ₹1 लाख करोड़ के पार पहुंचा हेल्थ बजट, ‘मिशन बायोफार्मा शक्ति’ का आगाजविनिवेश की नई रणनीति: वित्त वर्ष 2027 में 80,000 करोड़ जुटाएगी सरकार, जानें क्या है पूरा रोडमैप

मुकेश अंबानी की Reliance जुटाएगी ₹18,000 करोड़, जापानी बैंकों से भी लोन लेने का प्लान

रिलायंस ग्रुप एसेट-आधारित सिक्योरिटीज और सिंडिकेटेड लोन के जरिए बड़ी रकम जुटाने की तैयारी में; डील सितंबर तक पूरी हो सकती है।

Last Updated- September 03, 2025 | 3:26 PM IST
Mukesh Ambani

भारतीय अरबपति मुकेश अंबानी का रिलायंस ग्रुप तेजी से अपनी उधारी बढ़ा रहा है। कंपनी करीब ₹18,000 करोड़ (2 अरब डॉलर) की रकम एसेट आधारित सिक्योरिटी के जरिए जुटाने की योजना बना रही है। यह इस साल भारत में होने वाले सबसे बड़े सौदों में से एक हो सकता है।

जानकारी के मुताबिक, इस सौदे के लिए सिक्योरिटीज एक ट्रस्ट के जरिए जारी की जाएंगी और इन्हें रिलायंस ग्रुप के इंफ्रास्ट्रक्चर और टेलीकॉम बिजनेस से जुड़े लोन से बैक किया जाएगा। इन सिक्योरिटीज की मियाद 3 से 5 साल तक हो सकती है। इस डील को Barclays Plc मैनेज कर रही है।

जापानी बैंकों से भी लोन लेगी रिलायंस

रिलायंस इंडस्ट्रीज अलग से करीब ¥92 अरब (619 मिलियन डॉलर यानी ₹5,160 करोड़) का लोन जापान के बैंकों से भी ले रही है। इसमें Mizuho Financial Group, Mitsubishi UFJ Financial Group और Sumitomo Mitsui Banking Corporation शामिल हैं। यह लोन आगे और बैंकों व संस्थाओं में बांटा जा रहा है, ताकि मिलकर इसकी फंडिंग की जा सके।

Also Read | भारत के गांव-कस्बे देंगे ट्रंप टैरिफ को मात, कंपनियों ने बनाया बड़ा प्लान

भारत में सेक्युरिटाइजेशन मार्केट

भारत में Securitization Deals दो तरीके से होती हैं – Asset-Backed Securities (Pass-Through Certificates) और Direct Assignments। यह मार्केट अभी छोटा है, लेकिन ICRA की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2025 तक यह रिकॉर्ड ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।

निवेशकों के लिए मौका

रिलायंस की यह डील निवेशकों को टॉप-रेटेड Asset-Backed Securities में निवेश करने का मौका देगी। अभी तक इस मार्केट में ज्यादातर हिस्सेदारी NBFCs (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों) की रही है। यह ट्रांजैक्शन सितंबर के मध्य तक पूरा हो सकता है। (ब्लूमबर्ग के इनपुट के साथ)

First Published - September 3, 2025 | 3:26 PM IST

संबंधित पोस्ट