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दूसरी छमाही में नए जमाने के शेयरों में आ सकती है बड़ी तेजी: CIO, रिसर्च ऐंड रैंकिंग

Last Updated- May 05, 2023 | 7:19 PM IST
'Stocks of new-age businesses could prove to be the dark horses in H2-FY24'
Business Standard

रिसर्च ऐंड रैंकिंग के मुख्य निवेश अ​धिकारी (CIO) जसप्रीत सिंह अरोड़ा ने लोविशा दाराड के साथ बातचीत में कहा कि भले ही घरेलू इ​क्विटी बाजार सीमित दायरे में बने हुए हैं, लेकिन मंदी की आशंका, ब्याज दरों में तेजी को लेकर अनि​श्चितता दूर होने और भारतीय उद्योग जगत के मजबूत तिमाही नतीजों तथा कमजोर अमेरिकी बाजारों से भारतीय इ​क्विटी को पिछले ऊंचे स्तर तोड़ने में मदद मिल सकती है। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश:

बाजार कितने समय तक समेकन के दौर में बना रहेगा? कौन से कारक बाजार की चाल बदल सकते हैं?

अल्पाव​धि में बाजार की दिशा का अंदाजा लगाने की को​शिश करना नाकाम साबित होगा। इससे भी ज्यादा यह समझ लेना जरूरी है कि भारत 6.5 प्रतिशत की वास्तविक दर से बढ़ सकता है, जो दुनिया में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सर्वा​धिक है। दूसरी तरफ, Nifty EPS(प्रति शेयर आय) वित्त वर्ष 2024 में 16-18 प्रतिशत के बीच बढ़ सकती है और कुछ क्षेत्रों के लिए यह 20-30 प्रतिशत के दायरे में रह सकती है। ऐसे कई कारक हैं जिनसे निफ्टी-50 सूचकांक को पिछले ऊंचे स्तर तोड़ने में मदद मिलेगी। इनमें मंदी की आशंका को लेकर हालात स्पष्ट होना, ब्याज दरों में तेजी थमने, भारतीय उद्योग जगत से मजबूत तिमाही आंकड़े जरूरी हैं।

मिडकैप में इस साल अब तक नुकसान की भरपाई हुई है। क्या इस सेगमेंट में तेजी बरकरार रहने की उम्मीद कर रहे हैं?

भले ही निफ्टी मिडकैप सूचकांक ने पिछले 10-20 वर्षों के दौरान निफ्टी के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन यिा है, लेकिन पिछले पांच साल में इसमें पहले जैसा दम नहीं दिखा। मौजूदा सुधार की निरंतरता बाजारों में मजबूत तेजी पर निर्भर करेगी।

निफ्टी आईटी सूचकांक एक महीने में 3 प्रतिशत कमजोर हुआ है। आईटी कंपनियों द्वारा चौथी तिमाही में अनुमन से कमजोर नतीजे दर्ज किए जाने से क्या यह समय निकलने या फिर गिरावट पर खरीदारी करने का है?

बैंकिंग क्षेत्र में चिंताओं और अमेरिकी बाजारों में कमजोरी की वजह से हमें अल्पावधि धारणा नकारात्मक बने रहने का अनुमान है। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2022 से वित्त वर्ष 2023 में नियु​क्तियों का रुझान कमजोर पड़ने से भी इस क्षेत्र की चिंताएं बढ़ेंगी।

मूल्यांकन के नजरिये से यह 2022 के ऊंचे स्तरों से काफी गिर चुका है, लेकिन अभी अभी दीर्घाव​धि औसत के मुकाबले ऊपर बना हुआ है। इसलिए, हम निवेशकों को एक या दो तिमाहियों के बाद ‘अंडरवेट’ से ‘न्यूट्रल’ पोजीशन अपनाने और फिर एक-दो साल के नजरिये के साथ संबं​धित शेयरों पर दांव लगाने का सुझाव दे रहे हैं।

वित्त वर्ष 2024 के लिए कौन से क्षेत्र मजबूत दिख रहे हैं?

हम वित्त वर्ष 2024 के लिए कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी थीम पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवा, बि​ल्डिंग मैटैरियल, और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां (PSU) भी हमारी पसंदीदा सूची में शामिल हैं। पर्यटन, हाटल और रेस्टोरेंट जैसे अन्य थीम भी G-20 summit और ICC World Cup के बीच अच्छा प्रदर्शन करेंगे। उभरते थीमों के संदर्भ में हमारा मानना है कि नए जमाने के प्लेटफॉर्म व्यवसाय वित्त वर्ष 2024 की दूसरी छमाही में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। अपने निर्गम भाव से बड़ी गिरावट के बाद, हम अब इनके फंडामेंटल में सुधार देख रहे हैं।

2023 के लिए आपका निवेश फॉर्मूला क्या है?

हम 1 गुणा से कम के बीटा के साथ मल्टीकैप केंद्रित पोर्टफोलियो की सलाह दे रहे हैं। भले ही वर्ष 2023 की राह अनि​श्चित बनी रह सकती है, लेकिन हम निवेशकों को 2-3 साल की अव​धि के लिए निवेश की सलाह देना उपयुक्त समझेंगे।

First Published - May 5, 2023 | 7:19 PM IST

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