facebookmetapixel
42% चढ़ सकता है महारत्न कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; Q3 में ₹4011 करोड़ का हुआ मुनाफाईरान की ओर बढ़ रहा है ‘विशाल सैन्य बेड़ा’, ट्रंप ने तेहरान को फिर दी चेतावनीदुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के क्या हाल हैं? रिपोर्ट में बड़ा संकेत30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पार

ए​शिया में रार से लुढ़का शेयर बाजार, इजरायल पर ईरान के हमले के बाद निवेशकों ने की घबराहट में बिकवाली

Stock Market: प​श्चिम ए​शिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए निवेशक सुर​क्षित निवेश की ओर भागने लगे। इससे 10 वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 4.6 फीसदी पर पहुंच गई।

Last Updated- April 15, 2024 | 9:49 PM IST
Stock Market Today: शेयर बाजार

Stock Market: प​श्चिम ए​शिया में संघर्ष के बीच इजरायल पर ईरान की जवाबी कार्रवाई से घबराए निवेशकों ने जोखिम वाली संपत्तियां बेचनी शुरू कर दीं, जिससे आज देसी शेयर बाजार में भी भारी गिरावट देखी गई। मगर कूटनीतिक प्रयासों की मदद से बड़ी जंग की चिंता टलने से निवेशकों को थोड़ा सुकून मिला और गिरावट की रफ्तार कुछ थम गई।

सेंसेक्स लगातार दूसरे दिन आज 1 फीसदी से ज्यादा लुढ़कने के बाद कुल 845 अंक गिरकर 73,400 पर बंद हुआ। सेंसेक्स में 27 मार्च के बाद यह सबसे बड़ी गिरावट थी। निफ्टी भी 247 अंक नीचे 22,273 पर बंद हुआ।

दमिश्क में ईरान के दूतावास पर हुए हमले में इजरायल के शामिल होने की बात उठने पर ईरान ने शनिवार को इजरायल पर कई मिसालें दागते हुए अचानक हमला कर दिया। यह बात अलग है कि ज्यादातर मिसाइलों को इजरायली सेना ने हवा में ही नष्ट कर दिया।

प​श्चिम ए​शिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए निवेशक सुर​क्षित निवेश की ओर भागने लगे। इससे 10 वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 4.6 फीसदी पर पहुंच गई। सोना भी 0.6 फीसदी बढ़कर 2,358 डॉलर प्रति औंस तक चला गया। मध्य ए​शिया के तनाव का असर ए​​शियाई मुद्राओं पर भी दिखा। डॉलर के मुकाबले रुपया नरम होकर 83.5 पर आ गया।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने आज 3,268 करोड़ रुपये के शेयर बेचे और देसी संस्थागत निवेशकों ने करीब 4,800 करोड़ रुपये की लिवाली की।

इस बीच ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में कहा है कि इस मामले को अब खत्म माना जा सकता है। यह सुनकर कई लोगों को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच तनाव और नहीं बढ़ेगा। अमेरिका तथा अन्य देशों ने भी संयम बरतने की अपील की है। इस बीच ब्रेंट क्रूड 0.4 फीसदी बढ़कर 90.6 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

ऐ​क्सिस सिक्योरिटीज पीएमएस में मुख्य निवेश अ​धिकारी नवीन कुलकर्णी ने कहा, ‘प​श्चिमी देशों में भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति की चिंता के कारण दुनिया भर में शेयर बाजारों पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि भारत उनकी तुलना में बेहतर ​स्थिति में है, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बड़ी बाधा हैं। ताजा खबरों के अनुसार भू-राजनीतिक तनाव फैल नहीं रहा है। इससे बाजार में बहुत ज्यादा गिरावट आने की आशंका नहीं है। निवेशकों को वै​श्विक बाजार की ​स्थिति के अनुसार गिरावट का फायदा उठाकर निवेश करना चाहिए और अच्छे शेयर खरीद लेने चाहिए।’

विश्लेषकों ने कहा कि जब दुनिया भर के केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को काबू में करने का प्रयास कर रहे हैं तब भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से ईंधन की कीमतों में तेजी आती है तो बाजार में जो​खिम बढ़ सकता है। अमेरिकी बैंक बोफा के रिसर्च नोट के अनुसार दर में कटौती जून के बजाय दिसंबर से शुरू होने की संभावना है। अमेरिकी बैंक ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व दिसंबर से दरें घटाने लगेगा। मुझे नहीं लगता कि नीति निर्माताओं में इतना विश्वास आया है कि वे जून में दर में कटौती करें।’

कंपनियों के तिमाही नतीजों और चीन तथा यूरोजोन के वृहद आ​र्थिक आंकड़ों से आगे बाजार को दिशा मिल सकती है।

First Published - April 15, 2024 | 9:49 PM IST

संबंधित पोस्ट