Stock Market Closing Bell, November 21, 2025: वैश्विक बाजारों से सुस्त संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के अंतिम ट्रेडिंग सेशन यानी शुक्रवार (21 नवंबर) को उतार-चढ़ाव वाले कारोबार में गिरावट में बंद हुए। वैश्विक बाजारों में गिरावट का असर घरेलू बाजारों पर भी देखने को मिला। आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे प्राइवेट बैंक और फाइनेंशियल शेयरों में गिरावट ने बाजार को नीचे की तरफ खींचा।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) गिरावट के साथ 85,347.40 अंक पर ओपन हुआ। कारोबार के दौरान यह 85,187 अंक तक फिसल गया था। अंत में यह 400.76 अंक या 0.47 फीसदी की गिरावट लेकर 85,231.92 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी 100 से ज्यादा अंक गिरकर 26,109 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 26,052 अंक के इंट्रा-डे लो तक गया। अंत में यह 124 अंक या 0.47 फीसदी गिरकर 26,068 पर बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”अमेरिका के गैर-कृषि रोजगार आंकड़े उम्मीद से बेहतर आए। इसके बाद दिसंबर में ब्याज दर कटौती की उम्मीद कमजोर हो गई। इसका असर भारतीय बाजारों पर भी दिखाई दिया। घरेलू बाजार दिनभर उतार-चढ़ाव में रहे और कमजोर होकर बंद हुए। एशियाई बाजारों में भी गिरावट थी, जिसका दबाव भारत पर दिखा। दो दिन की बढ़त के बाद हुई प्रॉफिट बुकिंग ने भी बाजार को नीचे खींचा। सभी बड़े इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।”
उन्होंने कहा, ”मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट और ज्यादा रही। इसके अलावा नरम मैन्युफैक्चरिंग PMI, कमजोर रुपये और भारत–अमेरिका ट्रेड डील में देरी की चिंताओं ने निवेशक भावना और कमजोर कर दी।”
सेंसेस की कंपनियों में टाटा स्टील, एचसीएल टेक, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयर प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। दूसरी तरफ, मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल, आईटी और एशियन पेण्ट के शेयर हरे निशान में रहे।
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी मेटल का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। इसमें 2.34 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी पीएसयू बैंक (1.43 प्रतिशत की गिरावट) और निफ्टी रियल्टी (1.86 प्रतिशत की गिरावट) का स्थान रहा। दूसरी तरफ, निफ्टी एफएमसीजी एकमात्र इंडेक्स रहा जो 0.14 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ।
ब्रोडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी दबाव में रहे और क्रमशः 1.13 प्रतिशत और 1.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट में बंद हुए। डॉव जोन्स 0.84 प्रतिशत गिरा, एसएंडपी 500 में 1.56 प्रतिशत की कमजोरी आई और नैस्डैक 2.16 प्रतिशत लुढ़क गया। मैक्रो मोर्चे पर सितंबर में अमेरिका की बेरोज़गारी दर थोड़ी बढ़ी। जबकि नौकरी जोड़ने के आंकड़े अर्थशास्त्रियों के अनुमान से बेहतर रहे। इससे दिसंबर में अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की तरफ से एक और ब्याज दर कटौती की संभावना को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
अमेरिकी बाजारों का असर एशियाई बाजारों में भी देखने को मिला। चीन मैनलैंड का सीएसआई 300 इंडेक्स 1.16 प्रतिशत नीचे था। हांगकांग का हैंग सेंग 1.82 प्रतिशत गिरा और दक्षिण कोरिया का KOSPI 3.12 प्रतिशत फिसल गया। जापान का निक्केई भी 1.7 प्रतिशत लुढ़क गया। ताजा फूड और एनर्जी को छोड़कर कोर मुद्रास्फीति अक्टूबर में बढ़कर 3.1 प्रतिशत हो गई, जो सितंबर में 3 प्रतिशत थी।