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पॉलिसीबाजार की PB Fintech को Bima Sugam की चिंता, विश्लेषकों ने कहा- शेयर खरीदने का सही मौका

FY24 की पहली तिमाही में PB Fintech ने 660 करोड़ रुपये का एकीकृत राजस्व अर्जित किया, जो तिमाही आधार पर 23 फीसदी कम है

Last Updated- August 09, 2023 | 9:50 PM IST
PB Fintech down 5% in 2 days on Bima Sugam worry; analysts say buy the dip

विश्लेषकों का कहना है कि पिछले दो दिन में पीबी फिनटेक (पॉलिसीबाजार की मूल कंपनी) के शेयर में 5 फीसदी की गिरावट लंबी अवधि के लिए इस शेयर में खरीदने का मौका है। इसकी तुलना में बेंचमार्क एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स में इस अवधि में 0.06 फीसदी का इजाफा हुआ है।

विश्लेषकों का कहना है कि बिकवाली हो चुकी है क्योंकि ऑनलाइन बीमा पोर्टल की मालिक लाभ हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है और सरकारी ऑनलाइन बीमा पोर्टल बीमा सुगम को लेकर खतरे को शायद बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है।

स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा, बाजार में आई हालिया गिरावट निवेशकों के लिए इस शेयर को खरीदने का मौका है क्योंकि सरकार का पोर्टल क्षमता व बाजार हिस्सेदारी पाने को लेकर सीमित रह सकता है। बीमा सुगम शायद पॉलिसीबाजार से प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम नहीं होगा।

ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स और बीमा सुगम को समानांतर बताते हुए बालिगा ने ऐसी ही चिंता की बात करते हुए कहा कि इससे कुछ महीने पहले जोमैटो का शेयर प्रभावित हुआ था। हालांकि 2023-24 में जून तिमाही के नतीजे ने संकेत दिया कि जोमैटो का कारोबार अप्रभावित रहा है।

इस बीच, सरकार समर्थित बीमा सुगम का इरादा ऑनलाइन इंश्योरेंस मार्केटप्लेस के तौर पर काम करने का है यानी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के तौर पर। यह प्लेटफॉर्म बीमा कंपनियों को अपनी योजनाएं पेश करने और बेचने का मौका देगा, वहीं उपभोक्ता यहां से आसानी से बीमा योजनाएं खरीद सकेंगे या पॉलिसी का नवीनीकरण करा पाएंगे। साथ ही दावा भी पेश कर पाएंगे और संबंधित सेवाओं तक उनकी पहुंच यूनिफाइड फ्रेमकर्क के भीतर होगी।

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने पीबी फिनटेक का कवरेज अंडरपरफॉर्म रेटिंग के साथ शुरू किया है और कीमत लक्ष्य 560 रुपये बताया है, जो मौजूद भाव से करीब 25 फीसदी कम है। मैक्वेरी का मानना है कि बीमा सुगम बीमा बाजार में अवरोध पैदा कर सकता है और पीबी फिनटेक के लक्षित बाजार के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

मैक्वेरी ने एक रिपोर्ट में कहा है, हमारी पड़ताल से खुलासा हुआ है कि नियामक इसे उद्योग के लिए यूपीआई जैसा चाहता है। हमारी राय में यह स्टार्ट टु एंड इंश्योरेंस जर्नी प्लेटफॉर्म के लिए अवरोधकारी हो सकता है, जो अबाध सेवाएं देगा और इसमें लंबी अवधि में पीबी फिनटेक की संभावनाओं को प्रभावित करने की क्षमता है। हमें कम दरों व कम बाजार हिस्सेदारी साल 2024-25 से दिख सकता है। हालांकि देश के विश्लेषकों का मानना है कि निजी कंपनियों मसलन पॉलिसीबाजार का मजबूत ब्रांड है, जो उसे बीमा सुगम से प्रतिस्पर्धा की ताकत देता है। इसके बावजूद मूल्यांकन को लेकर चिंता बनी हुई है।

वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज की निदेशक (इक्विटी रणनीतिकार) क्रांति बाथिनी ने कहा, पीबी फिनटेक के शेयर के लिए ज्यादा चिता ही बात उसका मूल्यांकन है। 33,000 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण और 2026-27 का पीई अनुपात 48 गुना रहने को देखते हुए उसे तेजी से लाभ कीओर बढ़ने की दरकार है। कंपनी ने वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही में नुकसान घटाया है, लेकिन बाजार इस पर वित्त वर्ष 24 में नजर रखेगा।

वित्त वर्ष 24 की पहली तिमाही में पीबी फिनटेक ने 660 करोड़ रुपये का एकीकृत राजस्व अर्जित किया, जो तिमाही आधार पर 23 फीसदी कम है लेकिन सालाना आधार पर 32 फीसदी ज्यादा है। इसके अतिरिक्त कंपनी का एकीकृत नुकसान सालाना आधार पर घटकर 11.2 करोड़ रुपये रह गया है।

First Published - August 9, 2023 | 9:50 PM IST

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