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निवेश बैंकरों ने की 1,000 करोड़ रुपये की तगड़ी कमाई, साल 2000 के बाद बना अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड

एक निवेश बैंकर ने कहा, ‘भुगतान सालाना वेतन का 50 से 75 फीसदी के बीच हो सकता है। शानदार प्रदर्शन करने वालों को उनके सालाना वेतन के बराबर या 1.2 गुना तक बोनस मिल सकता है।’

Last Updated- April 07, 2024 | 10:42 PM IST
Investment bankers made a huge profit of Rs 1,000 crore, the biggest record since 2000 निवेश बैंकरों ने की 1,000 करोड़ रुपये की तगड़ी कमाई, साल 2000 के बाद बना अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड

निवेश बैंकरों ने कैलेंडर वर्ष 2024 में जनवरी से मार्च के दौरान देसी बाजार में इक्विटी शेयरों की बिक्री का प्रबंधन कर रिकॉर्ड 1,000 करोड़ रुपये की कमाई की है। एलएसईजी डेटा ऐंड एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार निवेश बैंकरों को पिछले साल जनवरी-मार्च की तुलना में करीब 2.3 गुना अधिक शुल्क वसूला है और 2000 के बाद किसी भी कैलेंडर वर्ष की पहली तिमाही में यह अभी तक का सबसे ज्यादा है।

रिपोर्ट के मुताबिक देसी शेयर बाजार में कैलेंडर वर्ष 2024 की पहली तिमाही की शानदार शुरुआत हुई और 14.6 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई गई जो एक साल पहले की तुलना में 2.7 गुना अधिक है और किसी भी मार्च तिमाही में सबसे ज्यादा है।

पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में इक्विटी बाजार में आने वाले निर्गमों (इश्यू) में भी 46.5 फीसदी का इजाफा हुआ। बाजार से जुटाई गई पूंजी में करीब 84 फीसदी हिस्सेदारी फॉलो ऑन ऑफर की रही। इनके जरिये जनवरी-मार्च 2024 के दौरान 12.3 अरब डॉलर जुटाए गए, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 2.3 गुना अधिक है। इस तरह के ऑफर की संख्या भी पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 33.3 फीसदी अधिक रही।

घरेलू कंपनियों ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से 2024 की पहली तिमाही में 2.3 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई जो कैलेंडर वर्ष 2023 की पहली तिमाही की तुलना में करीब 13 गुना अधिक है और आईपीओ की संख्या में भी सालाना आधार पर 61 फीसदी की वृद्धि देखी गई। उद्योग के भागीदारों ने कहा कि सौदों की गतिविधियों में तेजी का मतलब है कि इस साल निवेश बैंकरों को अच्छा-खासा बोनस मिलेगा।

आम तौर पर घरेलू बैंकों में बोनस वित्त वर्ष के आधार पर दिया जाता है जबकि विदेशी बैंक ज्यादातर कैलेंडर वर्ष से चलते हैं। एक निवेश बैंकर ने कहा, ‘भुगतान सालाना वेतन का 50 से 75 फीसदी के बीच हो सकता है। शानदार प्रदर्शन करने वालों को उनके सालाना वेतन के बराबर या 1.2 गुना तक बोनस मिल सकता है।’

हालांकि बैंकरों ने 1,000 करोड़ रुपये के शुल्क संग्रह को लेकर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि आम तौर पर बैंक बड़े सौदों का प्रबंधन सौदे के कुल आकार के कुछ आधार अंक पर करते हैं और शुल्क का सार्वजनिक तौर पर खुलासा शायद ही किया जाता है।

इस साल अभी तक हुए बड़े सौदों में ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको पीएलसी का आईटीसी में 2.1 अरब डॉलर मूल्य के शेयरों की बिक्री करना शामिल रहा है। टाटा संस ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में 1.14 अरब डॉलर मूल्य के शेयर बेचे हैं।

इंडिगो की प्रवर्तक कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के सह-संस्थापक राकेश गंगवाल ने कंपनी में 82 करोड़ डॉलर के शेयरों की बिक्री की है। वर्ष 2024 की पहली तिमाही में अन्य प्रमुख सौदों में हाईवेज इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट द्वारा 75 करोड़ डॉलर का निर्गम, बिड़ला समूह की फर्म ग्रासिम का 48 करोड़ डॉलर का राइट निर्गम और केकेआर तथा कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड द्वारा इंडस टावर्स में 48 करोड़ डॉलर मूल्य की हिस्सेदारी बिक्री शामिल हैं।

एलएसईजी के आंकड़ों के अनुसार निवेश बैंकिंग गतिविधियों से कैलेंडर वर्ष 2024 की पहली तिमाही में कुल शुल्क करीब 2,000 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 27 फीसदी ज्यादा है। मार्केट डेटा ट्रैकर के अनुसार जेफरीज ने भारत में कुल निवेश बैंकिंग शुल्क में सबसे ज्यादा 2.03 करोड़ डॉलर हासिल किए हैं जो कुल शुल्क संग्रह का 8.2 फीसदी है।

First Published - April 7, 2024 | 10:42 PM IST

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