facebookmetapixel
सोना खरीदने का सही समय? UBS बोला- 6,200 डॉलर तक जा सकता है भावSoybean meal import: सोया उद्योग की सरकार से जीएम सोया खली आयात की अनुमति न देने की अपीलAIF के लिए नियम आसान करेगा SEBI, एग्जिट और लिक्विडेशन पर नया प्रस्तावभारत में हायर एजुकेशन में बूम से रियल एस्टेट को मिलेगा दम, अगले एक दशक में होगा 100 अरब डॉलर का निवेश!विश्व की चुनौतियों का समाधान बन रहा भारत, पीएम मोदी बोले- विकास की नई ऊंचाई छू रहा देशBharti Airtel Q3FY26 Results: मुनाफा 55% घटकर ₹6,631 करोड़, Arpu बढ़कर ₹259 पर आयाविदेश मंत्रालय का खंडन: NSA अजीत डोभाल नहीं गए अमेरिका… रुबियो से नहीं हुई कोई मुलाकातSIF में 360 ONE MF की एंट्री, DynaSIF Equity Long-Short Fund लॉन्च; किसके लिए सही निवेश?Suzlon Q3 Results: ₹445 करोड़ का मुनाफा, कमाई बढ़कर ₹4228 करोड़; फिर भी शेयर ने क्यों लगाया 4% का गोता ?भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर तेजी, मिड-मार्च तक औपचारिक समझौते का लक्ष्य: पीयूष गोयल

FPI की बिकवाली जारी, सितंबर में अब तक शेयरों से 7,945 करोड़ रुपये निकाले

FPI Outflow: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा 2025 में शेयरों से अब तक कुल 1.38 लाख करोड़ रुपये की निकासी की गई

Last Updated- September 21, 2025 | 3:20 PM IST
FPI

FPI Outflow: वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनाव के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सितंबर में अब तक भारतीय शेयर बाजार से 7,945 करोड़ रुपये निकाले हैं। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में 34,990 करोड़ रुपये और जुलाई में 17,700 करोड़ रुपये की भारी निकासी के बाद, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा 2025 में शेयरों से अब तक कुल 1.38 लाख करोड़ रुपये की निकासी की गई है।

सितंबर में FPI बिकवाल

आगे की संभावनाओं पर, मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि भारत और अमेरिका से आने वाले वृहद आर्थिक आंकड़े और शुल्क वार्ता में प्रगति, अगले सप्ताह एफपीआई प्रवाह को प्रभावित करेगी। हालांकि, एफपीआई सितंबर में भी बिकवाल बने हुए हैं। 19 सितंबर तक उन्होंने शेयरों से कुल 7,945 करोड़ रुपये की निकासी की है। हालांकि, उनकी कुल बिकवाली कम हुई है।

वास्तव में, पिछले सप्ताह में, वे कुछ समय के लिए शुद्ध खरीदार बन गए, जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर में 0.25% की कटौती की, तो उन्होंने 900 करोड़ रुपये की खरीदारी की।

Also Read: Market Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजार पर H-1B वीजा फीस बढ़ोतरी, GST राहत और ट्रेड वार्ता का दिखेगा असर

फेड की ब्याज कटौती से हुई कुछ खरीदारी

एंजल वन लिमिटेड के वरिष्ठ बुनियादी विश्लेषक वकारजावेद खान ने कहा, ‘‘इस सप्ताह एफपीआई ने फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती के बाद 900 करोड़ रुपये की लिवाली की। 2025 में दो और कटौती की उम्मीद है, जिससे वैश्विक बाजार में तरलता में काफी सुधार हो सकता है। हालांकि, एफपीआई सितंबर में शुद्ध बिकवाल बने हुए हैं।’’

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रमुख, प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि विदेशी निवेशकों ने इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में थोड़ी वापसी की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नरम रुख, अमेरिका-भारत व्यापार विवाद में कमी और भारत के स्थिर वृहद आर्थिक दृष्टिकोण से माहौल में सुधार हुआ। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि वैश्विक अनिश्चितताएं और भू-राजनीतिक जोखिम प्रवाह को प्रभावित कर रहे हैं।

FPI ने बॉन्ड बाजार में निवेश किया

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि भारत में एफपीआई की बिक्री के साथ-साथ हांगकांग, ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे अन्य एशियाई बाजारों में खरीदारी भी हुई है। यह एक ऐसी रणनीति है जो इस साल अब तक फायदेमंद रही है। उन्होंने आगे कहा, ‘‘भविष्य में यह स्थिति बदल सकती है।’’

Also Read: MCap: टॉप 7 कंपनियों का मार्केट कैप बढ़ा; Reliance, TCS, Airtel और SBI ने शेयर बाजार में मचाया धमाल

दूसरी ओर, समीक्षाधीन अवधि में एफपीआई ने ऋण या बॉन्ड बाजार में निवेश किया है। एफपीआई ने बॉन्ड में सामान्य सीमा के तहत लगभग 900 करोड़ रुपये और स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग से 1,100 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

First Published - September 21, 2025 | 3:14 PM IST

संबंधित पोस्ट