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Bajaj Housing Finance IPO: BHFL आईपीओ को देखकर हाउसिंग फाइनेंस शेयरों का न करें पीछा, एनालिस्ट्स ने दी ये सलाह

Housing Finance Stocks: एनालिस्ट्स का मानना है कि यह रिस्पांस 'ब्रांड बजाज' से अधिक जुड़ा है, बजाय इसके कि निवेशकों का हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर के प्रति सामान्य धारणा से।

Last Updated- September 12, 2024 | 9:19 PM IST
housing finance stocks

Bajaj Housing Finance IPO and Housing Finance Companies’ share: बजाज हाउसिंग फाइनेंस के आईपीओ को मिले शानदार रिस्पांस के बाद हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के शेयरों में उछाल देखने को मिल रहा है। एनालिस्ट्स का मानना है कि यह तेजी थोड़ी समय के लिए दिखेगी यानी इसका असर शॉर्ट टर्म के लिए ही होगा। एनालिस्ट्स ने निवेशकों को सलाह दी कि वे इंडिविजुअल कंपनियों के फंडामेंटल्स पर फोकस करें और लॉन्ग टर्म मुनाफे (long term gain) के लिए गिरावट पर शेयर खरीदें।

वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के डायरेक्टर-इक्विटी, क्रांति बठिनी (Kranthi Bathini) ने कहा, ‘बजाज हाउसिंग फाइनेंस के आईपीओ को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया से सेक्टर से जुड़े शेयरों में थोड़ी बहुत हलचल हो सकती है, लेकिन लॉन्ग टर्म के नजरिये से सब कुछ फंडामेंटल्स और अर्निंग ग्रोथ पर निर्भर करता है।’

ज्यादातर हाउसिंग फाइनेंस शेयर (housing finance stocks) अपने फेयर वैल्यू के करीब ट्रेड कर रहे हैं। इसलिए, वे कंपनियां जो अपने मार्जिन और एसेट क्वालिटी को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकेंगी, वही बेहतर रिटर्न प्रदान कर पाएंगी।

Bajaj Housing के DRHP फाइल करते ही आई तेजी

बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने 14 जून 2024 को सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया था। तब से शेयर बाजार में हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के शेयर मिले-जुले भाव पर कारोबार कर रहे हैं।

पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस (PNB Housing Finance Share Price) का शेयर तब से 33 प्रतिशत बढ़ा है, इसके बाद इंडिया शेल्टर फाइनेंस कॉर्प (8.3 प्रतिशत), आधार हाउसिंग फाइनेंस (4 प्रतिशत), कैनफिन होम्स/CanFin Homes (3.67 प्रतिशत), और होम फर्स्ट फाइनेंस (3.4 प्रतिशत) की तेजी देखी गई है।

इसके विपरीत, हडको (Hudco) में 13 प्रतिशत, एप्टस वैल्यू हाउसिंग फाइनेंस (Aptus Value Housing Finance) में 8 प्रतिशत, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस (LIC Housing Finance) में 7.6 प्रतिशत और जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस (GIC Housing Finance) में 5.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

तुलनात्मक रूप से, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर निफ्टी 50 में 6.2 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (Nifty Financial Services) में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस: एक ‘ब्रांडेड’ IPO

बुधवार यानी 11 सितंबर को बजाज हाउसिंग फाइनेंस दूसरा ऐसा IPO बना, जिसके निवेशकों की तरफ से लगाई गई बोलियों ने ऑफर किए गए शेयरों को बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया। 6,560 करोड़ रुपये के इस ऑफर को 3.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां प्राप्त हुईं। 2008 में, रिलायंस पावर (Reliance Power) के 11,563 करोड़ रुपये के IPO को 7.5 लाख करोड़ रुपये की बोलियां मिली थीं।

एनालिस्ट्स का मानना है कि यह रिस्पांस ‘ब्रांड बजाज’ से अधिक जुड़ा है, बजाय इसके कि निवेशकों का हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर के प्रति सामान्य धारणा से।

PL इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के कॉरपोरेट फाइनेंस डायरेक्टर निपुण लोधा ने कहा, ‘बजाज हाउसिंग फाइनेंस IPO को निवेशकों से भारी मांग मिली। मुख्य रूप से इसके बजाज फाइनेंस से संबंध की वजह से। बजाज हाउसिंग फाइनेंस की पैरेंट नॉन-बैंक फाइनेंस कंपनी (NBFC) एक बड़ी, मार्केट में काफी जानी मानी और काफी रिटेल पहुंच वाली कंपनी है। IPO के प्रति उत्साह और पर्याप्त नकदी (sufficient liquidity) को एक कारण माना जा सकता है, लेकिन बजाज ग्रुप की इस हाउसिंग फाइनेंस ब्रांच का स्टेबल मैनेजमेंट भी प्रमुख भूमिका निभा रहा है।’

एनालिस्ट्स का यह भी मानना है कि इश्यू की फेयर वैल्यू, मैनेजमेंट के मजबूत बिजनेस प्रोजेक्शन के साथ मिलकर, ऑफर के आसपास के सेंटिमेंट को सहायता मिली है। उनका मानना है कि बजाज हाउसिंग फाइनेंस IPO का प़ॉजिटिव असर अन्य हाउसिंग फाइनेंसरों के मुकाबले पहले ही हो चुका है और आगे की तेजी अर्निंग ग्रोथ में वृद्धि तय करेगी।’

ग्लोबल ब्रोकरेज नोमुरा की एनालिसिस के अनुसार, 10-वर्षीय गवर्नमेंट सिक्योरिटीज (G-sec) और रेपो रेट के बीच का अंतर 1.2 प्रतिशत के लॉन्द टर्म एवरेज के मुकाबले घटकर 0.4 प्रतिशत पर आ गया है। इससे संकेत मिलता है कि बॉन्ड मार्केट भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से प्रमुख दर कटौती की उम्मीद कर रहा है।

नोमुरा ने शेयर टारगेट प्राइस में क्या किया बदलाव

नोमुरा को उम्मीद है कि 50-बेसिस पॉइंट (0.5%) की रेपो रेट में कटौती होगी और बजाज फाइनेंस (कंसोलिडेटेड) की फंड की लागत FY26 तक 25 बेसिस पॉइंट से सुधरेगी। LIC Housing के लिए 23 बेसिस पॉइंट और CIFC के लिए 28 बेसिस पॉइंट का सुधार होगा।

नोमुरा ने बजाज फाइनेंस का टारगेट प्राइस (Bajaj Housing Finance Share Target Price) को बढ़ाकर 7,500 रुपये (Nutral), बजाज फिनसर्व का 1,930 रुपये (Buy), और CIFC का 1,300 रुपये (Reduce) किया है। LIC हाउसिंग का टारगेट प्राइस (LIC Housing Finance Share Target Price) घटाकर 700 रुपये (Nutral) किया गया है, जबकि आधार हाउसिंग फाइनेंस के लिए शेयर टारगेट प्राइस 550 रुपये दिया है और Buy रेटिंग बनाए रखा है।

First Published - September 12, 2024 | 3:41 PM IST

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