facebookmetapixel
Advertisement
Delhi Power Demand: भीषण गर्मी ने बढ़ाई बिजली की मांग, दिल्ली में मई में टूटे बिजली की मांग सारे रिकॉर्डक्या होर्मुज से हटेगी नाकेबंदी? ट्रंप बोले: या तो होगी आर-पार की डील या फिर नहीं होगा कोई समझौताक्या अभी बॉन्ड खरीदने का सही समय? Axis MF को उम्मीद RBI ने सख्ती नहीं बढ़ाई तो आ सकती है तेजीITR Filing FY26: गलत फॉर्म भरा तो मिल सकता है नोटिस, जानें सही फॉर्म कैसे चुनेंSuzlon Energy Q4 Results: मुनाफा मामूली घटकर ₹1,114 करोड़ रहा, लेकिन सालाना कमाई ने तोड़े रिकॉर्डपश्चिम एशिया संकट से इंडिया इंक पर दबाव, कंपनियों का घटेगा मुनाफा!जल्दी रिफंड पाने के लिए 15 जून से पहले ITR भरने की सोच रहे हैं? एक्सपर्ट्स ने कहा: ठहरिए! यह बहुत रिस्कीम्युचुअल फंड के बदले लोन लेना कितना सही? फायदे, जोखिम और जरूरी बातें समझेंभारत, ब्राजील और अमेरिका कारोबार से Torrent Pharma को फायदा, ब्रोकरेज ने दिया ₹5,230 तक का टारगेटNPS में बड़े बदलाव की तैयारी? कम जोखिम और स्थिर रिटर्न पर फोकस, नए निवेश व गारंटीड पेंशन पर विचार

ऑफशोर फंडों, ETF में चौथी तिमाही में ​​हुआ 80.3 करोड़ डॉलर निवेश

Advertisement
Last Updated- May 17, 2023 | 11:30 PM IST
ETF

लगातार 17 तिमाहियों तक बिकवाली के बाद, भारत-केंद्रित ऑफशोर फंडों और एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ETF) को अब लगातार तीन तिमाहियों में शुद्ध पूंजी प्रवाह (net inflow) हासिल हुआ है। इससे भारतीय बाजारों के प्रति विदेशी निवेशकों के सकारात्मक रुख का संकेत मिल रहा है।

मॉर्निंगस्टार ऑफशोर फंड स्पाई की ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछली तीन तिमाहियों (अक्टूबर 2022 और मार्च 2023 के बीच) में, ऑफशोर फंडों और ETF ने 1.8 अरब डॉलर का निवेश हासिल किया।

विश्लेषकों ने इसके लिए भारतीय बाजार के मूल्यांकन में सुधार और मजबूत बुनियादी आधार के प्रति विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के सकारात्मक रुख को जिम्मेदार माना है।

जियोजित फाइनैं​​शियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ‘FPI की नीति में बड़ा बदलाव भारत के प्रति सकारात्मक रुझान का स्पष्ट संकेत है। हाल में, FPI महंगे मूल्यांकन और चीन द्वारा पैदा किए गए अवसरों तथा द​क्षिण कोरिया, हांगकांग और ताइवान में अपेक्षाकृत कम मूल्यांकन की वजह से भारत में लगातार बिकवाल बने हुए थे। लेकिन अब हालात बदल गए हैं और भारत फिर से FPI के लिए पसंदीदा बाजार बन गया है।’

मॉर्निंगस्टार की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत-केंद्रित ऑफशोर ईटीएफ (offshore ETFs) में पूंजी प्रवाह ऐसे समय में मजबूत बना हुआ है, जब भारतीय इ​क्विटी बाजार को वित्त वर्ष 2023 की आखिरी तिमाही में ज्यादातर समय दबाव का सामना करना पड़ा। इसके अलावा अदाणी समूह कंपनियों की राह में पैदा हुईं चुनौतियों से भी बाजार को झटका लगा, जिससे भारतीय इ​क्विटी बाजारों में बड़ी गिरावट को बढ़ावा मिला।

Also read: छोटे निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए IPO की चमक जरूरी

ETF के बाद, आईशेयर्स एमएससीआई इंडिया ईटीएफ (iShares MSCI India ETF) को करीब 22.7 करोड़ डॉलर का सर्वा​धिक शुद्ध पूंजी प्रवाह मिला।

रिपोर्ट के अनुसार, ऑफशोर फंडों और ईटीएफ का प्रदर्शन दीर्घाव​धि में काफी हद तक मिश्रित रहा है।

Advertisement
First Published - May 17, 2023 | 8:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement