facebookmetapixel
Advertisement
मौजूदा स्तर से 33% चढ़ेगा हॉस्पिटल कंपनी का शेयर! ब्रोकरेज ने कहा- वैल्यूएशन है अच्छा; न चूकें मौकाGold Silver Price Today: सोने चांदी की कीमतों में उछाल, खरीदारी से पहले चेक करें आज के दामMSCI में फेरबदल: IRCTC इंडेक्स से बाहर, L&T Finance समेत इन स्टॉक्स में बढ़ सकता है विदेशी निवेशQ3 नतीजों के बाद 50% से ज्यादा चढ़ सकता है रेस्टोरेंट कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज बोले – लगाओ दांवसेना के हथियारों पर अब भारत का पूरा नियंत्रण, नई रक्षा नीति से बदलेगा डिफेंस सिस्टमनिफ्टी के उतार-चढ़ाव के बीच NTPC और CPSE ETF में बना मौका, ब्रोकरेज ने बताए टारगेटFractal Analytics IPO GMP: फ्लैट लिस्टिंग की ओर इशारा कर रहे शेयर, निवेश का आज आखिरी मौका; सब्सक्राइब करें ?अब आधार से बनेगा स्टार्टअप इकोसिस्टम! UIDAI शुरू कर सकता है खास फंडबजाज ऑटो, टाटा स्टील और डीमार्ट- तीनों में उछाल की तैयारी? मोतीलाल ओसवाल ने बताए टारगेटStock Market Update: शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स 100 अंक ऊपर; निफ्टी 26 हजार के करीब

SEBI ने अफवाह को लेकर नियमों के अनुपालन की समयसीमा बढ़ाई

Advertisement

100 अग्रणी लिस्टेड कंपनियों को अब मीडिया की रिपोर्ट की पुष्टि, इनकार या सत्यापन 1 जून से करना होगा।

Last Updated- January 25, 2024 | 9:52 PM IST
SEBI

बाजार नियामक सेबी ने अफवाह सत्यापन के नियमों के अनुपालन की समयसीमा बढ़ाकर 1 जून कर दी है। पहल यह समयसीमा 1 फरवरी तय की गई थी। इंडियन स्टैंडर्ड फोरम (आईएसएफ) के अपना पक्ष रखने और इससे जुड़े अन्य प्रस्ताव पर टिप्पणी के बाद सेबी ने समयसीमा में विस्तार किया है।

100 अग्रणी सूचीबद्ध कंपनियों को अब मीडिया की रिपोर्ट की पुष्टि, इनकार या सत्यापन 1 जून से करना होगा। वहीं 250 अग्रणी कंपनियों के लिए यह समयसीमा अब दिसंबर की गई है। सेबी ने गुरुवार को जारी परिपत्र में यह जानकारी दी है।

कंपनियों को दूसरी बार समयसीमा में विस्तार मिला है। इससे पहले अक्टूबर 2023 में इसे लागू होना था। कंपनियों की आपत्तियों के बाद बाजार नियामक ने आईएसएफ का गठन किया था, जिसकी सिफारिशें दिसंबर 2023 में जारी परामर्श पत्र में शामिल की गईं।

सूत्रों ने कहा कि बाजार नियामक फरवरी की बोर्ड बैठक में समीक्षा के लिए सुझाव लेगा। बोर्ड के फैसले के आधार पर नियमन में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। परामर्श पत्र में सेबी ने प्रस्ताव रखा है कि सत्यापन तभी होगा जब शेयर कीमतों पर अहम असर पड़े। लेकिन इसके साथ ही बेंचमार्क सूचकांकों- निफ्टी व सेंसेक्स की चाल को भी ध्यान में रखा जाएगा।

कीमत की चाल उस प्रतिभूति के कीमत दायरे के आधार पर तय की जाएगी। उच्च कीमत दायरे में आने वाले शेयरों के लिए कम प्रतिशत की बढ़त या गिरावट को अहम माना जाएगा, वहीं कम कीमत दायरे वालों के लिए उच्च मूल्यांकन को अहम माना जाएगा।

सेबी ने प्रस्ताव रखा है कि कीमत पर असर के बाद 24 घंटे के भीतर सूचीबद्ध कंपनी को इसकी पुष्टि या इनकार करना होगा, जबकि पहले मुख्यधारा की मीडिया में रिपोर्टिंग के 24 घंटे के बाद ऐसा किया जाना था।
बाजार नियामक ने यह प्रस्ताव भी रखा है कि अफवाह के बारे में प्रवर्तकों, निदेशकों और अहम अधिकारियों को सही और समयबद्ध प्रतिक्रिया देनी होगी, न कि सूचीबद्ध फर्म को।

Advertisement
First Published - January 25, 2024 | 9:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement