facebookmetapixel
Budget 2026 में रिसाइक्लिंग इंडस्ट्री की सरकार से मांग: GST कम होगा तभी उद्योग में आएगी तेजी27 जनवरी को बैंक हड़ताल से देशभर में ठप होंगी सरकारी बैंक सेवाएं, पांच दिन काम को लेकर अड़े कर्मचारीऐतिहासिक भारत-EU FTA और डिफेंस पैक्ट से बदलेगी दुनिया की अर्थव्यवस्था, मंगलवार को होगा ऐलानइलेक्ट्रिक टू व्हीलर कंपनियों ने सरकार से की मांग: PM E-Drive सब्सिडी मार्च 2026 के बाद भी रहे जारीसुरक्षित निवेश और कम सप्लाई: क्यों सोने की कीमत लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है?Budget decoded: सरकार की योजना आपके परिवार की आर्थिक स्थिति को कैसे प्रभावित करती है?गणतंत्र दिवस पर दिखी भारत की सॉफ्ट पावर, विदेशी धरती पर प्रवासी भारतीयों ने शान से फहराया तिरंगाIndia-EU FTA पर मुहर की तैयारी: कपड़ा, जूते-चप्पल, कार और वाइन पर शुल्क कटौती की संभावनाBudget 2026 से इंश्योरेंस सेक्टर को टैक्स में राहत की उम्मीद, पॉलिसीधारकों को मिल सकता है सीधा फायदा!Budget 2026 से बड़ी उम्मीदें: टैक्स, सीमा शुल्क नियमें में सुधार और विकास को रफ्तार देने पर फोकस

RIL, Tata Motors, Titan: निफ्टी के 50% से ज्यादा स्टॉक्स 200-DMA के नीचे, आगे क्या होगा?

सितंबर 2024 में 26,277 के हाई से निफ्टी अब तक 11% गिर चुका है और अब यह 'करेक्शन' फेज में है।

Last Updated- November 18, 2024 | 9:45 PM IST
Closing Bell: Due to profit booking, stock market slipped from record high, Sensex fell 264 points; Nifty closed at 26,178 मुनाफावसूली के चलते शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसला, Sensex 264 अंक टूटा; Nifty 26,178 पर बंद

सोमवार 18 नवंबर को निफ्टी 50 इंडेक्स अपने 200-डे मूविंग एवरेज (200-DMA) के नीचे बना रहा। दिन के दौरान निफ्टी ने 23,350 का लो छुआ, जबकि इसका 200-DMA 23,560 पर है। आंकड़ों के अनुसार, निफ्टी के 50 में से 27 शेयर इस स्तर के नीचे कारोबार कर रहे हैं। सितंबर 2024 में 26,277 के हाई से निफ्टी अब तक 11% गिर चुका है और अब यह ‘करेक्शन’ फेज में है।

200-DMA क्यों है महत्वपूर्ण?

200-DMA किसी भी स्टॉक या इंडेक्स के लिए लंबी अवधि का एक अहम टेक्निकल लेवल माना जाता है। यदि कोई स्टॉक या इंडेक्स 200-DMA के ऊपर ट्रेड करता है, तो इसे पॉजिटिव रुझान (अपट्रेंड) में माना जाता है। वहीं, 200-DMA के नीचे ट्रेड करना कमजोरी (डाउनट्रेंड) का संकेत है।

कमजोरी के प्रमुख कारण

वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के क्रांति बथिनी के अनुसार, निफ्टी के कई बड़े शेयर कमजोर Q2FY25 नतीजों के कारण दबाव में हैं। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार पर और दबाव डाला है। जिन प्रमुख शेयरों ने 200-DMA के नीचे कारोबार किया, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, अदानी एंटरप्राइजेज, बजाज ऑटो, बजाज फिनसर्व, हीरो मोटोकॉर्प, मारुति, टाटा मोटर्स, लार्सन एंड टूब्रो (L&T), एनटीपीसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) शामिल हैं।

टेक्निकल विश्लेषण:

एक्सिस सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड अक्षय चिंचालकर के मुताबिक, निफ्टी 50 फिलहाल 200-DMA के पास ट्रेड कर रहा है, जहां 23,500 के आसपास इसे सपोर्ट मिलता दिख रहा है। उन्होंने कहा, “हाल ही में निफ्टी में डोजी कैंडल जैसा पैटर्न दिखा है, जिससे बिकवाली का दबाव थोड़ा कम हुआ है। लेकिन निफ्टी को मजबूती के लिए 23,676 का गुरुवार का हाई पार करना होगा। अगर ऐसा नहीं होता, तो यह 23,200-23,300 के सपोर्ट लेवल तक गिर सकता है। फिलहाल, डेली और वीकली मोमेंटम अभी भी कमजोर है।”

ब्रॉडर इंडेक्स में भी कमजोरी:

निफ्टी मिडकैप 150 के 88, निफ्टी स्मॉलकैप 250 के 122 और निफ्टी 500 के 273 शेयर 200-DMA के नीचे ट्रेड कर रहे हैं। यह बताता है कि एनएसई के करीब 50% स्टॉक्स अपने लॉन्गटर्म औसत से नीचे हैं, जो बाजार में व्यापक कमजोरी का संकेत है।

विशेषज्ञों की राय:

कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान का मानना है कि निफ्टी का 23,500 और सेंसेक्स का 77,400 का स्तर बाजार के लिए अहम सपोर्ट का काम करेगा। उन्होंने कहा, “इन स्तरों के ऊपर बाजार में एक टेक्निकल पुलबैक रैली देखने को मिल सकती है। निफ्टी 23,800-24,000 और सेंसेक्स 78,500-79,000 के स्तर तक जा सकता है। हालांकि, अगर ये स्तर टूटते हैं, तो बाजार निफ्टी के लिए 23,200-23,300 और सेंसेक्स के लिए 77,000-76,600 तक फिसल सकता है।”

First Published - November 18, 2024 | 7:34 PM IST

संबंधित पोस्ट