facebookmetapixel
Advertisement
क्या चावल निर्यात कर भारत बेच रहा है अपना पानी? BS ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने उठाए गंभीर सवालBS Manthan में बोले एक्सपर्ट्स: निर्यात प्रतिबंध-नीतिगत अनिश्चितता से कृषि को चोट, स्थिरता की जरूरतसुमंत सिन्हा का दावा: सिर्फ क्लाइमेट चेंज नहीं, अब ‘जियोपॉलिटिक्स’ बढ़ाएगी भारत में क्लीन एनर्जी की रफ्तारBS Manthan में बोले जोशी: अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक $350 अरब के निवेश से रोशन होगा भारतइक्विटी SIP निवेश में गिरावट, अस्थिर बाजार के बीच निवेशकों का रुझान बदलाशेखर कपूर की भविष्यवाणी: अब निर्देशक नहीं, दर्शक और AI मिलकर लिखेंगे फिल्मों की कहानी‘EV सेक्टर में आएगा बड़ा उछाल’, BS ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने कहा: चुनौतियों के बावजूद रफ्तार है बरकरारBS Manthan 2026: R&D को प्रोत्साहन से एडवांस व महंगी वस्तुओं के विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा‘रणनीतिक स्वायत्तता के लिए सैन्य ताकत बढ़ाना जरूरी’, बिज़नेस स्टैंडर्ड ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने ऐसा क्यों कहा?AI संप्रभुता पर जोर: BS Manthan समिट में एक्सपर्ट्स ने स्वदेशी मॉडल और डेटा नियंत्रण को बताया जरूरी

RIL का शेयर 15 महीने के निचले स्तर पर – क्या गिरावट थमेगी या सफर और लंबा होगा? देखें टेक्निकल चार्ट

Advertisement

जनवरी के अंत से अब तक यह 8.5% गिर चुका है और जुलाई 2024 में अपने ऑल-टाइम हाई ₹1,609 से 28.2% नीचे आ चुका है।

Last Updated- March 04, 2025 | 8:18 PM IST
Reliance Industries - RIL

रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) का शेयर इस साल एक अजीब लड़ाई लड़ रहा था – कभी ऊपर जाने की कोशिश करता, तो कभी फिर से नीचे गिर जाता। लेकिन फरवरी के दूसरे हिस्से में, इसने आखिरकार हार मान ली और सीधा नीचे की ओर दौड़ लगा दी! जनवरी के अंत से अब तक यह 8.5% गिर चुका है और जुलाई 2024 में अपने ऑल-टाइम हाई ₹1,609 से 28.2% नीचे आ चुका है।

इतनी बड़ी गिरावट क्यों?

सोमवार को रिलायंस का शेयर 15 महीने के निचले स्तर पर आ गया। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि 11 साल में पहली बार इसने अपने सुपर ट्रेंड लाइन सपोर्ट को तोड़ दिया है। पिछली बार ऐसा अप्रैल 2014 में हुआ था। अब तक यह ₹1,200 के सपोर्ट पर टिके रहने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पिछले दो दिनों से यह लगातार इसके नीचे ट्रेड कर रहा है। अगर इस महीने का अंत भी इसी लेवल के नीचे होता है, तो रिलायंस के 11 साल के लॉन्ग-टर्म अपट्रेंड का खेल खत्म हो सकता है।

सरकार ने भेजा ₹23,000 करोड़ का नोटिस

इस सबके बीच एक और बड़ा झटका – सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रिलायंस और उसके विदेशी पार्टनर्स BP एक्सप्लोरेशन (अल्फा) और NIKO (NECO) को $2.81 बिलियन (लगभग ₹23,000 करोड़) का नोटिस थमा दिया। ये विवाद ओएनजीसी के ब्लॉक्स से रिलायंस के KG-D6 ब्लॉक में गैस माइग्रेशन से जुड़ा है।

अब आगे क्या?

मौजूदा प्राइस: ₹1,167
संभावित गिरावट: 19.9%
जरूरी सपोर्ट लेवल: ₹1,135, ₹1,107 और ₹1,000
जरूरी रेजिस्टेंस लेवल: ₹1,175 और ₹1,260

फिलहाल, रिलायंस के शेयर का ट्रेंड पूरी तरह नेगेटिव दिख रहा है। जब तक यह ₹1,175 के नीचे रहेगा, इसमें दबाव बना रहेगा। और अगर यह ₹1,260 के ऊपर नहीं जाता, तो लॉन्ग-टर्म में भी इसकी हालत पतली रह सकती है।

सबसे बुरा हाल क्या होगा?

अगर गिरावट जारी रही, तो स्टॉक ₹1,065 तक फिसल सकता है। और अगर हालात और बिगड़े, तो यह सीधा ₹935 तक जा सकता है, जो करीब 4 साल का सबसे निचला स्तर होगा।

Advertisement
First Published - March 4, 2025 | 8:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement