facebookmetapixel
Advertisement
मणिपाल पेमेंट IPO लिस्टिंग: कमजोर शुरुआत, NSE पर 2.65% डिस्काउंट पर लिस्ट; फिर 4% से ज्यादा टूटा शेयरLCC प्रोजेक्ट IPO लिस्टिंग: शेयरों की दमदार एंट्री, 31% से ज्यादा प्रीमियम पर लिस्टस्टीमहाउस इंडिया IPO लिस्टिंग: 16.67% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ शेयर, फिर ₹100 के करीब पहुंचा भावKaramtara IPO Listing: पहले ही दिन निवेशकों की बल्ले-बल्ले! ₹254 वाला शेयर ₹320 पर लिस्ट, मिला 26% प्रीमियमRentomojo IPO की शानदार लिस्टिंग! ₹482.45 पर शेयरों की एंट्री, निवेशकों को मिला 19% प्रीमियमARCIL IPO Listing: ₹139 पर सपाट लिस्टिंग, फिर 4% से ज्यादा टूटा शेयर; GMP दे रहा था 8.6% फायदे का संकेतNSE IPO का वैल्यूएशन: Nasdaq से लेकर BSE तक, किसके मुकाबले कहां खड़ा है NSE?रूस से तेल खरीदना भारत को पड़ेगा भारी? US House ने पास किया बिल, 100% टैरिफ का मंडराया खतराअगस्त में म्युचुअल फंड का पैसा किधर गया? इंश्योरेंस समेत इन 5 सेक्टरों में बढ़ा निवेश, यूटिलिटीज समेत इन 5 में घटाकच्चे तेल में गिरावट जारी, WTI $102 और Brent $105 के करीब; जानें क्यों घट रहे भाव

ज्यादा ULIP बेचने से LIC के मार्जिन पर दबाव

Advertisement

विश्लेषकों को कमजोर मार्जिन प्रोफाइल की वजह से कंपनी की आरओईवी नरम रहने का अनुमान है

Last Updated- February 13, 2023 | 11:40 PM IST
LIC Chairman: Siddharth Mohanty appointed new chairman of LIC, will hold the post till 2025
Creative Commons license

नॉन-पार बुक में वृद्धि के बावजूद भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के नए व्यावसायिक वैल्यू (वीएनबी) मार्जिन में ज्यादा सुधार नहीं आया है। इसकी वजह यह है कि बीमा कंपनी ने इस अवधि के दौरान यूनिट-लिंक्ड बीमा योजनाएं (ULIP) की ज्यादा बिक्री की, जिनमें अक्सर नॉन-पार बचत योजनाओं के मुकाबले कम मार्जिन मिलता है।

बीमा कंपनी का वीएनबी मार्जिन वित्त वर्ष 2023 के 9 महीनों में 14.6 प्रतिशत रहा। प्रतिस्पर्धा की वजह से अगस्त 2022 में एन्युटी दरों में किए गए संशोधन से भी मार्जिन प्रभावित हुआ था। हालांकि LIC प्रबंधन को मार्जिन पर दबाव की भरपाई एनुअल प्रीमियम इक्विलेंट (एपीई) में वृद्धि से हो जाने की संभावना है। इसकी वजह से संपूर्ण वीएनबी बढ़ने का अनुमान है।

आंकड़े के अनुसार, पार-सेगमेंट में LIC का मार्जिन वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही के 10.6 प्रतिशत से सुधरकर 11 प्रतिशत हो गया। वहीं नॉन-पार सेगमेंट के लिए यह घटकर 63.6 प्रतिशत रह गया, जो पहली छमाही में 68.7 प्रतिशत था। समूह सेगमेंट में, मार्जिन वित्त वर्ष 2023 के पहले 9 महीनों में नरम पड़कर 12.3 प्रतिशत रहा।

LIC के अध्यक्ष एम आर कुमार ने तिमाही परिणाम के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, ‘हम हर तिमाही नॉन-पार श्रेणी में बदलाव दर्ज कर सकते हैं। हमें एक से दो साल का आकलन करने की जरूरत होगी। फिलहाल, हमने नॉन-पार योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया है। ग्राहक पसंद के आधार पर यह बदलाव आएगा कि वे एन्युटी, यूलिप या टर्म प्लान में से किसकी खरीदारी ज्यादा करना चाहेंगे।’

यह भी पढ़ें : NCLT ने Yes Bank की याचिका स्वीकार की, Zee Learn के खिलाफ दिवाला कार्रवाई का निर्देश

उन्होंने कहा कि एलआईसी निजी क्षेत्र की प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले ज्यादा जल्द 25 प्रतिशत मार्जिन तक पहुंच जाएगी। कुमार ने कहा, ‘हम बहुत कम समय में 9 प्रतिशत से 14.6 प्रतिशत पर पहुंच गए हैं।’

Advertisement
First Published - February 13, 2023 | 11:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement