facebookmetapixel
27 जनवरी को देशभर में बैंक हड़ताल! 8 लाख बैंक कर्मी क्यों ठप रखेंगे कामकाज?PhonePe IPO: वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट बेचेंगे ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की हिस्सेदारीनिफ्टी की रफ्तार पर ब्रेक! PL कैपिटल ने घटाया टारगेट, बैंक से डिफेंस तक इन सेक्टरों पर जताया भरोसाबजट से पहले बड़ा संकेत! डिफेंस और इंफ्रा बनेंगे गेमचेंजर, निफ्टी को भी मिल सकती है नई रफ्तारगिरा तो खरीदो! एक्सपर्ट बोले- सोने की चमक और तेज होगी, ₹2.3 लाख तक जा सकता है भावShadowfax IPO को अप्लाई करने का आखिरी मौका, दांव लगाए या नहीं? ग्रे मार्केट यह दे रहा इशारा52% चढ़ सकता है, Eternal के शेयर पर ब्रोकरेज का बड़ा अपडेट; Q3 में 73% उछल गया मुनाफाGold and Silver Price Today: सोने की कीमतों में नरमी, चांदी में बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआतरूस से दूरी, पश्चिम एशिया से नजदीकी: भारतीय तेल आयात में बड़ा बदलावबैंकों का भरोसा बढ़ा, वाणिज्यिक क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश

बजट से पहले इस हैवीवेट स्टॉक में BUY का मौका, नुवामा ने 30% से ज्यादा अपसाइड ​का दिया टारगेट

नुवामा का मानना है कि ITC का सिगरेट कारोबार FY24 और FY25 में लगभग 3% की वृद्धि दर्ज कर सकता है।

Last Updated- January 21, 2025 | 5:21 PM IST
Share Market

केंद्र सरकार का बजट 1 फरवरी 2025 को आने वाला है, और इससे पहले ITC के निवेशक काफी सतर्क हो गए हैं। खासकर सिगरेट पर टैक्स बढ़ने की अटकलों ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म नुवामा की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि 1 फरवरी 2025 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट में सिगरेट पर भारी टैक्स बढ़ोतरी की संभावना कम है। रिपोर्ट के मुताबिक, सिगरेट पर पहले ही पिछले साल टैक्स बढ़ाया जा चुका है और शहरी इलाकों में आर्थिक मंदी के बावजूद वैध सिगरेट की बिक्री में 3% की वृद्धि दर्ज हुई है। ऐसे में सरकार बड़े टैक्स बढ़ोतरी का फैसला लेने से बच सकती है।

रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि अगर टैक्स में दो अंकों की बढ़ोतरी की जाती है, तो इससे सरकार का राजस्व घट सकता है। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि वैध सिगरेट की बिक्री प्रभावित होगी और इसका फायदा अवैध कारोबार उठाएगा। नुवामा का कहना है कि सिगरेट पर ज्यादा टैक्स लगाने से तंबाकू के अवैध उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे सरकार को नुकसान उठाना पड़ेगा।

पिछले अनुभव: ज्यादा टैक्स का उल्टा असर

पिछले अनुभवों का हवाला देते हुए रिपोर्ट बताती है कि FY13 से FY17 के दौरान सिगरेट पर टैक्स में सालाना 15.7% की दर से बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन राजस्व केवल 4.7% की दर से बढ़ा। इसके बाद FY18 से FY20 के बीच टैक्स स्थिर रखा गया, जिससे राजस्व में 10% की वृद्धि हुई। FY21 में टैक्स बढ़ने के बाद सिगरेट की कीमतों में 9-15% की बढ़ोतरी हुई, जिसका असर बाजार पर नकारात्मक रहा।

वैध सिगरेट की खपत में गिरावट एक बड़ी चिंता का विषय है। भारत में कुल तंबाकू खपत में वैध सिगरेट की हिस्सेदारी 1981 में 21% थी, जो अब घटकर सिर्फ 8% रह गई है। इसके बावजूद, तंबाकू उद्योग से होने वाले कुल राजस्व का 80% से ज्यादा हिस्सा वैध सिगरेट से आता है।

ITC का सिगरेट और FMCG कारोबार

नुवामा का मानना है कि ITC का सिगरेट कारोबार FY24 और FY25 में लगभग 3% की वृद्धि दर्ज कर सकता है। Q3FY25 में सिगरेट सेगमेंट में 3.5% की वृद्धि और राजस्व में 7.5% की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, कच्चे माल की महंगाई के कारण मार्जिन पर हल्का दबाव रह सकता है। दूसरी तरफ, FMCG कारोबार कमजोर प्रदर्शन कर रहा है। Q3FY25 में FMCG सेगमेंट के मुनाफे में 10% की गिरावट का अनुमान है, जबकि बिक्री में केवल 3% की बढ़त हो सकती है।

क्या कहती है नुवामा की रेटिंग?

नुवामा ने ITC पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है और कंपनी का टारगेट प्राइस 571 रुपये तय किया है। जो आज के बंद 437.95 रुपये से लॉन्ग टर्म में 30.38 फीसदी का अपसाइड है। इसमें होटल कारोबार के डिमर्जर से होने वाले फायदों को भी शामिल किया गया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि ITC का कृषि कारोबार सुधर रहा है और कंपनी अच्छा डिविडेंड दे रही है, जिससे यह निवेश के लिए बेहतर विकल्प बनती है।

First Published - January 21, 2025 | 5:21 PM IST

संबंधित पोस्ट