facebookmetapixel
माघ मेले में शंकराचार्य के स्नान को लेकर घमासान, प्रशासन ने भेजा दूसरा नोटिस; यूपी सीएम का तंजMotilal Oswal MF ने उतारा नया फाइनेंशियल सर्विसेज फंड, ₹500 से निवेश शुरू; किसे करना चाहिए निवेशBudget 2026: रियल एस्टेट की बजट में होम लोन ब्याज छूट व अफोर्डेबल हाउसिंग सीमा बढ़ाने की मांगIndiGo Q3FY26 Results: फ्लाइट कैंसिलेशन का दिखा असर,मुनाफा 78% घटकर ₹549.1 करोड़ पर आयाGroww MF ने लॉन्च किया Nifty PSE ETF, ₹500 से सरकारी कंपनियों में निवेश का शानदार मौका!क्या बजट 2026 घटाएगा आपका म्युचुअल फंड टैक्स? AMFI ने सरकार के सामने रखीं 5 बड़ी मांगेंसिर्फ 64 रुपये का है ये SmallCap Stock, ब्रोकरेज ने कहा – ₹81 तक जा सकता है भाव; खरीद लेंRadico Khaitan Q3 Results: प्रीमियम ब्रांड्स की मांग से कमाई को मिली रफ्तार, मुनाफा 62% उछला; शेयर 5% चढ़ारूसी तेल फिर खरीदेगी मुकेश अंबानी की रिलायंस, फरवरी-मार्च में फिर आएंगी खेपें: रिपोर्ट्सSwiggy, Jio Financial समेत इन 5 शेयरों में बना Death Cross, चेक करें चार्ट

NSE व BSE से नुवामा को उम्मीद, नियामकीय झटकों के बीच रेवेन्यू और मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी की संभावना

रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडेक्स डेरिवेटिव के हालिया नियमों से राजस्व में अल्पावधि के दौरान घट-बढ़ होगी। लेकिन इससे बाजार मजबूत होगा।

Last Updated- January 14, 2025 | 10:14 PM IST
Share market holiday

नुवामा इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज को नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के राजस्व और लाभ में वृद्धि का भरोसा है। हालंकि कई नियामकीय बदलाव हुए हैं जिनका एक्सचेंजों के राजस्व पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडेक्स डेरिवेटिव के हालिया नियमों से राजस्व में अल्पावधि के दौरान घट-बढ़ होगी। लेकिन इससे बाजार मजबूत होगा। इसमें कहा गया है कि एनएसई वित्त वर्ष 24-27 ई के दौरान राजस्व /एपीएटी में सालाना 10.3 फीसदी/16.8 फीसदी चक्रवृद्धि के हिसाब से बढ़ोतरी दर्ज कर सकता है।

अभी कैश सेगमेंट में एनएसई की हिस्सेदारी 93 फीसदी है जबकि इक्विटी इंडेक्स फ्यूचर्स में 99 फीसदी और इक्विटी इंडेक्स ऑप्शंस प्रीमियम में करीब 88 फीसदी हिस्सेदारी है। नुवामा के मुताबिक बाजार हिस्सेदारी एनएसई इतना आगे है कि वहां तक पहुंचना बहुत मुश्किल है। सूचीबद्ध एक्सचेंज बीएसई के लिए ब्रोकरेज ने खरीद की रेटिंग के साथ लक्षित कीमत 6,730 रुपये तय की है जो मंगलवार के बंद भाव से करीब 24 फीसदी ज्यादा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि नियामकीय बदलाव के झटकों के बाद भी हमारा अनुमान है कि बीएसई वित्त वर्ष 24-27 ई के दौरान राजस्व/एपीएटी में 39.9 फीसदी/70.8 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि के हिसाब से बढ़ोतरी दर्ज करेगा जिससे उसका आरओई 37.9 फीसदी पर पहुंच जाएगा।

First Published - January 14, 2025 | 10:14 PM IST

संबंधित पोस्ट