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फरवरी के बाद पहली बार निफ्टी 15,300 से ऊपर बंद

Last Updated- December 12, 2022 | 4:26 AM IST

बेंचमार्क निफ्टी-50 इंडेक्स बुधवार को 16 फरवरी के बाद पहली बार 15,300 अंक से ऊपर बंद हुआ। आर्थिक गतिविधियों में तेजी की उम्मीद में यह इंडेक्स लगातार चौथे दिन चढ़ा क्योंकि महामारी के कारण लगी पाबंदी में ढील दी जाएगी और टीकाकरण में बढ़ोतरी होगी।
निफ्टी 93 अंक यानी 0.61 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 15,301.45 पर बंद हुआ, जो नए सर्वोच्च स्तर से महज 14 अंक पीछे है। बंद आधार पर इस इंडेक्स ने अपना सर्वोच्च स्तर 15 फरवरी को दर्ज किया था, जो 15,314.7 था यानी कोरोना महामारी की दूसरी लहर से ठीक पहले।
बुधवार को सेंसेक्स 380 अंक यानी 0.75 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 51,017 पर बंद हुआ। यह इंडेक्स अभी 15 फरवरी के अपने सर्वोच्च स्तर 52,154 अंक से 1,136 अंक यानी 2.33 फीसदी पीछे है। कोविड संक्रमण के रोजाना के मामले हालिया उच्चस्तर से आधा रह जाने से कारोबारी गतिविधियां धीरे-धीरे दोबारा बहाल होने की उम्मीद बढ़ी है, जिस पर स्थानीय लॉकडाउन का असर पड़ा है।
यूबीएस और मॉर्गन स्टैनली जैसे ब्रोकरेज फर्मों के लिए उभरते बाजारों में भारत सबसे ज्यादा तरजीही बाजारों में से एक बना हुआ है। यूबीएस ग्लोबल वेल्थ मैनेजमेंट के रणनीतिकारों ए ज्यूरेचर और क्रिस्टल जाओ ने हालिया नोट में कहा है, कोविड-19 की स्थानीय स्थिति पर भारतीय शेयरों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं जताई है। भारत पहले से ही बढ़त में सुधार की राह देख रहा है, जो एक शायद तिमाही आगे खिसक गया है।
इस साल निफ्टी करीब 9 फीसदी चढ़ा है, जबकि क्षेत्रीय बेंचमार्क एमएससीआई एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। मॉर्गन स्टैनली के रणनीतिकार (एशिया व उभरते बाजार) डेनियल ब्लेक ने कहा, आय की रफ्तार काफी सुदृढ़ है और नीतिगत मोर्चे पर उठाया जाने वाला कदम बुनियादी ढांचे में सुधार ला रहा है और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में आकर्षक है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि भारत की आय की रफ्तार साल 2002 में काफी ज्यादा बढ़ेगी, जो पीई गुणक को नीचे लाएगी।
नोमूरा की विश्लेषक सोनल वर्मा ने ए. नंदी के साथ लिखे एक नोट में सोमवार को कहा, कई राज्य पाबंदियां धीरे-धीरे हटाने लगे हैं क्योंकि संक्रमण के मामले घटे हैं। यह बताता है कि आर्थिक गतिविधियों पर सबसे ज्यादा चोट मई में ही पड़ेगी। जून से स्थिति सुधरने लगेगी। उन्होंने कहा है, हम भारत के कारोबारी चक्र को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं और साल 2021 में जीडीपी में 9.8 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सबूतों के हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि आर्थिक गतिविधियों पर कम चोट पड़ेगी।
टीआईडब्ल्यू प्राइवेट इक्विटी के प्रबंध साझेदार और मुख्य निवेश अधिकारी मोहित रल्हान ने कहा, कोविड की दूसरी लहर को लेकर घटते डर के साथ बाजार की अवधारणा सकारात्मक हो गई है। बाजार की हालिया तेजी को विदेशी फंडों की खरीदारी से भी सहारा मिला है। पिछले पांच कारोबारी सत्रों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 5,352 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी है। बुधवार को उन्होंने 242 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
बार्केलेज के राहुल बाजोरिया और श्रेया सोधानी के मुताबिक, अभी भी काफी कुछ टीकाकरण की रफ्तार पर निर्भर करेगा, जो हाल में आपूर्ति में अवरोध और लॉजिस्टिक्स की चुनौतियों के कारण धीमी पड़ी है। देश में अभी तक 20 करोड़ खुराक की ही खपत हो पाई है, जो आबादी का महज 3 फीसदी है। ब्लूमबर्ग और जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। इसमें कहा गया है, टीकाकरण की धीमी रफ्तार बढ़त को लेकर अल्पावधि का जोखिम खड़ा कर सकता है, खास तौर से अगर देश कोविड की तीसरी लहर का सामना करता है।
बीएसई पर चढऩे व गिरने वाले शेयरों का अनुपात सकारात्मक रहा और 1904 शेयर चढ़े व 1,231 में गिराव आई। 374 शेयरों ने 52 हफ्ते की ऊंचाई को छू लिया और 474 शेयरों में ऊपरी सर्किट लगा।
सेंसेक्स के दो तिहाई शेयर बढ़त के साथ बंद हुए और बजाज फाइनैंंस का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा, जो 4.7 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ। रियल्टी व आईटी इंडेक्स सबसे ज्यादा क्रमश: 2.85 फीसदी व 1.85 फीसदी चढ़े।

First Published - May 26, 2021 | 9:21 PM IST

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