facebookmetapixel
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अफवाहों का किया खंडन, आईसीसी के अल्टीमेटम की खबरें निराधारकेरल के वायनाड में पेपरलेस कोर्ट की शुरुआत, AI से चलने वाला डिजिटल न्यायालय सिस्टम लागूएक्स की प्रतिक्रिया से असंतुष्ट सरकार, अश्लील सामग्री रोकने की दी चेतावनीनेतन्याहू ने पीएम मोदी से फोन पर की बात, दोनों नेताओं ने आतंक से लड़ने का संकल्प लियारविवार 1 फरवरी को आ सकता है साल 2026 का केंद्रीय बजट, CCPA ने रखा प्रस्तावNSO ने जीडीपी ग्रोथ का अपना पहला अग्रिम अनुमान जारी किया, वृद्धि दर 7.4 फीसदी रहने की आसवर्क फ्रॉम होम को अलविदा: कर्मियों को दफ्तर बुलाने पर आईटी कंपनियों का जोरइंडिगो एंटीट्रस्ट जांच के तहत सरकार ने एयरलाइंस से किराए का डेटा मांगाTata Steel का रिकॉर्ड तिमाही प्रदर्शन, भारत में कच्चा स्टील उत्पादन पहली बार 60 लाख टन के पारलैब-ग्रो डायमंड बाजार में टाइटन की एंट्री, ‘बीयॉन’ ब्रांड से लीडर बनने की तैयारी

बाजार पूंजीकरण का नया रिकॉर्ड

Last Updated- December 11, 2022 | 4:31 PM IST

बेंचमार्क सेंसेक्स अपनी सर्वकालिक ऊंचाई से भले ही 2.4 फीसदी पीछे हो लेकिन बीएसई में सूचीबद्ध‍ सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। गुरुवार के बंद भाव पर बीएसई में सूचीबद्ध‍ 4,776 फर्मों का बाजार पूंजीकरण 280.5 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया और इस तरह से उसने 17 जनवरी को दर्ज 280 लाख करोड़ रुपये के पिछली ऊंचाई को पीछे छोड़ दिया।
निफ्टी मिडकैप 100 अपनी सर्वकालिक ऊंचाई से अभी 5.4 फीसदी पीछे है, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 20 फीसदी से ज्यादा नीचे है। इसके बावजूद भारत का बाजार पूंजीकरण नई ऊंचाई पर पहुंचने में कामयाब रहा। इसकी आंशिक वजह इस साल बड़ी कंपनियों मसलन एलआईसी (एमकैप 4.4 लाख करोड़ रुपये), अदाणी विल्मर (95,091 करोड़ रुपये और डेलिवरी (40,627 करोड़ रुपये) की सूचीबद्ध‍ता हो सकती है।
स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा, एमकैप के सर्वकालिक स्तर पर पहुंचने की मुख्य वजह एलआईसी की सूचीबद्ध‍ता है, जिसने इसमें इजाफा किया है। मैं इस तेजी से बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं हूं, जो काफी तेज रही है। मैं निवेशकों को मुनाफावसूली का सुझाव देता रहा हूं, खास तौर से जिन्होंने पिछले दो महीने में प्रवेश किया है। कुछ गंभीर वैश्विक अवरोध व बढ़त को लेकर चिंता हैं। भारत लंबी अवधि में बेहतर करेगा लेकिन अल्पावधि में वह पूरी तरह से सुरक्षित नहीं होगा। हमारा हर पड़ोसी आर्थिक मसले से जूझ रहा है, जिसकी आंच हमें प्रभावित कर सकती है। साथ ही कंपनियों की आय की रफ्तार अभी तक बहुत बेहतर नहीं रही है। ये चीजें सितंबर तिमाही में भी समान रह सकती हैं क्योंकि काफी फर्में इन्वेंट्री नुकसान से जूझ रही है।
ऑटोमोबाइल व स्टेपल जैसे क्षेत्र की कंपनियों ने सालाना आधार पर बेहतर प्रदर्शन किया है, ऐसे में इन कंपनियों ने भी बाजार पूंजीकरण में इजाफा किया है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के एमडी व सीईओ धीरज रेली ने कहा, हालिया बढ़ोतरी को उत्साहजनक आर्थिक आंकड़ों, जिंस की कीमतों में नरमी, घटती महंगाई आदि से भी सहारा मिला है। एफपीआई की तरफ से दोबारा खरीदारी शुरू होने से भी मदद मिली है। जून 2022 के निचले स्तर से बिना किसी गिरावट के उछाल ज्यादातर निवेशकों की उम्मीदों से परे रही है। वैश्विक गिरावट के बीच भारतीय बाजारों की सापेक्षिक मजबूती में ये चीजें प्रतिबिंबित हुई है। कुछ शेयर हालांकि अपने-अपने हालिया ऊंचाई से काफी नीचे हैं, लेकिन ये सामान्य चीजें हैं। निवेशक अब ​निफ्टी के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने की व्यग्रता से प्रतीक्षा कर रहे हैं।
इस साल 17 जून के निचले स्तर से बेंचमार्क सूचकांकों में 17 फीसदी से ज्यादा की उछाल आई है। भारत स्थानीय मुद्रा के लिहाज से पिछले दो महीने में सबसे अच्छा प्रदर्शन वाला अहम बाजार रहा है।

First Published - August 19, 2022 | 9:52 AM IST

संबंधित पोस्ट