Mutual Funds December Portfolio: दिसंबर 2025 में भारतीय म्युचुअल फंड इंडस्ट्री ने बाजार की उतार-चढ़ाव भरी स्थिति के बावजूद मजबूत प्रदर्शन दिखाया। जहां विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सेकेंडरी मार्केट में 31,400 करोड़ रुपये बिकवाली की। वहीं, घरेलू म्युचुअल फंड्स ने इसे काउंटर करते हुए 38,900 करोड़ रुपये शुद्ध खरीदारी की। सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए म्युचुअल फंड में ताबड़तोड़ निवेश जारी रहा और यह 31,000 करोड़ रुपये के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। इस दौरान म्युचुअल फंड्स ने लार्ज कैप से लेकर स्मॉल कैप तक, कई शेयरों में अपनी दिलचस्पी दिखाई।
नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर में म्युचुअल फंड्स ने भारतीय सेकेंडरी बाजार में 38,900 करोड़ रुपये की खरीदारी की। जबिक FIIs (विदेशी निवेशकों) ने 31,400 करोड़ रुपये की बिकवाली की। SIP के जरिए किया गया निवेश म्युचुअल फंड में इनफ्लो का मुख्य आधार बना रहा। सितंबर, अक्टूबर और नवंबर में SIP इनफ्लो लगातार 29,000 करोड़ रुपये से ऊपर रहा, जबकि दिसंबर में यह रिकॉर्ड 31,000 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
AMFI के सीईओ वेंकट चलसानी ने कहा कि लगातार आने वाला SIP निवेश विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की निकासी की भरपाई कर रहा है और बाजार की मजबूती को बढ़ा रहा है।
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लार्ज कैप: लार्ज कैप कैटेगरी में दिसंबर 2025 के दौरान म्युचुअल फंड्स ने आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, श्रीराम फाइनेंस, टेक महिंद्रा और कोटक बैंक में सबसे ज्यादा खरीदारी की। जबकि इंफोसिस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज में बिकवाली देखने को मिली।
मिड कैप: मिड कैप कैटेगरी में दिसंबर 2025 के दौरान म्युचुअल फंड्स ने जिन शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी की, उनमें बैंक ऑफ महाराष्ट्र, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, कोलगेट-पामोलिव, डेल्हीवेरी और आईपीसीए लैब्स शामिल हैं। वहीं जिन शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली, वे थे डिक्सन टेक्नोलॉजीज, कमिंस इंडिया, आदित्य बिरला कैपिटल, इंडस टावर्स और केईआई इंडस्ट्रीज।
स्मॉल कैप: स्मॉल कैप कैटेगरी में दिसंबर 2025 के दौरान म्युचुअल फंड्स ने सिटी यूनियन बैंक, अकज़ो नोबेल, किर्लोस्कर ऑयल, चोला फाइनेंशियल और क्राफ्ट्समैन ऑटो में भारी खरीदारी देखी गई। जबकि सबसे ज्यादा बिक्री केन्स टेक, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज, ब्रिगेड एंटरप्राइज, हिताची एनर्जी और एडोर वेल्डिंग देखने को मिली।
इस दौरान इनॉक्स ग्रीन, एससीआई, इंडियन मेटल्स, बोरोसिल रिन्यूएबल और डेटामैटिक्स ग्लोब को पोर्टफोलियो में पहली बार शामिल किया गया। जबकि म्युचुअल फंड्स गांधार ऑयल रेफ्रिजरेशन, प्रवेग, ताजजीवीके होटल्स, नॉलेज मरीन इंडस्ट्रीज पूरी तरह से बाहर निकल गए।
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दिसंबर 2025 में म्युचुअल फंड इंडस्ट्री ने इक्विटी स्कीमों में स्टॉक-लेवल पर एक्टिव री-एलोकेशन दिखाया। सभी कैटेगरी को मिलाकर फंड्स ने आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी में 6,000 करोड़ रुपये, इंडिगो में 5,800 करोड़ रुपये और स्विगी में 5,600 करोड़ रुपये की मजबूत खरीदारी की। वहीं, दूसरी तरफ इंफोसिस से 8,500 करोड़ रुपये, वेदांता से 1,600 अरब और बजाज फाइनेंस से 1,500 करोड़ रुपये की बड़ी कटौती की गई।