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FPI की लिवाली से चढ़े बाजार

आईटी और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों ने इस बढ़त की अगुआई की

Last Updated- December 05, 2024 | 10:00 PM IST
FPI

विदेशी निवेश की मजबूत बहाली के कारण बेंचमार्क सूचकांकों ने गुरुवार को लगातार पाचवें कारोबारी सत्र में बढ़ोतरी दर्ज की। अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर आशावाद ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों को नए रिकॉर्ड पर पहुंचा दिया, वहीं भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से नीतिगत दरों में नरमी की उम्मीद के बीच वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में बढ़ोतरी हुई।

गुरुवार के सत्र में हालांकि काफी उतारचढ़ाव देखा गया, खास तौर से कारोबार के आखिरी घंटे में। पिछले दिन के बंद स्तर से 1.6 फीसदी चढ़ने के बाद सेंसेक्स लाल निशान में चला गया था लेकिन फिर इसमें तेजी से सुधार हुआ। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 810 अंक यानी 1 फीसदी की बढ़त के साथ 81,766 पर बंद हुआ।

उधर, निफ्टी ने 241 अंक यानी 1 फीसदी के इजाफे के साथ 24,708 पर कारोबार की समाप्ति की। पिछले पांच सत्रों में सेंसेक्स 2.5 फीसदी और निफ्टी 3.3 फीसदी चढ़ा है। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण गुरुवार को 2.5 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 458 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले पांच सत्रों में मार्केट कैप 15 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) गुरुवार को 8,540 करोड़ रुपये की इक्विटी के शुद्ध खरीदार रहे जबकि देसी संस्थानों ने 2,304 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। गुरुवार को एफपीआई की खरीदारी 25 नवंबर को हुए एमएससीआई पुनर्संतुलन के बाद सबसे बड़ी खरीद थी।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि एफपीआई का खरीदारी करना बाजारों के लिए सकारात्मक है, खासतौर पर लार्ज-कैप के लिए। बैंकिंग शेयरों में मजबूती संभावित रूप से बैंक निफ्टी को सर्वकालिक उच्च स्तर पर ले जा सकती है। इससे निफ्टी को भी ऊपर जाने में मदद मिल सकती है।

सूचकांकों में अधिकांश बढ़त में आईटी दिग्गजों का योगदान रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 फीसदी चढ़कर नई ऊंचाई पर पहुंच गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने जब यह कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन उल्लेखनीय रूप से अच्छा रहा है तो इसके बाद अमेरिका से अपने राजस्व का एक बड़ा हिस्सा कमाने वाली आईटी कंपनियों को मजबूती मिली।

स्वतंत्र इक्विटी विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा कि मूल्यांकन के हिसाब से आईटी शेयर बाकी बाजार के मुकाबले ज्यादा आकर्षक हैं। इस उम्मीद से वित्तीय शेयरों में तेजी आई कि आरबीआई शुक्रवार को अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती या नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को कम करके कुछ रियायतें दे सकता है। पिछले सप्ताह जारी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों से पता चलता है कि आर्थिक वृद्धि एक तिमाही में निचले स्तर 5.4 फीसदी पर पहुंच गई है।

बाजार में चढ़ने व गिरने वाले शेयरों का अनुपात थोड़ा सकारात्मक रहा, जहां 2,048 शेयर चढ़े जबकि 1,931 में गिरावट आई। तीन को छोड़कर सेंसेक्स के सभी शेयर चढ़े। 2.3 फीसदी की बढ़त दर्ज करने वाले इन्फोसिस का सेंसेक्स की बढ़त में सबसे ज्यादा योगदान रहा। इसके बाद आईसीआईसीआई बैंक का स्थान रहा, जिसमें 1.4 फीसदी का इजाफा हुआ। अमेरिकी आर्थिक आंकड़े यहां से बाजार को दिशा देंगे।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, शोध, अजित मिश्रा ने कहा कि हालिया उछाल ने पहले ही आरबीआई के संभावित समर्थन को समाहित कर लिया है जिससे शुक्रवार के नीति नतीजे पर बाजार की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है।

आईटी और बैंकिंग क्षेत्र सूचकांक में वृद्धि जारी रख हुए हैं, लेकिन इस तेजी को आगे ले जाने के लिए व्यापक क्षेत्रीय भागीदारी आवश्यक होगी। निफ्टी के 24,700 का स्तर दोबारा हासिल करने के साथ (24,350 से ऊपर के ब्रेकआउट के बाद लक्षित स्तर) इसकी स्थिरता 25,100 की ओर जाने का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।

First Published - December 5, 2024 | 10:00 PM IST

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