facebookmetapixel
Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?दिल्ली की हवा इतनी खराब कैसे हुई? स्टडी में दावा: राजधानी के 65% प्रदूषण के लिए NCR व दूसरे राज्य जिम्मेदारExplainer: 50 शहरों में हिंसा, खामेनेई की धमकी और ट्रंप की चेतावनी…ईरान में आखिर हो क्या रहा है?Credit Card Tips: बिल टाइम पर चुकाया, फिर भी गिरा CIBIL? ये है चुपचाप स्कोर घटाने वाला नंबर!आस्था का महासैलाब: पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हुआ माघ मेला, 19 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी2026 में हिल सकती है वैश्विक अर्थव्यवस्था, एक झटका बदल देगा सब कुछ…रॉबर्ट कियोसाकी ने फिर चेतायाKotak Mahindra Bank का निवेशकों को जबरदस्त तोहफा: 1:5 में होगा स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट फिक्सकनाडा ने एयर इंडिया को दी कड़ी चेतावनी, नियम तोड़ने पर उड़ान दस्तावेज रद्द हो सकते हैंट्रंप का दावा: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्त में; हवाई हमलों की भी पुष्टि कीHome Loan: होम लोन लेने से पहले ये गलतियां न करें, वरना एप्लीकेशन हो सकती है रिजेक्ट

फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख से सहमा बाजार, सेंसेक्स 879 अंक लुढ़का

Last Updated- December 15, 2022 | 5:26 PM IST
BSE, Share market today

घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को बड़ी गिरावट आई और BSE सेंसेक्स करीब 879 अंक लुढ़क गया। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में वृद्धि तथा आक्रामक रुख के साथ वैश्विक बाजारों में गिरावट के बीच दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे।

30 शेयरों पर आधारित BSE सेंसेक्स 878.88 अंक यानी 1.40 फीसदी का गोता लगाकर 61,799.03 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, एक समय यह 962.3 अंक तक लुढ़क गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 245.40 अंक यानी 1.32 फीसदी टूटकर 18,414.90 अंक पर बंद हुआ।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख ने बाजार को चौंकाया है क्योंकि निवेशक महंगाई का आंकड़ा उम्मीद से बेहतर रहने से उदार रुख की उम्मीद कर रहे थे।’ उन्होंने कहा, ‘फेडरल रिजर्व के बयान के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंका से घरेलू बाजार में आईटी शेयरों में बिकवाली ने निराशा का माहौल पैदा किया।

बाजार को अब बैंक ऑफ इंग्लैंड (बीओई) और यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) के फैसलों की प्रतीक्षा है। ये दोनों भी नीतिगत दर आधा फीसदी बढ़ा सकते हैं।’ अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने उम्मीद के अनुरूप प्रमुख नीतिगत दर में 0.50 फीसदी की वृद्धि की और साथ में यह भी संकेत दिया कि महंगाई को काबू में लाने के लिये आने वाले दिनों में ब्याज दर में और वृद्धि की जा सकती है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर को बढ़ाकर 4.25-4.50 फीसदी कर दिया है। यह 15 साल का उच्चस्तर है।

Top Losers

सेंसेक्स के शेयरों में टेक महिंद्रा, टाइटन, इन्फोसिस, एचडीएफसी, आईटीसी, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और भारतीय स्टेट बैंक प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।

Top Gainers

केवल दो शेयर एनटीपीसी और सन फार्मा लाभ में रहे।

International Indices

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को नुकसान में रहे थे। इस बीच अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.77 फीसदी घटकर 82.06 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

FIIs

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) बुधवार को शुद्ध लिवाल रहे। उन्होंने 372.16 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।

First Published - December 15, 2022 | 5:07 PM IST

संबंधित पोस्ट