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Market Outlook: फेड की पॉलिसी पर टिकी निगाहें, शेयर बाजार की चाल होगी तय

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Market Outlook: इस सप्ताह अमेरिकी फेड के ब्याज दर फैसले और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां घरेलू शेयर बाजार की दिशा तय करेंगी।

Last Updated- December 07, 2025 | 3:24 PM IST
Bajaj Finance Trading Strategy
Representative Image

Market Outlook: इस सप्ताह घरेलू शेयर बाजारों की चाल पर सबसे बड़ा असर अमेरिका के फेडरल रिजर्व (US Fed) के ब्याज दर फैसले का पड़ेगा। विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक बाजारों की हलचल और विदेशी निवेशकों की ट्रेडिंग भी बाजार की भावना को प्रभावित करेगी।

पिछले सप्ताह शेयर बाजार सुस्त रहे और सेंसेक्स तथा निफ्टी लगभग बिना बदलाव के बंद हुए।

रिलायरे ब्रोकिंग के रिसर्च प्रमुख अजीत मिश्रा ने कहा कि इस सप्ताह 12 दिसंबर को आने वाला भारत का सीपीआई (महंगाई दर) डेटा अहम रहेगा। वैश्विक स्तर पर यूएस फेड का ब्याज दर फैसला सबसे ज्यादा ध्यान खींचेगा क्योंकि इससे उभरते बाजारों पर असर पड़ सकता है, खासकर उन देशों पर जहां मुद्रा पर दबाव बना हुआ है।

निवेशक रुपये की चाल पर भी नजर रखेंगे। रुपया पिछले हफ्ते 90 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया था।

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवेश गौर ने कहा कि अब निवेशकों का पूरा ध्यान 9 और 10 दिसंबर 2025 को होने वाली यूएस फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक पर है। इसके साथ ही अमेरिका के कुछ महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करेंगे। इनमें 9 दिसंबर को आने वाला JOLTS जॉब ओपनिंग्स डेटा और 10 दिसंबर को जारी होने वाला एम्प्लॉयमेंट कॉस्ट इंडेक्स शामिल है। इससे अमेरिकी श्रम बाजार और वेतन दबाव की नई जानकारी मिलेगी।

गौर ने कहा कि डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आने वाले बदलाव भी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर असर डाल सकते हैं। इसका प्रभाव विश्व भर के शेयर और बॉन्ड बाजारों में दिख सकता है।

पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स सिर्फ 5.7 अंक बढ़ा जबकि एनएसई निफ्टी 16.5 अंक गिरा।

Enrich Money के सीईओ पोन्मुडी आर ने कहा कि इस सप्ताह दुनिया के निवेशकों की नजर यूएस फेड की नीतिगत घोषणा पर रहेगी। उन्होंने कहा कि ब्याज दर निर्णय के साथ फेड का आगे का रुख और उसकी टिप्पणी आने वाले हफ्तों में बाजार की दिशा तय करने में ज्यादा प्रभावी होगी।

उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि दबाव के बावजूद मजबूत बनी हुई है और अगर वैश्विक फंड दोबारा उभरते बाजारों में निवेश बढ़ाते हैं तो भारतीय शेयर बाजार को फायदा मिल सकता है। ऐसे में फेड की टिप्पणी भारतीय बाजारों की निकट अवधि की भावना को काफी प्रभावित करेगी।

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First Published - December 7, 2025 | 3:24 PM IST

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