facebookmetapixel
Advertisement
मुंबई को पछाड़ गुरुग्राम बना देश का नंबर 1 अल्ट्रा लग्जरी हाउसिंग मार्केट, बाजार ₹24,000 करोड़ के पारयूनिकॉर्न बनने की रफ्तार में 40 गुना उछाल, स्टार्टअप दुनिया में AI कंपनियों ने मचाया तहलकाऔपनिवेशिक छाप से मुक्ति! राष्ट्रपति भवन से हटी लुटियंस की प्रतिमा, उनकी जगह अब विराजे ‘राजाजी’2 दिन 25 सत्र 40 नेता: बिज़नेस स्टैंडर्ड ‘मंथन’ मंगलवार से शुरू, ‘भविष्य के लिए तैयार भारत’ पर होगी चर्चागुणवत्ता और पारदर्शी ऑडिट पर दवा नियामक का जोर; 1,500 एक्सपर्ट्स की करेगा नियुक्तिIDFC फर्स्ट बैंक ने हरियाणा सरकार के ₹590 करोड़ का भुगतान जल्द करने का आश्वासन दियापुराने घरों के पुनर्विकास पर टैक्स को लेकर बड़ी राहत, ITAT मुंबई ने संपत्ति मालिकों के पक्ष में सुनाया फैसलापीयूष गोयल का दावा: EU के कड़े नियमों का खर्च अब उठाएगी केंद्र सरकार, छोटे निर्यातकों को मिलेगी राहतवित्त मंत्री ने NMP 2.0 का अनावरण किया: ₹16.72 लाख करोड़ के मुद्रीकरण लक्ष्य के साथ नई आर्थिक पहलएयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को हरियाणा सरकार का झटका, पैनल से बाहर होने के बाद शेयर 7% लुढ़के

सेबी के आदेश पर जवाब के लिए जेन स्ट्रीट ने मांगी मोहलत

Advertisement

अंतरिम आदेश में लगाए गए आरोपों पर जवाब देने के लिए नियामक ने जेन स्ट्रीट को 21 दिन का समय दिया था।

Last Updated- July 28, 2025 | 11:23 PM IST
SEBI

अमेरिका की हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट ने सेबी के 3 जुलाई के आदेश पर जवाब के लिए बाजार नियामक से और समय मांगा है। अंतरिम आदेश में लगाए गए आरोपों पर जवाब देने के लिए नियामक ने जेन स्ट्रीट को 21 दिन का समय दिया था। इस आदेश में ट्रेडिंग दिग्गज को करीब 4,843 करोड़ रुपये की अवैध कमाई लौटाने का निर्देश भी दिया गया था।

जेन स्ट्रीट के एक प्रतिनिधि ने कहा, हम सेबी के साथ सकारात्मक बातचीत कर रहे हैं और 3 जुलाई को जारी अंतरिम आदेश पर जवाब देने के लिए हमने और वक्त मांगा है। बयान में कहा गया है, जेन स्ट्रीट ऐसे आचरण के लिए प्रतिबद्ध है जिससे भारत के पूंजी बाजारों की अखंडता बनी रहे और उनके निरंतर विकास को योगदान मिले।

नियामक ने हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडर से पाबंदी तब हटाई जब उसने एस्क्रो खाते में 4,843.57 करोड़ रुपये जमा करा दिए। जेन स्ट्रीट ने नियामक से पुष्टि की है कि वह किसी भी धोखाधड़ी, हेरफेर या अनुचित व्यापार व्यवहार में शामिल नहीं होगी और निर्देशों का पालन करेगी।

एक्सचेंज जेन स्ट्रीट और उसकी समूह की संस्थाओं के किसी भी भावी लेन-देन और पोजीशनों पर लगातार नजर रख रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे किसी भी तरह की हेराफेरी वाली गतिविधियों में शामिल नहीं हों। इस बीच, बाजार नियामक ने सेंसेक्स जैसे अन्य सूचकांकों और अन्य कारोबारी रणनीतियों की जांच का भी दायरा बढ़ा दिया है। पहले के बयान में ट्रेडिंग फर्म ने कहा था कि उसकी तत्काल ऑप्शन पोजीशन लेने की कोई योजना नहीं है।

Advertisement
First Published - July 28, 2025 | 11:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement