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Israel-Palestine conflict: गाजा संकट से घबराया बाजार, अनि​श्चितता बढ़ी

सेंसेक्स, निफ्टी में 0.7 फीसदी की गिरावट, कच्चे तेल के दाम 3 फीसदी से ज्यादा चढ़े

Last Updated- October 09, 2023 | 9:40 PM IST
share market

Israel-Palestine conflict: प​श्चिम ए​शिया में पैदा हुए संकट से तेल बाजारों में उठापटक का खटका बढ़ गया, जिससे शेयर बाजार आज धड़ाम हो गए। अनिश्चितता के कारण जोखिम भरी परिसंपत्तियों पर संकट गहरा गया है, जबकि वे ऊंचे अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल तथा मजबूत डॉलर की वजह से पहले ही परेशानी में थीं।

सेंसेक्स आज 483 अंक या 0.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 65,512 पर बंद हुआ। निफ्टी 141 अंक या 0.7 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 19,512 पर बंद हुआ।

फिलस्तीनी आतंकवादी संगठन हमास ने शनिवार को इजरायल पर हमला कर दिया था, जिससे पूरे क्षेत्र में अनि​श्चितता गहरा गई है और बाजारों में भी उथल-पुथल बढ़ी है। इन हमलों से मरने वालों की संख्या 1,100 के पार पहुंचने की खबर है, जिनमें 700 मौतें इजरायल में हुई हैं। जवाब में इजरायल ने भी जंग का ऐलान कर दिया है और कहा है कि हमास का सैन्य ढांचा जमींदोज करने से पहले वह शांत नहीं बैठेगा।

निवेशकों को फिक्र है कि हमास और इजरायल के बीच संघर्ष कहीं बढ़कर ईरान-इजरायल जंग में तब्दील नहीं हो जाए। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हमले में ईरानी सुरक्षा अ​धिकारियों ने हमास की मदद की। विश्लेषकों का कहना है कि ईरान भी संघर्ष में शामिल हुआ तो पहले से ही चढ़ चुकी तेल कीमतें और भी बढ जाएंगी।

तेल सोमवार को 3 प्र​तिशत से ज्यादा चढ़ गया और ब्रेंट क्रूड 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। तेल कीमतें पिछले महीने के अंत में बढ़कर 97 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थीं, लेकिन पिछले सप्ताह इनमें नरमी आई।

Also read: Israel-Hamas war: क्रूड ऑयल की कीमतों में लगी आग, 3 डॉलर प्रति बैरल बढ़े दाम

कच्चे तेल की बढ़ती कीमत भारत के लिए बड़ी चिंता है क्योंकि यहां कच्चे तेल की तीन-चौथाई से ज्यादा जरूरत आयात से ही पूरी होती है।

नोमुरा के रणनीतिकार चेतन शाह ने नई रिपोर्ट में लिखा है, ‘ए​शियाई शेयर बाजारों की बात करें तो अगले कुछ दिन में चढ़ती तेल कीमतों के कारण एशिया में भारत और फिलिपींस जैसे प्रमुख तेल आयातकों का प्रदर्शन कमजोर रह सकता है।’

अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यूआर भट्ट ने कहा, ‘भारतीय बाजार पर तेल की कीमत का बहुत असर पड़ता है। मौजूद संघर्ष से तेल के दाम कुछ अरसे के लिए बढ़ सकते हैं। हॉर्मुज स्ट्रेट तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। यदि ईरान इस टकराव में शामिल होता है तो हॉर्मुज स्ट्रेट का रास्ता रुक सकता है।’

First Published - October 9, 2023 | 9:40 PM IST

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