facebookmetapixel
Advertisement
क्या चावल निर्यात कर भारत बेच रहा है अपना पानी? BS ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने उठाए गंभीर सवालBS Manthan में बोले एक्सपर्ट्स: निर्यात प्रतिबंध-नीतिगत अनिश्चितता से कृषि को चोट, स्थिरता की जरूरतसुमंत सिन्हा का दावा: सिर्फ क्लाइमेट चेंज नहीं, अब ‘जियोपॉलिटिक्स’ बढ़ाएगी भारत में क्लीन एनर्जी की रफ्तारBS Manthan में बोले जोशी: अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 2030 तक $350 अरब के निवेश से रोशन होगा भारतइक्विटी SIP निवेश में गिरावट, अस्थिर बाजार के बीच निवेशकों का रुझान बदलाशेखर कपूर की भविष्यवाणी: अब निर्देशक नहीं, दर्शक और AI मिलकर लिखेंगे फिल्मों की कहानी‘EV सेक्टर में आएगा बड़ा उछाल’, BS ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने कहा: चुनौतियों के बावजूद रफ्तार है बरकरारBS Manthan 2026: R&D को प्रोत्साहन से एडवांस व महंगी वस्तुओं के विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा‘रणनीतिक स्वायत्तता के लिए सैन्य ताकत बढ़ाना जरूरी’, बिज़नेस स्टैंडर्ड ‘मंथन’ में एक्सपर्ट्स ने ऐसा क्यों कहा?AI संप्रभुता पर जोर: BS Manthan समिट में एक्सपर्ट्स ने स्वदेशी मॉडल और डेटा नियंत्रण को बताया जरूरी

Upcoming IPOs: सबसे बड़ा ग्रीन एनर्जी IPO? INOX Clean Energy ने सेबी के पास जमा किए ड्राफ्ट पेपर, जुटाएगी ₹6000 करोड़

Advertisement

Inox Clean Energy IPO: आईनॉक्स क्लीन एनर्जी ने शुक्रवार को बयान में कहा कि उसने सेबी और स्टॉक एक्सचेंजों के पास 'प्री-फाइल्ड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस' जमा करा दिए है।

Last Updated- July 11, 2025 | 3:25 PM IST
Aye finance ipo

Upcoming IPOs: आईनॉक्स क्लीन एनर्जी ने बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास गोपनीय रूप से ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल किए हैं। कंपनी ने लक्ष्य अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के जरिये 6,000 करोड़ रुपये की राशि जुटाना है। मामले से जुड़े इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, यह क्लीन एनर्जी और रिन्यूएबल्स सेक्टर में भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। कंपनी 10 फीसदी से अधिक इक्विटी डाइल्यूशन की योजना बना रही है। इसके जरिए कंपनी करीब 50,000 करोड़ रुपये का मार्केट कैप हासिल करने का लक्ष्य रख रही है।

आईनॉक्स क्लीन एनर्जी ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि उसने सेबी और स्टॉक एक्सचेंजों के पास ‘प्री-फाइल्ड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस’ जमा किया है। यह इसके इक्विटी शेयरों को मुख्य स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट करने की योजना से जुड़ा है।

Also read: Q1 Results के बाद 8% तक गिर गया Tata का शेयर, ब्रोकरेज ने कहा-बेच दें, अभी और गिर सकता है भाव

सूत्रों के मुताबिक, आईपीओ का बड़ा हिस्सा फ्रेश इश्यू होगा। इससे जुटाई गई रकम का उपयोग कंपनी नई सोलर और इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर (IPP) सुविधाओं की स्थापना में करेगी। यह प्रस्तावित आईपीओ जून 2025 में जूनिपर ग्रीन (3,000 करोड़ रुपये) और अक्टूबर 2024 में वारी एनर्जीज़ (4,300 करोड़ रुपये) की फाइलिंग से भी बड़ा है।

कंपनी पहले ही अपनी वित्तीय मजबूती दिखा चुकी है। हाल ही में उसने करीब 700 करोड़ रुपये की इक्विटी जुटाई थी। आईपीओ के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर्स में जेएम फाइनेंशियल, मोतीलाल ओसवाल, नुवामा, आईआईएफएल सिक्योरिटीज और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज शामिल हैं।

Inox Clean Energy IPO: कहा खर्च करेगी पैसा?

केयर एज रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, आईनॉक्स क्लीन एनर्जी को अपनी अंडर कंस्ट्रक्शन रिन्यूएबल एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 6,500 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय करना होगा। यह खर्च प्रोजेक्ट-लेवल कर्ज, प्रोजेक्ट से प्राप्त नकद लाभ, और निवेशकों व प्रमोटरों की ओर से इक्विटी योगदान के जरिए पूरा किया जाएगा। जहां निर्माणाधीन रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग पहले से सुनिश्चित है, वहीं मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की स्थापना के लिए अतिरिक्त इक्विटी पूंजी की जरूरत होगी।

आइनॉक्स क्लीन एनर्जी रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं के विकास और संचालन के साथ-साथ सोलर सेल और मॉड्यूल्स के निर्माण का कार्य करती है। यह काम इसकी सहायक कंपनियों इनॉक्स नियो एनर्जीज़ (Inox Neo Energies) और इनॉक्स सोलर के ज़रिए किया जाता है।

वर्तमान में कंपनी की कुल चालू क्षमता 157 मेगावॉट है, जिसमें 107 मेगावॉट विंड और 50 मेगावॉट सोलर शामिल है। इसके अलावा 400 मेगावॉट की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जिसमें 350 मेगावॉट हाइब्रिड और 50 मेगावॉट सोलर प्रोजेक्ट हैं। केयर एज की जून 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के पास 2.2 गीगावॉट से अधिक की प्रोजेक्ट पाइपलाइन भी मौजूद है।

Advertisement
First Published - July 11, 2025 | 3:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement