आईपीओ

Nephrocare Health IPO: सब्सक्रिप्शन के लिए खुला ₹871 करोड़ का ऑफर, पैसा लगाएं या नहीं? जानें ब्रोकरेज की राय

Nephrocare Health IPO: कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 438 से 460 रुपये प्रति शेयर रखा है। एक लॉट में 32 शेयर है।

Published by
जतिन भूटानी   
Last Updated- December 10, 2025 | 10:00 AM IST

Nephrocare Health IPO: नेफ्रोप्लस ब्रांड के तहत डायलिसिस सर्विस प्रोवाइड करने वाली नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज का 871.05 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 10 दिसंबर को सब्सक्राइब करने के लिए खुल जाएगा। निवेशक 12 दिसंबर तक इस आईपीओ को अप्लाई कर सकते हैं। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, लॉन्च से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से 460 रुपये प्रति शेयर की दर से 260 करोड़ रुपये जुटा लिए।

कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 438 से 460 रुपये प्रति शेयर रखा है। एक लॉट में 32 शेयर है। नेफ्रोकेयर ने अपने इश्यू के जरिए 353.4 करोड़ रुपये जुटाने का प्रयास रखा है। जबकि प्रमोटर और मौजूदा निवेशक ऑफर-फॉर-सेल के जरिये 1.12 करोड़ शेयर बेचेंगे। इन्वेस्टकॉर्प, हेल्थकेयर पैरेंट, एडोरस इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन और 360 वन ओएफएस में भाग लेने वालों में शामिल हैं।

प्रमुख एंकर निवेशकों में एसबीआई हेल्थकेयर ऑपर्च्युनिटीज फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, फिडेलिटी फंड्स, डीएसपी हेल्थकेयर फंड, द प्रूडेंशियल एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स, पोलर कैपिटल फंड्स, मनुलाइफ ग्लोबल फंड, बड़ौदा बीएनपी पारिबा स्मॉल कैप फंड, बंधन स्मॉल कैप फंड, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस शामिल हैं।

यह भी पढ़ें: Meesho IPO listing: आज लिस्ट होंगे शेयर, GMP से मिल रहे तगड़े संकेत; कितने पर हो सकती है लिस्टिंग ?

Nephrocare Health IPO Details

नेफ्रोकेयर नए शेयरों के जरिये 353.4 करोड़ रुपये जुटाएगी। जबकि प्रोमोटर और मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 1.12 करोड़ शेयर तक बेचेंगे। ओएफएस में इन्वेस्टकॉर्प, हेल्थकेयर पैरेंट, एडोरस इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन और 360 वन जैसे नाम शामिल हैं। वर्तमान में नेफ्रोप्लस में प्रोमोटरों की हिस्सेदारी 78.9 फीसदी है। जबकि सार्वजनिक शेयरधारकों की हिस्सेदारी 21.1 फीसदी है।

इश्यू से जुटाई गई राशि में से कंपनी 129.1 करोड़ रुपणे भारत में नए डायलिसिस क्लिनिक खोलने, 136 करोड़ रुपणे कर्ज चुकाने में और शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए खर्च करेगी।

Nephrocare Health IPO: सब्सक्राइब करना चाहिए या नहीं ?

SBI Securities

एसबीआई सिक्योरिटीज के अनुसार, नेफ्रोकेयर हेल्थ सर्विसेज देश की सबसे बड़ी डायलिसिस सर्विस प्रोवाइडर है। इसका भारतीय बाजार में 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा है। कंपनी का बिजनेस मॉडल कैपिटल-कुशल और एसेट-लाइट है।

ब्रोकरेज ने बाजार में कंपनी की लीडिंग पोजीशन, अंतरराष्ट्रीय विस्तार और भारत में बढ़ती पैठ का हवाला देते हुए कट-ऑफ़ प्राइस पर इश्यू को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि लॉन्ग टर्म में कंपनी की ग्रोथ संभावनाएं आकर्षक दिखती हैं।

यह भी पढ़ें: Corona Remedies IPO: ग्रे मार्केट से लिस्टिंग गेन के संकेत, सब्सक्राइब करें या नहीं; ब्रोकरेज फर्म का ये है नजरिया

Swastika Investmart

स्वस्तिक इन्वेस्टमार्ट का मानना है कि यह इश्यू आक्रामक रूप से वैल्यूएटेड है और इसमें केवल आक्रामक लॉन्ग टर्म निवेशकों को ही अप्लाई करना चाहिए। ब्रोकरेज ने राजस्व और मुनाफे में स्थिर वृद्धि की ओर इशारा किया, लेकिन साथ ही यह भी बताया कि बढ़ी हुई वित्तीय लागतों का असर वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही के नतीजों पर पड़ा है।

Nephrocare Health IPO GMP

चित्तौड़गढ़ डॉट कॉम के अनुसार, नेफ्रोकेयर आईपीओ का आज का जीएमपी या ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹0 था। इसका मतलब है कि ग्रे मार्केट में शेयरों का कारोबार उनके इश्यू प्राइस ₹460 पर बिना किसी प्रीमियम या छूट के हो रहा था।

First Published : December 10, 2025 | 9:45 AM IST