facebookmetapixel
क्विक कॉमर्स की रफ्तार पर सवाल: डिलिवरी कितनी तेज होनी चाहिए?Editorial: सुप्रीम कोर्ट का फैसला और कर अनिश्चितता — विदेशी निवेश के लिए नया खतरापाकिस्तान से ‘आजादी’ हासिल करने का वक्त: हर मोर्चे पर भारत से बढ़ता फासलाअगले हफ्ते बाजार का इम्तिहान: बैंकिंग, IT से लेकर अदाणी ग्रुप की कंपनियों के रिजल्ट्स तय करेंगे चालDARPG डेटा में खुलासा: 2025 में श्रम मंत्रालय को मिलीं शिकायतें, कुल ग्रीवांस में 15.5% हिस्सेदारी‘हम ब्लैकमेल नहीं होने वाले’, टैरिफ पर EU और ब्रिटेन का ट्रंप को जवाब: यह फैसला रिश्तों में दरार डालेगाQ3 Preview: घरेलू बिक्री बढ़ी, दवा कंपनियों की Q3 आमदनी में 8-11% तक उछालUPI को ग्लोबल बनाने की जरूरत, छोटे मर्चेंट्स के लिए सेटलमेंट को सही करना जरूरी: Pay10 के फाउंडरवर्कप्लेस पर तेजी से बढ़ रहा है AI का इस्तेमाल, लेकिन ट्रेनिंग में पीछे छूट रही हैं कंपनियां: रिपोर्टMauni Amavasya 2026: प्रयागराज में संगम पर उमड़ी करोड़ों की श्रद्धालुओं की भीड़, शंकराचार्य विवाद में फंसे

निवेशकों ने म्यूचुअल फंड की फिक्स्ड इनकम वाली योजनाओं से 2022 में 2.3 लाख करोड़ रुपये निकाले

Last Updated- January 12, 2023 | 4:59 PM IST
6 new fund companies will enter the mutual fund industry this year इस साल म्युचुअल फंड उद्योग में 6 नई फंड कंपनी देंगी दस्तक

इंटरेस्ट रेट बढ़ने और इक्विटी शेयर में बेहतर रिटर्न से बीते वर्ष म्यूचुअल फंड की निश्चित आय (Fixed Income) वाली योजनाओं पर विपरीत असर पड़ा है और इस खंड से शुद्ध रूप से 2.3 लाख करोड़ रुपये निकाले गये हैं। हालांकि ब्याज दर में वृद्धि की गति धीमी पड़ने को देखते हुए इस साल स्थिति पलटने की संभावना है।

म्यूचुअल फंड की निश्श्चित आय वाली योजनाओं के तहत बॉन्ड, प्रतिभूतियों जैसे वित्तीय उत्पादों में निवेश किया जाता है। म्यूचुअल फंड कंपनियों का संघ एसोसएिशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार यह वर्ष 2021 में शुद्ध रूप से निकाले गये 34,545 करोड़ रुपये से यह कहीं अधिक है।

मॉर्निंगस्टार इंडिया में वरिष्ठ विश्लेषक प्रबंधक (अनुसंधान) कविता कृष्णन ने कहा, ”बॉन्ड, पतिभूतियों में निवेश वाली म्यूचुअल फंड की योजनाओं के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है। ब्याज दर में वृद्धि की गति अब मंद पड़ रही है। इसको देखते हुए 2023 में स्थिति बदलने की संभावना है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मूल्यांकन के लिहाज से इक्विटी शेयर बाजार में दबाव दिख रहा है। ऐसे में निवेशक मध्यम अवधि की बॉन्ड, प्रतिभूतियों में निवेश वाली म्यूचुअल फंड योजनाओं का रुख कर सकते हैं, जो उन्हें अपेक्षाकृत बेहतर रिटर्न दे सकता है…।’’

निश्चित आय वाली म्यूचुअल फंड योजनाओं से बीते वर्ष के 12 महीनों में से पांच में निकासी की गयी। कुल मिलाकर हमेशा निवेश के लिये उपलब्ध निश्चित आय वाली म्यूचुअल फंड योजनाओं से 2022 में शुद्ध रूप से 2.3 लाख करोड़ रुपये निकाले गये।

First Published - January 12, 2023 | 4:50 PM IST

संबंधित पोस्ट