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शेयरों में बीमा फर्मों का बढ़ा निवेश

Last Updated- December 15, 2022 | 4:11 AM IST

करीब आठ साल बाद बीमा कंपनियां घरेलू शेयर बाजार में इस साल शुद्घ खरीदार के तौर पर उभरी हैं। इस साल अब तक घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 80,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। इनमें से म्युचुअल फंडों ने 33,700 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, वहीं बीमा कंपनियों ने 46,000 करोड़ रुपये की शुद्घ लिवाली की। बाजार पर नजर रखने वालों का कहना है कि बीमा कंपनियों की लिवाली से बाजार को ऐसे समय में सहारा मिला है जब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का निवेश घट-बढ़ रहा है और नरमी की वजह से म्युचुअल फंडों की इक्विटी योजनाओं में निवेश घटा है।
कोविड के कारण बाजार में आई गिरावट का फायदा उठाते हुए बीमा कंपनियों, खास तौर पर जीवन बीमा कंपनियों ने मार्च और अप्रैल में शेयरों में खासा निवेश किया है। घरेलू संस्थागत निवेशकों में पेंशन कोष जैसे संस्थान भी शामिल हैं लेकिन म्युचुअल फंड और बीमा कंपनियों की इसमें बड़ी हिस्सेदारी है।
बीते समय की तरह ही इस साल भी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने बाजार की गिरावट को थामने के लिए कई बार सहारा दिया है। कंपनी ने कहा कि उसने चालू वित्त वर्ष में शेयरों में करीब 20,000 करोड़ रुपये का निवेश किया था। ज्यादातर निवेश ब्लूचिप कंपनियों में किया गया है।
एलआईसी के प्रबंध निदेशक टीसी सुशील कुमार ने कहा, ‘दीर्घावधि निवेशक के तौर पर एलआईसी विविधीकृत निवेश पर ध्यान देती है। हालांकि मौजूदा महामारी के दौरान लॉर्ज कैप्स पर ज्यादा ध्यान रहा और अधिक प्रभावित क्षेत्रों की कंपनियों में निवेश से परहेज किया गया।’
मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के निदेशक एवं मुख्य निवेश अधिकारी मिहिर वोरा ने कहा, ‘बीमा कंपनियों को इस साल यूलिप और परंपरागत योजनाओं में निरंतर निवेश मिला है, जिनमें से कुछ का निवेश इक्विटी बाजार में किया गया।’
यूलिप में धनराशि का आवंटन अलग-अलग ग्राहकों के लिए भिन्न होता है लेकिन आम तौर पर 75 फीसदी राशि का निवेश शेयरों में किया जाता है। दूसरी ओर एंडाउमेंट जैसे पारंपरिक उत्पादों की 5 से 20 फीसदी राशि ही शेयरों में लगाई जाती है।
हालांकि बीमा कंपनियों को एफपीआई या म्युचुअल फंड की तरह घरेलू बाजार को बढ़ावा देने वाला नहीं माना जाता है मगर एलआईसी जैसी बीमा कंपनियों ने कई बार बाजार को गिरावट थामने में सहारा दिया है।
अश्विन पारेख एडवाइजरी सर्विसेज के मुख्य कार्याधिकारी अश्विन पारेख ने कहा, ‘एलआई के निवेश के साथ ही खुदरा निवेशकों के दम पर पिछले कुछ महीनों में बाजार का मनोबल बढ़ा है।’
2019 में म्युचुअल फंडों ने 52,000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे थे, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 42,000 करोड़ रुपये की लिवाली की थी, जबकि बीमा कंपनियों ने शुद्घ बिकवाली की थी।

First Published - July 28, 2020 | 10:52 PM IST

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