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FPI के निवेश की रफ्तार पड़ी सुस्त, अगस्त में अबतक शेयरों में डाले 10,689 करोड़ रुपये

इससे पिछले तीन माह में एफपीआई का निवेश लगातार 40,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा था

Last Updated- August 27, 2023 | 11:55 AM IST
FPI Trend: Continuous selling by foreign investors stopped, buyers became buyers after two months, pumped Rs 15,446 crore into the market विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का दौर थमा, दो महीने बाद बने खरीदार, बाजार में झोंके 15,446 करोड़ रुपये

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की भारतीय शेयर बाजारों में निवेश की रफ्तार अगस्त में कुछ सुस्त पड़ी है। इससे पिछले तीन माह के दौरान एफपीआई ने भारतीय शेयरों में भारी निवेश किया था। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मुद्रास्फीति के जोखिम के बीच इस महीने अबतक विदेशी निवेशकों का शेयर बाजारों में शुद्ध निवेश 10,689 करोड़ रुपये रहा है।

कोटक सिक्योरिटीज लि. के खुदरा शोध प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा कि वृहद आर्थिक अनिश्चितता और अमेरिका में बॉन्ड पर प्रतिफल बढ़ने की वजह से इस सप्ताह शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव रह सकता है। ‘‘इससे विदेशी निवेशक भारत सहित उभरते बाजारों से निकासी कर सकते हैं और अमेरिकी प्रतिभूतियों में निवेश बढ़ा सकते हैं।’’

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि अगस्त में मानसून कमजोर रहने और इसके असमतल वितरण से मुद्रास्फीति ऊंचे स्तर पर रह सकती है। यह स्थिति बाजार की धारणा को प्रभावित करेगी।

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, इस महीने अबतक यानी 26 अगस्त तक एफपीआई ने शेयरों में 10,689 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

इससे पिछले तीन माह में एफपीआई का निवेश लगातार 40,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा था।

जुलाई में एफपीआई ने भारतीय शेयरों में 46,618 करोड़ रुपये का निवेश किया था। जून में उनका निवेश 47,148 करोड़ रुपये रहा था। मई में उन्होंने शेयरों में 43,838 करोड़ रुपये डाले थे। इससे पहले अप्रैल में उनका निवेश 11,631 करोड़ रुपये और मई में 7,935 करोड़ रुपये रहा था।

मॉर्निंगस्टोर इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि इस महीने एफपीआई के निवेश में सुस्ती की मुख्य वजह यह रही कि वे जैक्सन होल में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कार्यक्रम का इंतजार कर रहे थे, जिससे आगामी मौद्रिक नीति के रुख का संकेत मिलता।

फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की अगली बैठक 19-20 सितंबर को होनी है।

समीक्षाधीन अवधि में एफपीआई ने शेयरों के अलावा ऋण या बॉन्ड बाजार में भी 5,950 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

इस साल भारतीय शेयरों में एफपीआई का निवेश 1.37 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं ऋण या बॉन्ड बाजार में उनका निवेश 26,400 करोड़ रुपये रहा है।

First Published - August 27, 2023 | 11:55 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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