facebookmetapixel
Advertisement
वेस्ट एशिया युद्ध के बीच PM Modi की चेतावनी, अफवाहों से बचें, देश के सामने बड़ा ईंधन संकट खड़ाडीमैट खातों पर रोक हटेगी या नहीं, NCLAT ने सुनाया बड़ा फैसला, BSE की अपील खारिजकच्चे तेल में ट्रेडिंग का नया दौर, NSE 13 अप्रैल से लाएगा ब्रेंट फ्यूचर्स; निवेशकों के लिए खुलेंगे कमाई के नए दरवाजे?मार्च में विदेशी निवेशकों का बड़ा झटका, ₹1.14 लाख करोड़ निकालकर बाजार को हिला दिया, वेस्ट एशिया तनाव बना वजहIPL 2026: Virat Kohli का विराट रिकॉर्ड! चेज में 4000 रन पूरे, टी20 में भी मारी लंबी छलांगRaymond के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का निधन, 87 की उम्र में ली आखिरी सांसVedanta का बड़ा दांव! एक कंपनी से बनेंगी 5 लिस्टेड कंपनियां, बाजार में मचेगी हलचलपश्चिम एशिया की जंग से भारतीय अर्थव्यवस्था पर संकट: क्या 7.4% की विकास दर हासिल कर पाएगा भारत?WTO में भारत का बड़ा कदम: डिजिटल ट्रेड पर टैरिफ न लगाने के मोरेटोरियम को दो साल के लिए दी मंजूरीमोदी-ट्रंप की फोन पर बातचीत में मस्क की मौजूदगी को भारत ने नकारा, कहा: सिर्फ दोनों नेता ही शामिल थे

सितंबर में F&O वॉल्यूम नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा

Advertisement

F&O सेगमेंट में बढ़ती वॉल्यूम का कारण स्थिर बाजार प्रदर्शन, सेबी की सख्तियों से भविष्य में हो सकती है गिरावट

Last Updated- October 02, 2024 | 10:22 PM IST
F&O volume hit new highs despite STT hike

वायदा एवं विकल्प सेगमेंट में रोजाना का औसत कारोबार सितंबर में 537 लाख करोड़ रुपये की नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। इसमें मासिक आधार पर 7.2 फीसदी का इजाफा हुआ। नकदी सेगमेंट में रोजाना का औसत कारोबार हालांकि 4 फीसदी घटकर 1.3 लाख करोड़ रुपये रह गया।

एफऐंडओ सेगमेंट में वॉल्यूम में बढ़ोतरी इसलिए हुई क्योंकि बाजारों में पिछले महीने स्थिर प्रदर्शन देखने को मिला। बेंचमार्क निफ्टी-50 इंडेक्स करीब 4 फीसदी चढ़ा जबकि निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों ने माह की समाप्ति सितंबर में मामूली बदलाव के साथ की।

आने वाले समय में हालांकि वायदा एवं विकल्प में वॉल्यूम नियामक की सख्ती के कारण घट सकता है। बाजार नियामक सेबी ने बुधवार को ऐलान किया कि वह ट्रेडरों के इसमें उतरने पर सख्ती बढ़ाएगा, साप्ताहिक एक्सपायरी की संख्या घटाएगा और मार्जिन के अग्रिम संग्रह की दरकार होगी।

20 नवंबर से छह में से तीन कदम लागू होंगे जबकि दो 1 फरवरी से और पोजीशन सीमा की इंट्राडे निगरानी 1 अप्रैल से लागू होगी। इसके अलावा सेबी ने डेरिवेटिव सेगमेंट के लिए शेयरों के चयन के पात्रता मानक में बदलाव किया है। नया नियम डेरिवेटिव सेगमेंट के लिए ज्यादा लिक्विड शेयरों को पात्र बनाने के लक्ष्य से उठाया गया है और इससे 182 शेयरों में बदलाव होगा, जो अभी एफऐंडओ ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हैं।

Advertisement
First Published - October 2, 2024 | 10:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement