facebookmetapixel
पूर्व सेना प्रमुख नरवणे के अप्रकाशित संस्मरणों पर हंगामा, लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगितबैंकिंग सुधार समिति की रूपरेखा जल्द, बीमा में 100% FDI को वैश्विक दिलचस्पी: एम नागराजूविनिवेश की रफ्तार से बनेगा राजस्व का रास्ता, बजट के बाद बोलीं निर्मला सीतारमणAir India के बोइंग 787 में ईंधन नियंत्रण स्विच में खामी, लंदन-बेंगलूरु उड़ान रोकी गईEditorial: संघीय संतुलन, राज्यों की हिस्सेदारी और राजकोषीय अनुशासन की कठिन कसौटीबजट 2026-27: कर प्रोत्साहन और सख्त राजकोषीय गणित ने विकास अनुमानों की परीक्षा लीबजट 2026-27: राजकोषीय मजबूती के आंकड़ों के पीछे की कहानी और बाकी बड़े सवालबजट में बढ़ी बाजार उधारी से बॉन्ड यील्ड ऊपर, डेट म्युचुअल फंड निवेशकों को रणनीति बदलने की जरूरतSTT बढ़ाकर ₹73,700 करोड़ जुटाने का लक्ष्य, लेकिन F&O वॉल्यूम घटने से अनुमान पर उठे सवालF&O पर बढ़ा STT: आर्बिट्राज फंडों के रिटर्न पर 30-50 आधार अंक का दबाव

हमारी सफलता में सभी का योगदान: BSE MD

बीएसई के एमडी और सीईओ राममूर्ति ने कहा कि एशिया के इस सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज ने तेजी से अपनी लोकप्रियता बढ़ाई है।

Last Updated- May 16, 2024 | 11:28 PM IST
This time we will be able to crack the derivatives segment

बीएसई ने 15 मई, 2023 को अपने नए एमडी एवं सीईओ सुंदररामन राममूर्ति (BSE MD & CEO Ramamurthy) के नेतृत्व में इंडेक्स डेरिवेटिव को पुन: पेश किया था। एक साल में एक्सचेंज की बाजार भागीदारी शून्य से बढ़कर करीब 20 प्रतिशत हो गई।

इंडेक्स को पुन: पेश किए जाने के ठीक 12 महीने बाद राममूर्ति ने समी मोडक को दिए साक्षात्कार में बताया कि किस तरह से एशिया के इस सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज ने तेजी से अपनी लोकप्रियता बढ़ाई है। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:

बीएसई डेरिवेटिव की पुन: पेशकश से सफलता की राह मजबूत हुई है। इसकी क्या वजह है?

इस तरह की सफलता की किसी को उम्मीद नहीं थी। लोगों को आशंकाएं थीं, लेकिन मुझे किसी तरह का संदेह नहीं था। हालांकि मुझे यह बदलाव इतनी तेजी से होने की भी उम्मीद नहीं थी। जब मैं यहां शामिल हो रहा था, तो सोचा रहा था कि इसे सफल कैसे बनाया जाएगा।

मेरा मानना है कि किसी संगठन को तभी सफल बनाया जा सकता है जब वह आर्थिक उद्देश्य को पूरा करे। जब एनएसई की शुरुआत हुई, तो बड़ा अंतर था।

सफलता का श्रेय समय को भी देते हैं?

हरेक कारक का सफलता में योगदान रहा है। बाजार, नियामक, मेरे बोर्ड, कर्मचारी, हमारी तकनीक, सभी इसमें मददगार हैं। सब कुछ सही समय पर एक साथ हुआ है। यह किसी एक आदमी का प्रयास नहीं है। हमारे पास कोई जादू की छड़ी नहीं थी। हम एक्सपायरी के दिन 4 अरब ऑर्डरों का प्रबंधन करते हैं। हमारी शुरुआती ऑर्डर क्षमता महज 10 करोड़ ऑर्डर थी। सभी के सहयोग के बिना इसे बढ़ाना संभव नहीं था।

अगले साल के लिए क्या लक्ष्य हैं?

अगर मैं कहूं कि मैंने लक्ष्य तय नहीं किए हैं, तो यह झूठ होगा। लेकिन मेरे लक्ष्य बाजार भागीदारी बढ़ाने से जुड़े हुए नहीं हैं। ये भविष्य में ज्यादा टिकाऊ उत्पाद बनाने से जुड़े हुए हैं। हमारे जैसे लोग आएंगे और जाएंगे। लेकिन बीएसई बना रहेगा। ऐसा 150 वर्षों से चल रहा है और कई सदियों तक चलता रहेगा। किसी मजबूत उत्पाद के लिए हमें अधिक गहराई और व्यापकता बनाने की आवश्यकता होगी।

इसके लिए, मुझे कम से कम 500 सदस्यों, 300 एफपीआई, अन्य 10 लाख विशेष ग्राहक और न सिर्फ मौजूदा सप्ताह, बल्कि अगले सप्ताह और अगले महीने के लिए भी ज्यादा ओपन इंटरेस्ट की जरूरत होगी। मैं 1 जुलाई से स्टॉक वायदा शुरू कर रहा हूं। हमें इसे उत्साहपूर्ण बनाने की जरूरत है। हमारा निवेशक समूह अधिक विविध एवं व्यापक होना चाहिए।

क्या निवेश बढ़ाने की योजनाएं बनाई हैं?

हमारे निवेश बढ़ेंगे। हम कोलोकेशन का दायरा बढ़ा रहे हैं। सभी सर्वर पुराने होंगे। मैं हर चीज का नवीनीकरण कर रहा हूं। मानव संसाधन, फिजिकल इन्फ्रा. और तकनीकी इन्फ्रास्ट्रक्चर तीन मुख्य क्षेत्र हैं।

मैं अपना सभी मुनाफा इस्तेमाल करूंगा और अपने शेयरधारकों को भुगतान के बाद आय बनाए रखूंगा। मेरा मकसद आने वाले वर्षों में एक मजबूत बीएसई तैयार करना है।

बीएसई ने सेबी के ऊंचे शुल्कों की वजह से ट्रांजेक्शन शुल्क बढ़ाए हैं। क्या इससे कारोबार प्रभावित होगा?

मैं नहीं मानता कि इससे कारोबार प्रभावित होगा, क्योंकि हमारे उत्पादों में तरलता की स्थिति अब मजबूत है।

First Published - May 16, 2024 | 10:47 PM IST

संबंधित पोस्ट