facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

अमेरिकी बाजार के लिए उत्साहजनक अनुमानों से बढ़ा Cipla निवेशकों का मनोबल

Advertisement

कंपनी की बिक्री को नई दवाओं से मदद मिलने की संभावना है, जिनमें कैंसर उपचार की दवा अब्रैक्सेन और टैसिग्ना के जेनेरिक वर्सन शामिल हैं।

Last Updated- July 27, 2025 | 10:34 PM IST
Pharma Stocks today

बाजार पूंजीकरण के हिसाब से देश की तीसरी सबसे बड़ी दवा निर्माता सिप्ला का शेयर शुक्रवार को निफ्टी 50 पर 3 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ सबसे अधिक चढ़ने वाला शेयर रहा। हालांकि वित्त वर्ष 2026 अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे अनुमानों से बेहतर रहे, लेकिन अमेरिकी बाजार के लिए उत्साहजनक अनुमानों ने मनोबल बढ़ा दिया।

तिमाही से पहले ज्यादातर ब्रोकरेज फर्मों को अमेरिकी कारोबार में कमजोरी और मुनाफे पर दबाव की आशंका जताई थी। लेकिन लॉन्च शेड्यूल, पहली तिमाही में मार्जिन प्रदर्शन और वित्त वर्ष 2026 के अनुमानों ने इन सब चिंताओं को दूर कर दिया। निवेशकों का ध्यान अमेरिकी परिचालन पर रहा, खासकर कैंसर की दवा रेवलिमिड के जेनेरिक संस्करण पर मूल्य निर्धारण के दबाव और सिप्ला की घाटे की भरपाई के लिए अपने राजस्व को बनाए रखने की क्षमता पर।

जून तिमाही में अमेरिका में कंपनी की बिक्री रेवलिमिड की जेनेरिक दवाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा से सालाना आधार पर 7 फीसदी तक घट गई। मोतीलाल ओसवाल रिसर्च का मानना है कि इस सेगमेंट में यह सालाना आधार पर गिरावट वाली लगातार तीसरी तिमाही थी। हालांकि सिप्ला एल्बूटेरॉल के जेनेरिक वर्जन जैसी सांस की प्रमुख दवाओं की बढ़ती बाजार भागीदारी और ऊंची बिक्री के जरिये यह दबाव कम करने में सफल रही। एल्बूटेरॉल में कंपनी की बाजार भागीदारी 19 फीसदी और लेनरियोटाइड में 21 फीसदी है।

अमेरिकी बिक्री 7 फीसदी घटकर 22.6 करोड़ डॉलर (कुल राजस्व में 28 फीसदी की भागीदारी) रह जाने के बावजूद आंकड़े अनुमान से बेहतर रहे। 22 करोड़ डॉलर की बिक्री का अनुमान जताया गया था। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 23.5-24-5 फीसदी का अपना मार्जिन अनुमान बरकरार रखा है और वित्त वर्ष 2027 के लिए  1 अरब डॉलर की अमेरिकी बिक्री का लक्ष्य रखा है। कंपनी की बिक्री को नई दवाओं से मदद मिलने की संभावना है, जिनमें कैंसर उपचार की दवा अब्रैक्सेन और टैसिग्ना के जेनेरिक वर्सन शामिल हैं।

इसके अलावा कंपनी को अस्थमा उपचार की दवा एडवेयर और सिंबीकोर्ट के जेनेरिक वर्सन के साथ साथ वित्त वर्ष 2027 में दो-तीन इन्हेलेशन और पेप्टाइड उत्पादों से भी फायदा हो सकता है। सिप्ला के जुलाई-सितंबर तिमाही में पहला बायोसिमिलर फिल्ग्रास्टिम बाजार में उतारे जाने की भी संभावना है।

ब्रोकरेज 1 अरब डॉलर के लक्ष्य की संभावना पर विभाजित हैं। बीओबी कैपिटल मार्केट्स के विश्लेषक फोरम पारेख का कहना है, ‘अमेरिका में प्रमुख पेशकशों से सिप्ला को वित्त वर्ष 2027 में 1 अरब डॉलर की बिक्री का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिल सकती है। रेवलिमिड जेनेरिक पर विशिष्टता खोने के बाद सभी नई पेशकशों को ध्यान में रखते हुए हमें उम्मीद है कि बिक्री, परिचालन लाभ और शुद्ध लाभ क्रमशः 6, 4 और 3 प्रतिशत बढ़ेंगे।’ब्रोकरेज ने इस शेयर के लिए 1,771 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ ‘खरीदें’ रेटिंग दी है।

इलारा सिक्योरिटीज ने बताया कि कंपनी की नई पेशकशों में अब्रैक्सेन, टैसिग्ना, एडवेयर, सिम्बीकॉर्ट और कुछ पेप्टाइड दवाओं के जेनेरिक वर्जन शामिल हैं। विश्लेषक बिनो पाथिपरम्पिल ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2027 में 1 अरब डॉलर के अमेरिकी राजस्व का लक्ष्य बहुत ज्यादा लगता है। अगर यह वित्त वर्ष 2027 में डोवाटो के जेनेरिक के लिए एकमात्र फर्स्ट-टू-फाइल का मौका मिला तो वह इसे हासिल कर सकती है। लेकिन समय-सीमा की सीमित स्पष्टता के कारण हम अभी इसे लागू नहीं कर रहे हैं। अगर यह पूरी भी होती है तो भी इसकी एकबारगी प्रकृति को देखते हुए इससे मूल्यांकन में बहुत कम वृद्धि होगी।’

वित्त वर्ष 2026 के आय अनुमान अपरिवर्तित रहे। लेकिन इलारा ने वित्त वर्ष 2027 और 2027-28 के लिए अनुमानों में 8-9 प्रतिशत का इजाफा किया है, जो अमेरिका में बिक्री के बेहतर अनुमान पर आधारित है। ब्रोकरेज ने सिप्ला के शेयरों की रेटिंग ‘घटाएं’ से बदलकर ‘खरीदें’ कर दी है और इसके कीमत लक्ष्य को 1,465 से बढ़ाकर 1,670 रुपये कर दिया है।

घरेलू बाजार में सिप्ला का घरेलू फॉर्मूलेशन व्यवसाय (कुल राजस्व का 44 प्रतिशत) सालाना आधार पर 5.9 प्रतिशत बढ़ा। रेस्पिरेटरी और एंटी-इन्फेक्टिव थेरेपी में धीमी वृद्धि (जिसमें सिप्ला का अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बड़ा असर है) ने प्रदर्शन को प्रभावित किया। जहां उपभोक्ता स्वास्थ्य और ट्रेड जेनेरिक दवाओं ने अच्छी बढ़त दर्ज की, वहीं प्रिस्क्रिप्शन सेगमेंट का प्रदर्शन कमजोर रहा। भविष्य में, तीनों श्रेणियों – प्रिस्क्रिप्शन, ट्रेड जेनेरिक और ओवर-द-काउंटर के सालाना आधार पर लगभग 8 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है।

मोतीलाल ओसवाल रिसर्च के विश्लेषक तुषार मनुधाने ने इस शेयर के लिए ‘तटस्थ’ रेटिंग दी है। उन्होंने इस शेयर के लिए 1,580 रुपये का कीमत लक्ष्य तय किया है।

Advertisement
First Published - July 27, 2025 | 10:34 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement