facebookmetapixel
Advertisement
‘संकट न होता तो धीरे होते सुधार’, 1991 की उदारीकरण नीति पर पूर्व योजना आयोग सचिव ने किए कई खुलासेशी चिनफिंग की भारत यात्रा से भारत-चीन संबंधों को मिलेगा नया मोड़, PM मोदी से मुलाकात होगी अहमRBI सितंबर में बेचेगा 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के बॉन्ड, बैंकिंग सिस्टम की नकदी घटाने की तैयारीSBI बना रहा नया लोन मॉडल, GST के बिना छोटे कारोबारों को UPI लेनदेन के आधार पर मिलेगा कर्जनिर्माण श्रमिकों के रोजगार और कल्याण होंगे डिजिटल, 9 राज्यों में शुरू होगा ‘डिजिटल लेबर चौक’सर्विकल कैंसर से बचाव के लिए 14 साल की लड़कियों को दी गईं 80 लाख से ज्यादा HPV वैक्सीनमुंबई-दिल्ली हवाई रूट बना सबसे बड़ा बाजार, इंडिगो-एअर इंडिया में टक्कर; अकासा बनी तीसरी बड़ी खिलाड़ीचीनी-नमक और फैट वाले खाने पर कैसे लगेगा चेतावनी लेबल? सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI से पूछाभारत में जीन एडिटिंग से तैयार फसलें लाएगी कॉर्टेवा, बीज कारोबार बढ़ाने पर बड़ा फोकसकमाई के लिए ऑप्शन कारोबार पर निर्भरता घटाने की तैयारी में NSE, जिंस, ETF और SIF पर बढ़ाएगा फोकस

बैंकिंग क्षेत्र में नकदी में खासी कमी

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 5:13 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप के कारण बैंकिंग व्यवस्था में अतिरिक्त नकदी उल्लेखनीय रूप से कम हो गई है। ट्रेजरी अधिकारियों ने कहा कि पिछले 2 दिनों में इंटरबैंक काल मनी रेट रिजर्व बैंक के ब्याज दर गलियारे की ऊपरी सीमा पर पहुंच गया है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) खाते से पैसे निकलने की वजह से भी अतिरिक्त नकदी कम हुई है और काल रेट तेजी से बढ़ा है।
ट्रेजरी अधिकारियों ने कहा कि जुलाई में जीएसकी खाते से शुद्ध निकासी करीब 1.2 से 1.4 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।  बहरहाल यह मात्रा पिछले कुछ महीनों से देखी जा ही निकासी जैसी ही है। सबसे ज्यादा असर रिजर्व बैंक द्वारा मुद्रा बाजार में आक्रामक हस्तक्षेप का पड़ा है।
रिजर्व बैंक अपने भंडार से आक्रामक रूप से डॉलर की बिक्री कर रहा है, जिससे रुपये में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव को कम किया जा सके, क्योंकि अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने के साथ वैश्विक रूप से इसका असर पड़ा है। 19 जुलाई को रुपया एक अमेरिकी डॉलर की तुलना में 80.06 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था।
जब रिजर्व बैंक हाजिर बाजार में डॉलर बेचता है तो बैंकिंग व्यवस्था से वह नकदी को सोखता है।
एक विदेशी बैंक से वरिष्ठ ट्रेजरी ऑफिसर ने कहा, ‘पिछले 3 सप्ताह से रिजर्व बैंक एफएक्स हस्तक्षेप के माध्यम से हर सप्ताह 35,000 से 37,000 करोड़ रुपये वापस ले रहा है।’

Advertisement
First Published - July 29, 2022 | 1:10 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement