facebookmetapixel
Advertisement
लागत की मार से जूझते हाईवे प्रोजेक्ट्स को सरकार ने दी राहत, 3 महीने के स्पेशन मुआवजा सिस्टम का ऐलानIncome Tax Act 2025: अब कैसे लगेगा टैक्स? जानिए बड़े बदलावअमेरिका में तरजीही बाजार पहुंच पर भारत की नजर, संबंध बेहद मजबूत: गोयलReliance की SEZ रिफाइनरी से डीजल, ATF निर्यात पर नहीं लगेगा विंडफॉल टैक्सपश्चिम एशिया संकट से महंगा हुआ सूरजमुखी तेल, भारत में खपत 10% घटने का अनुमानJioBlackRock में बड़ा बदलाव: मार्क पिलग्रेम देंगे इस्तीफा, स्वप्निल भास्कर संभालेंगे कमानफ्रैंकलिन टेम्पलटन की SIF में एंट्री, लॉन्च किया सफायर इक्विटी लॉन्ग शॉर्ट फंड; क्या है इसमें खास?सरकार ने FY26 में इनडायरेक्ट टैक्स का लक्ष्य पार किया, कस्टम और GST कलेक्शन मजबूतConsumption Funds: 3 महीने में 12.7% टूटे: क्या अब निवेश का सही मौका या सतर्क रहने की जरूरत?डिविडेंड, बोनस शेयर का मौका! जान लें रिकॉर्ड डेट

एमकैप फिर 5 लाख करोड़ डॉलर के पार

Advertisement

यह रिकॉर्ड तोड़ पांच दिवसीय तेजी की बदौलत हुआ है। इन कारोबारी सत्रों में घरेलू फर्मों के बाजार मूल्य में लगभग 0.5 लाख करोड़ डॉलर की वृद्धि हुई।

Last Updated- April 21, 2025 | 10:24 PM IST
market cap
प्रतीकात्मक तस्वीर

जनवरी की शुरुआत के बाद पहली बार बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 5 लाख करोड़ डॉलर के पार चला गया है। यह रिकॉर्ड तोड़ पांच दिवसीय तेजी की बदौलत हुआ है। इन कारोबारी सत्रों में घरेलू फर्मों के बाजार मूल्य में लगभग 0.5 लाख करोड़ डॉलर की वृद्धि हुई। हालांकि भारत का एमकैप 27 सितंबर को दर्ज किए गए 5.7 लाख करोड़ डॉलर के सर्वोच्च स्तर से 700 अरब डॉलर कम है।

पिछले एक सप्ताह में भारत वैश्विक स्तर पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला प्रमुख बाजार बनकर उभरा है। यह आशावाद अमेरिका को सीमित माल निर्यात के कारण वैश्विक व्यापार व्यवधानों से भारत के अछूते होने से उपजा है जो सकल घरेलू उत्पाद का केवल 1 फीसदी है। देश के वृहद आर्थिक माहौल को तेल की गिरती कीमतों, कमजोर अमेरिकी डॉलर और आगे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से भी लाभ मिल रहा है।

वैश्विक स्तर पर भारत अब ब्रिटेन और कनाडा को पीछे छोड़ते हुए पांचवें सबसे मूल्यवान बाजार पर काबिज हो गया है। उभरते बाजारों में यह सबसे महंगा है जो अपनी अनुमानित 12 महीने के आगे की आय के 21 गुना पर कारोबार कर रहा है और यह इसके 20 साल के औसत 17.5 गुने और औसत मंदी के 9.7 गुने से काफी ऊपर है। उधर, दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान जैसे बाजार औसत मंदी के मूल्यांकन के करीब कारोबार कर रहे हैं।

 

Advertisement
First Published - April 21, 2025 | 10:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement