facebookmetapixel
Kotak MF ने उतारा नया सर्विसेज फंड, ₹500 की SIP से भारत के ग्रोथ इंजन पर दांव लगाने का मौकाट्रेड डील के बाद बाजार का भरोसा क्यों लौटा अंबानी-अदाणी पर?Explainer: India-US Trade Deal के बाद देश के टेक्सटाइल सेक्टर को कैसे बूम मिलने वाला है?अमेरिकी टैरिफ कटौती से रत्न, आभूषण और कपड़ा सेक्टर को बढ़ावा, रूसी तेल से तुरंत दूरी मुश्किल: Moody’sHAL, BEL से लेकर PTC तक निवेश का मौका, ब्रोकरेज ने डिफेंस शेयरों पर हाई टारगेट तय किएStocks To Buy: ₹200 से सस्ते ये दो PSU स्टॉक्स दे सकते हैं अच्छा मुनाफा! नतीजों के बाद ब्रोकरेज की BUY रेटिंगअमेरिकी ड्यूटी में कटौती से झींगा इंडस्ट्री को बड़ी राहत, कॉ​म्पिटिटर्स के मुकाबले स्थिति बेहतरभारत-अमेरिका ट्रेड डील से ‘काफी अनिश्चितता खत्म हुई’: DEA सचिवAdani Ports Q3 Results: तीसरी तिमाही में मुनाफा 21% बढ़ा, 3043 करोड़ रुपये पहुंचा; शेयर 9% उछलाHyundai Motors Share: Q3 में 6% बढ़ा मुनाफा, अब स्टॉक में आएगा तेजी? एमके ग्लोबल ने बताया

एमकैप फिर 5 लाख करोड़ डॉलर के पार

यह रिकॉर्ड तोड़ पांच दिवसीय तेजी की बदौलत हुआ है। इन कारोबारी सत्रों में घरेलू फर्मों के बाजार मूल्य में लगभग 0.5 लाख करोड़ डॉलर की वृद्धि हुई।

Last Updated- April 21, 2025 | 10:24 PM IST
market cap
प्रतीकात्मक तस्वीर

जनवरी की शुरुआत के बाद पहली बार बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 5 लाख करोड़ डॉलर के पार चला गया है। यह रिकॉर्ड तोड़ पांच दिवसीय तेजी की बदौलत हुआ है। इन कारोबारी सत्रों में घरेलू फर्मों के बाजार मूल्य में लगभग 0.5 लाख करोड़ डॉलर की वृद्धि हुई। हालांकि भारत का एमकैप 27 सितंबर को दर्ज किए गए 5.7 लाख करोड़ डॉलर के सर्वोच्च स्तर से 700 अरब डॉलर कम है।

पिछले एक सप्ताह में भारत वैश्विक स्तर पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला प्रमुख बाजार बनकर उभरा है। यह आशावाद अमेरिका को सीमित माल निर्यात के कारण वैश्विक व्यापार व्यवधानों से भारत के अछूते होने से उपजा है जो सकल घरेलू उत्पाद का केवल 1 फीसदी है। देश के वृहद आर्थिक माहौल को तेल की गिरती कीमतों, कमजोर अमेरिकी डॉलर और आगे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से भी लाभ मिल रहा है।

वैश्विक स्तर पर भारत अब ब्रिटेन और कनाडा को पीछे छोड़ते हुए पांचवें सबसे मूल्यवान बाजार पर काबिज हो गया है। उभरते बाजारों में यह सबसे महंगा है जो अपनी अनुमानित 12 महीने के आगे की आय के 21 गुना पर कारोबार कर रहा है और यह इसके 20 साल के औसत 17.5 गुने और औसत मंदी के 9.7 गुने से काफी ऊपर है। उधर, दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान जैसे बाजार औसत मंदी के मूल्यांकन के करीब कारोबार कर रहे हैं।

 

First Published - April 21, 2025 | 10:24 PM IST

संबंधित पोस्ट