facebookmetapixel
Advertisement
घर में नौकर, ड्राइवर या किरायेदार रखने से पहले ये जरूर करें!Karnataka CM: सिद्धारमैया ने छोड़ा कर्नाटक CM पद, प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया इस्तीफे का ऐलानभारत को मजबूत बॉन्ड मार्केट की जरूरत, वैश्विक अनिश्चितता से बढ़ा जोखिम: CareEdgeADR Report: राजनीतिक दलों की फंडिंग पर बड़ा खुलासा! 31 पार्टियों ने नहीं दी ऑडिट रिपोर्टSIFs की रेस तेज, सिर्फ 7 महीने में ही निवेश खातों की संख्या 50,000 के पार; AUM ₹12,329 करोड़Delhi: रेखा सरकार का बड़ा फैसला! कई मेट्रो स्टेशन और चौक के नाम बदले, पूरी लिस्ट देखेंदिल्ली में बदले कई मेट्रो स्टेशनों के नाम, CM रेखा गुप्ता ने जारी की नई लिस्टकम बारिश बढ़ा सकती है महंगाई; सरकार का दावा, अल-नीनो के खतरे से निपटने की पुख्ता तैयारीताइवान को लेकर अमेरिका-चीन में बढ़ सकता है युद्ध, परमाणु खतरे की चेतावनीअगले 5 साल में टूट सकते हैं गर्मी के सारे रिकॉर्ड, UN रिपोर्ट ने बढ़ाई दुनिया की चिंता

BSE 28 मार्च को लॉन्च करेगा T+0 सेटलमेंट सिस्टम, सेम डे मिलेगा पैसा, जानिए क्या है नियम

Advertisement

इसमें अगर आप ट्रेडिंग-डे पर 1:30 बजे तक शेयरों का कारोबार करेंगे तो शाम 4:30 बजे तक उनका सेटलमेंट हो जाएगा।

Last Updated- March 23, 2024 | 12:00 PM IST
T+0 settlement cycle

BSE में 28 मार्च से T+0 सेटलमेंट सिस्टम के तहत ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी। 28 मार्च को इसके बीटा वर्जन को लॉन्च किया जाना है। फिलहाल भारतीय शेयर मार्केट सभी शेयरों के लिए T+1 सेटलमेंट साइकल पर काम करता है।

क्या है T+0 सेटलमेंट

T+0 सेटलमेंट में शेयर की खरीदारी और बिक्री का सेटलमेंट एक ही दिन में होगा। T+0 सेटलमेंट के पहले फेज में सेम-डे सेटलमेंट लागू किया जाएगा, जिसके बाद खरीदार को उसी दिन शेयर अलॉटमेंट और बेचने वालों को उसी दिन फंड मिल जाएगा।

इसमें अगर आप ट्रेडिंग-डे पर 1:30 बजे तक शेयरों का कारोबार करेंगे तो शाम 4:30 बजे तक उनका सेटलमेंट हो जाएगा।वहीं, दूसरे फेज में 3:30 बजे तक किए गए सभी लेनदेन के लिए एक ऑप्शनल इमीडिएट ट्रेड-बाय-ट्रेड सेटलमेंट की सुविधा दी जाएगी।

SEBI ने 21 मार्च को T+0 सेटलमेंट सिस्टम के बीटा वर्जन के लिए फ्रेमवर्क जारी किया था। अभी इस सेटलमेंट सिस्टम को विकल्प के रूप में शुरू किया जा रहा है। इसका मतलब है कि T+1 सेटलमेंट जारी रहेगा।

मार्केट टाइमिंग्स: इसके लिए समय 9:15 बजे से 1:30 बजे तक है। वहीं क्लाइंट कोड मॉडिफिकेशन विंडो न1:45 बजे तक रहेगा। बता दें, T+0 स्टॉक्स में ट्रेडिंग सेटलमेंट हॉलीडे पर नहीं होगी।

ये भी पढ़ें- Fortis Healthcare Ltd को मिला इनकम टैक्स का नोटिस, 89 करोड़ के टैक्स और ब्याज की मांग

क्या है  T+1, T+2 और T+3 सेटलमेंट

सेटलमेंट सिस्टम की बात करें तो इसका मतलब है कि शेयर बाजार मे शेयर खरीदने वाले यानी कि बायर्स के अकाउंट में शेयर्स का ट्रांसफर और बेचने वाले के अकाउंट में जो शेयर बेचे गए हैं उसका अमाउंट ट्रांसफर  ही सेटलमेंट है।

भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में इस समय T+1 को फॉलो किया जाता है। यानि कि ऑर्डर के पूरा होने के 24 घंटे में फंड और सिक्योरिटी खरीदने और बेचने वाले के अकाउंट में आते हैं।

ये भी पढ़ें- Apple में फिर से लोगों की जाएगी नौकरी, 7 साल पुराने प्रोजेक्ट को किया बंद

उदाहरण के तौर पर समझें तो T+1 सेटलमेंट में 1 कारोबारी दिन में इन शेयरों के पैसे आपके अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएंगे। वहीं आपने शेयर खरीदे हैं तो ये शेयर 1 दिन में आपके डीमैट अकाउंट में क्रेडिट हो जाएंगे। यहीं नियम T+2 और T+3 सेटलमेंट में भी लागू होता है।

Advertisement
First Published - March 23, 2024 | 12:00 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement