NFO Alert: बजाज फिनसर्व एएमसी ने बजाज फिनसर्व लो ड्यूरेशन फंड (Bajaj Finserv Low Duration Fund) लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक ओपन-एंडेड लो ड्यूरेशन डेट स्कीम है, जिसे शॉर्ट टर्म इनकम के साथ लिक्विडिटी और लचीलापन चाहने वाले निवेशकों के लिए तैयार किया गया है। इस स्कीम का न्यू फंड ऑफर (NFO) 9 फरवरी 2026 को खुलेगा और 16 फरवरी 2026 को बंद होगा।
फंड का नाम – बजाज फिनसर्व लो ड्यूरेशन फंड
फंड टाइप – ओपन-एंडेड लो ड्यूरेशन डेट स्कीम
NFO ओपन डेट – 9 फरवरी, 2026
NFO क्लोजिंग डेट – 16 फरवरी, 2026
मिनिमम निवेश – ₹5,000
SIP निवेश- ₹1,000
एग्जिट लोड – कुछ नहीं
बेंचमार्क – NIFTY Low Duration Debt Index A-I
रिस्क लेवल – मध्यम जोखिम (Moderate)
फंड मैनेजर – निमेश चंदन और सिद्धार्थ चौधरी
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फंड हाउस के मुताबिक, बजाज फिनसर्व लो ड्यूरेशन फंड की मैकॉले अवधि 6 से 12 महीने के बीच रखी जाएगी, जिससे यह अतिरिक्त धन रखने वाले निवेशकों के लिए एक बेहतर विकल्प बनता है। यह स्कीम पारंपरिक बचत विकल्पों के मुकाबले एक बेहतर विकल्प देने का लक्ष्य रखती है और बिना इक्विटी बाजार की अस्थिरता के संभावित रूप से बेहतर आय के अवसर प्रदान करने की कोशिश करती है।
यह फंड डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स के डायवर्स पोर्टफोलियो में निवेश करेगा। इसमें मनी मार्केट सिक्योरिटीज, कॉरपोरेट बॉन्ड, नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs), सरकारी प्रतिभूतियों पर थर्ड पार्टी रीपो, ट्रेजरी बिल और रीपो शामिल होंगे। साथ ही, फंड लिक्विडिटी और ब्याज दर जोखिम का एक्टिव रूप से संभालेगा। कुल अवधि को कम रखते हुए फंड का कुछ सीमित निवेश लंबी अवधि वाली प्रतिभूतियों में भी हो सकता है।
यह फंड उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो 6-12 महीने के लिए अतिरिक्त धन को पार्क करना चाहते हैं। इसे सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे सिस्टेमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) के जरिए धीरे-धीरे रकम को इक्विटी या हाइब्रिड फंड में लगाना। इससे बाजार में प्रवेश का जोखिम संभालने में मदद मिलती है और इस बीच निवेश पर आय भी मिलती रहती है।
बजाज फिनसर्व एएमसी के CIO निमेश चंदन ने कहा कि लो ड्यूरेशन फंड उन निवेशकों के लिए अच्छा विकल्प है जो कम उतार-चढ़ाव के साथ स्थिर रिटर्न चाहते हैं। उनके मुताबिक, अभी ब्याज दरें लगभग संतुलित स्तर पर हैं, लेकिन बाजार में नकदी की थोड़ी कमी की वजह से शॉर्ट-टर्म यील्ड ऊंची बनी हुई है, न कि किसी बड़ी आर्थिक परेशानी की वजह से। उन्होंने कहा कि नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ब्याज दरों का असर बेहतर तरीके से दिख सकता है और आरबीआई की तरलता संबंधी मदद से दबाव कम हो सकता है। इससे निवेशकों को नियमित आय कमाने और संभावित पूंजी लाभ का मौका मिल सकता है।
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निमेश चंदन और सिद्धार्थ चौधरी दोनों साथ मिलकर इस फंड को मैनेज करेंगे। इस फंड का बेंचमार्क निफ्टी लो ड्यूरेशन डेट इंडेक्स A-I है। यह स्कीम पोटेंशियल रिस्क क्लास B-III के तहत आती है, जो अपेक्षाकृत ज्यादा ब्याज दर जोखिम और मध्यम क्रेडिट जोखिम को दर्शाता है। इसमें कोई एंट्री या एग्जिट लोड नहीं है और NFO अवधि के दौरान न्यूनतम निवेश राशि ₹5,000 रखी गई है, जिससे निवेशकों को लचीलापन और आसान पहुंच मिलती है।