facebookmetapixel
स्टॉक स्प्लिट का ऐलान: इस रियल्टी कंपनी के शेयर 15 जनवरी से होंगे स्प्लिट, जानें डिटेलStock Market Today: वेनेजुएला संकट के बीच एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख, जानें कैसी होगी शेयर बाजार की शुरुआतStocks To Watch Today: ONGC से Adani Power तक, आज बाजार में इन स्टॉक्स पर रहेगी नजरमजबूत फंडामेंटल के साथ शेयर बाजार में बढ़त की उम्मीद, BFSI क्षेत्र सबसे आगे: रमेश मंत्रीअमेरिकी प्रतिबंधों से वेनेजुएला की तेल अर्थव्यवस्था झुलसी, निर्यात पर गहरा असर; भारत का आयात भी घटाबांग्लादेश ने IPL के प्रसारण पर लगाया प्रतिबंध, एक्सपर्ट बोले: इस फैसले से कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगादिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकारGrok विवाद में X को सरकार ने दी 72 घंटे की और मोहलत, महिलाओं व बच्चों की तस्वीरों पर केंद्र सख्तकेंद्रीय बजट से पहले IVCA की मांग: AIF ने प्राइवेट क्रेडिट फंड्स के लिए टैक्स में समानता की मांग कीSMC बिल पर एम. दामोदरन की चेतावनी: सेबी का निवेशकों की सुरक्षा पर फोकस कमजोर

FMCG Stocks: FMCG सेक्टर पर ब्रोकरेज ने शुरू की कवरेज, इन दो स्टॉक्स को बताया टॉप पिक

खेती से जुड़ी चीज़ों की लागत घटी, लेकिन कुछ कच्चे माल की महंगाई ने बढ़ाई कंपनियों की चिंता; Marico और Emami एंटीक की टॉप पसंद

Last Updated- June 25, 2025 | 3:07 PM IST
FMCG Stock

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने FMCG सेक्टर पर अपनी ताज़ा रिपोर्ट में बताया है कि खेती से जुड़ी कई ज़रूरी चीज़ों की कीमतों में इस बार राहत देखने को मिली है। 2025 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में ज़्यादातर कृषि उत्पादों की कीमतें पिछली तिमाही (जनवरी से मार्च) के मुकाबले घट गई हैं। इससे महंगाई का दबाव कम हुआ है और आने वाले समय में कंपनियों के लागत पर असर पड़ सकता है।

गेहूं, पाम ऑयल और कॉफी की कीमतों में बड़ी गिरावट

रिपोर्ट के मुताबिक गेहूं और पाम ऑयल जैसी ज़रूरी चीज़ों की कीमतों में क्रमशः 13% और 16% की गिरावट दर्ज की गई है। खास बात यह है कि सरकार ने मई 2025 के आखिरी हफ्ते में पाम ऑयल पर आयात शुल्क में 10% की कटौती की थी, जिससे इसकी कीमतों पर और दबाव आने की संभावना है। वहीं, कॉफी की कीमतों में 14% की कमी देखी गई है, जबकि पिछले डेढ़ साल से इसमें लगातार तेज़ी बनी हुई थी।

Also Read | Basmati Rice Stocks: ईरान-इज़राइल सीज़फायर के बाद इन 3 शेयरों में 11% तक की तेजी

मेंथा और पैकेजिंग मटीरियल भी रहे नरम

कंपनियों की लागत में एक और राहत देने वाली बात यह रही कि मेंथा (Mentha) के दाम भी 6% कम हुए हैं। इसके अलावा पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाला HDPE (प्लास्टिक आधारित सामग्री) भी तिमाही के दौरान नरम रहा। इन सामग्रियों की कीमत कम होने से प्रोडक्ट तैयार करने की कुल लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

कोप्रा और LLP ने बढ़ाई चिंता

हालांकि कुछ इनपुट्स की कीमतों में तेज़ी भी देखने को मिली। खास तौर पर कोप्रा (Copra), जो नारियल तेल बनाने में इस्तेमाल होता है, उसकी कीमत 50% तक बढ़ गई है। इसी तरह लिक्विड पैराफिन (LLP) की कीमतें भी ऊंची बनी रहीं। ये दोनों कच्चे माल कुछ खास कंपनियों की लागत को प्रभावित कर सकते हैं, जैसे Marico, जो कोप्रा का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल करती है।

FMCG कंपनियों के मार्जिन पर मिला-जुला असर

महंगाई के इन आंकड़ों का असर अलग-अलग कंपनियों के मुनाफे (gross margin) पर भी पड़ने वाला है। Marico के मामले में रिपोर्ट का अनुमान है कि उसका ग्रॉस मार्जिन पिछली तिमाही के मुकाबले 200 से 300 बेसिस प्वाइंट और सालाना आधार पर 600 बेसिस प्वाइंट तक घट सकता है। इसकी वजह है कोप्रा की कीमतों में तेज़ी।

दूसरी ओर, Hindustan Unilever (HUL), Nestle और Godrej Consumer Products (GCPL) जैसी कंपनियों को राहत मिल सकती है। HUL के मार्जिन में 100 से 140 बेसिस प्वाइंट, Nestle में 150 से 170 और GCPL में 200 से 250 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ोतरी हो सकती है। Asian Paints के लिए यह तिमाही ज़्यादा फायदेमंद रह सकती है, क्योंकि कंपनी का ग्रॉस मार्जिन सालाना आधार पर 350 से 400 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ सकता है।

Also Read: कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, FMCG सेक्टर पर लागत बढ़ने का संकट; उपभोक्ता उत्पादों की कीमतें बढ़ने के आसार

दाम घटाने से फायदा सीमित हो सकता है

हालांकि रिपोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि कुछ कंपनियों ने हाल में अपने प्रोडक्ट्स के दाम घटाए हैं और थोक व्यापारियों को ज़्यादा मार्जिन दिया है, जिससे इनका मुनाफा सीमित रह सकता है। खासकर HUL और Asian Paints इस स्थिति से प्रभावित हो सकते हैं।

Marico और Emami पर सबसे ज़्यादा भरोसा

रिपोर्ट के मुताबिक एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग को इस पूरे सेक्टर में सबसे ज़्यादा भरोसा Marico और Emami पर है। कंपनी ने इन दोनों को अपनी टॉप पसंद बताया है, खासकर उस माहौल में जहां इनपुट कॉस्ट में बदलाव हो रहा हो।

डिस्क्लेमर: यह खबर ब्रोकरेज की रिपोर्ट के आधार पर है, निवेश संबंधित फैसले लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

First Published - June 25, 2025 | 3:07 PM IST

संबंधित पोस्ट