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AI Stocks में आई गिरावट: क्या फूटा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बुलबुला? जानिए पूरा मामला

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कई महीनों की तेजी के बाद दुनिया भर के AI शेयरों में गिरावट दिख रही है। अमेरिका से लेकर जापान तक बड़ी टेक कंपनियों के शेयर टूटे हैं।

Last Updated- November 07, 2025 | 3:36 PM IST
artificial intelligence

पिछले कुछ महीनों से शेयर बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखी जा रही थी। लेकिन अब इस तेजी पर ब्रेक लगता नजर आ रहा है। इस हफ्ते एशिया और अमेरिका दोनों जगह AI कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली।

अमेरिका में Nvidia, Microsoft, Palantir Technologies, Broadcom और AMD (Advanced Micro Devices) जैसी बड़ी AI कंपनियों के शेयर गिरे। वहीं, जापान में Nikkei 225 इंडेक्स में 2.03% की गिरावट आई। यहां SoftBank का शेयर 8% टूटा, Advantest में 7% से ज्यादा, Renesas Electronics में 4% और Tokyo Electron में 2.17% की गिरावट दर्ज की गई।

Bloomberg AI Index ने भी अपने हालिया ऊंचे स्तर से लगभग 4% की गिरावट दिखाई है। यह वही इंडेक्स है जो पिछले तीन महीनों में 34% चढ़ा था।

आखिर AI स्टॉक्स क्यों गिर रहे हैं?

Kotak Institutional Equities की रिपोर्ट “AI: Bubble, trouble?” के मुताबिक, निवेशकों को लगने लगा है कि AI शेयरों की कीमतें असली कमाई के मुकाबले बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि AI कंपनियों की मार्केट वैल्यू इतनी तेजी से बढ़ी है कि अब उन पर बने “असली मुनाफे की उम्मीदें अवास्तविक” लगने लगी हैं।

उदाहरण के लिए, AI क्रांति की प्रमुख कंपनी OpenAI में $1 से $1.5 ट्रिलियन तक का निवेश हुआ है। अगर इस निवेश से मुनाफा कमाना है, तो कंपनी को हर साल $200–250 बिलियन की आय करनी होगी। यह तभी संभव है जब 1 अरब यूजर्स हर महीने $20 दें। लेकिन फिलहाल OpenAI के पास सिर्फ 40 मिलियन (4 करोड़) पेइंग यूजर्स हैं। यानी बाजार की उम्मीदें और हकीकत में बड़ा फर्क है।

निवेशक क्यों सतर्क हो रहे हैं?

रिपोर्ट कहती है कि ब्याज दरें बढ़ने और पूंजी की लागत बढ़ने से निवेशक अब ज्यादा सतर्क हो गए हैं। ऐसे में भविष्य के मुनाफे की कीमत घटती जा रही है। नतीजा — अमेरिका, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में AI कंपनियों के शेयर तेजी से टूटे।

Kotak की एक पिछली रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन सालों में इन देशों के शेयर बाजार की 14% से 58% बढ़ोतरी सिर्फ AI कंपनियों की वजह से हुई थी।

कितना बड़ा है AI बाजार?

  • Bloomberg AI Index अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इक्विटी इंडेक्स बन चुका है, जिसकी कुल वैल्यू $25 ट्रिलियन है।
  • यह चीन ($13 ट्रिलियन), जापान ($8 ट्रिलियन) और भारत ($3 ट्रिलियन) से कहीं आगे है।
  • पिछले एक साल में यह इंडेक्स 48%, और सिर्फ छह महीनों में 67% चढ़ चुका था। जो AI और सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में बढ़ती दीवानगी दिखाता है।

क्या फूट रहा है AI बुलबुला?

Kotak की रिपोर्ट मानती है कि अभी यह कहना मुश्किल है कि AI का बुलबुला फूट गया है या नहीं, लेकिन यह जरूर साफ है कि कंपनियों की कमाई और यूजर्स की क्षमता के बीच बड़ा अंतर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि AI सेक्टर में लंबी अवधि की संभावनाएं तो मजबूत हैं, लेकिन अभी निवेशकों का रुझान वास्तविकता की ओर लौट रहा है।

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भारत क्यों बना है ‘सुरक्षित दांव’?

इस समय जब दुनिया भर के बाजारों में AI स्टॉक्स गिर रहे हैं, Kotak Institutional Equities के मुताबिक भारत एक “सेफ जोन” बनकर उभरा है। भारत में MSCI India Index इस साल सिर्फ 6% बढ़ा है, जबकि अन्य उभरते बाजारों में 30% और विकसित देशों में 17% की तेजी रही। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि भारत में अभी कोई बड़ी शुद्ध AI कंपनी नहीं है, यानी यहां का बाजार इस गिरावट से ज्यादा प्रभावित नहीं है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बैंकिंग, इंडस्ट्रियल और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर ही मुनाफे की असली ताकत बने हुए हैं। Nifty की कमाई FY26 में 10.7% और FY27 में 16.2% बढ़ने की उम्मीद है, जबकि वैल्यूएशन FY27 तक घटकर 19.9 गुना रह सकता है।

आगे क्या होगा?

AI सेक्टर में आई यह गिरावट यह संकेत देती है कि अब निवेशक बिना सोचे-समझे भीड़ के पीछे भागने के बजाय डेटा और हकीकत पर ध्यान देंगे। अब फोकस उन कंपनियों पर होगा जो सच में AI का मजबूत उपयोग कर रही हैं, न कि सिर्फ ट्रेंड का फायदा उठा रही हैं।

भारत के लिए यह समय एक स्थिर और सुरक्षित निवेश डेस्टिनेशन के रूप में अपनी जगह मजबूत करने का हो सकता है। यहां की मजबूत अर्थव्यवस्था, स्थिर मुनाफा और सीमित AI जोश भारत को उस दुनिया में अलग पहचान दे सकता है, जहां बाकी बाजार फिलहाल ‘AI ओवरहीट’ से जूझ रहे हैं।

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First Published - November 7, 2025 | 2:59 PM IST

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