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Afcons Infrastructure की 4,000 करोड़ रुपये की प्री-आईपीओ बिक्री की योजना, अक्टूबर में आईपीओ की उम्मीद

यह आईपीओ ऐसे समय में आएगा जब ह्युंडै इंडिया, स्विगी और एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी जैसी कई अन्य कंपनियां भी अपने निर्गम लाने जा रही हैं।

Last Updated- September 30, 2024 | 10:08 PM IST
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शापूरजी पलोंजी (एसपी) समूह की इकाई एफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर 4,000 करोड़ रुपये की प्री-आईपीओ बिक्री पेशकश की योजना बना रही है। इस घटनाक्रम से अवगत सूत्रों ने यह जानकारी दी है। इस कदम से बड़े निवेशक इसमें शामिल होंगे, विश्वसनीयता बढ़ेगी और अक्टूबर में प्रस्तावित आईपीओ से पहले उसके आकार को संभवतः छोटा किया जा सकेगा। यह आईपीओ ऐसे समय में आएगा जब ह्युंडै इंडिया, स्विगी और एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी जैसी कई अन्य कंपनियां भी अपने निर्गम लाने जा रही हैं।

इस सौदे से अवगत एक बैंकर ने नाम नहीं बताने के अनुरोध के साथ कहा, ‘प्री-आईपीओ प्लेसमेंट लगभग फाइनल हो गया है। कारोबारियों को इस आईपीओ के लिए अच्छी मूल्यांकन कीमत मिली है। प्री-आईपीओ सौदा करीब 50 करोड़ डॉलर का है।’ उन्होंने कहा कि आवंटियों में एक बड़ा घरेलू म्युचुअल फंड और एक वैश्विक सॉवरिन फंड शामिल होंगे।

कंपनी ने इस मुद्दे पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। प्री-आईपीओ प्लेसमेंट ऑफर दस्तावेज जमा करने के बाद लाए जाते हैं। इस विकल्प से जुटाई गई राशि से आईपीओ आकार उस सीमा में कम हो जाता है। एफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर का 7,000-8,000 करोड़ रुपये का आईपीओ अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े के दौरान बाजार में आ सकता है। यह पेशकश एसपी समूह की फर्म गोस्वामी इन्फ्राटेक (जीआईपीएल) के लिए अपने बॉन्डधारकों से जुड़ी प्रतिबद्धताएं पूरी करने के लिए महत्वपूर्ण है।

बैंकर ने कहा, ‘एफकॉन्स में संस्थागत निवेशक अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इनमें से कुछ बड़े निवेशक ज्यादा निवेश करना चाहते हैं। आईपीओ के समय ऐसा आवंटन संभव नहीं है, सिवाय एंकर बुक के दौरान।’ एफकॉन्स के 1,250 करोड़ रुपये की नई कोष उगाही शामिल है, जिसका इस्तेमाल उसने कर्ज घटाने, निर्माण उपकरण खरीदने और अपनी कार्यशील पूंजी जरूरतें पूरी करने के लिए करने की योजना बनाई है।

सूत्रों का कहना है कि एफकॉन्स अपने शेयरों के लिए मांग को देखते हुए निर्गम आकार बढ़ाने की योजना बना रही है। पेशकश का बाकी हिस्सा जीआईपीएल द्वारा सेकंडरी शेयर बिक्री है, जिसका उपयोग वह बॉन्डधारकों को चुकाने के लिए करेगी। जीआईपीएल ने अपने ऋणदाताओं के पास एफकॉन्स के शेयर गिरवी रखे हैं। एक सूत्र ने बताया कि कंपनी ने प्री-आईपीओ बिक्री का विकल्प चुनने पर एफकॉन्स के शेयर जारी करने के लिए गिरवी समझौते में संशोधन किया है।

एफकॉन्स इन्फ्रा ने अपने डीआरएचपी में कहा है, ‘इस डीआरएचपी की तारीख तक, हमारे प्रमोटरों, जीआईपीएल, शापूरजी पालोनजी और फ्लोरेट इन्वेस्टमेंट्स के पास कुल 33.09 करोड़ इक्विटी शेयर हैं।

First Published - September 30, 2024 | 10:08 PM IST

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