facebookmetapixel
Advertisement
Anti Paper Leak Law: अमेरिका, चीन, जापान समेत दुनिया के देशों में परीक्षा में नकल पर क्या है सजा? जानिए नियमदिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए कैसे करें आवेदन? महिलाओं के खातें में हर महीने आएंगे ₹2,500Ambuja Cements Share: कमजोर Q1 नतीजों के बावजूद ब्रोकरेज बुलिश, BUY रेटिंग बरकरार; ₹568 तक टारगेटक्या UPI, NEFT या RTGS से पैसे भेजने पर भी आ सकता है Income Tax का नोटिस?Anti Paper Leak Bill 2026: लोकसभा से पास एंटी पेपर लीक बिल, दोषियों को 10 साल की जेल और ₹50 लाख जुर्मानाCWG 2026: भारत को अब तक 2 स्वर्ण, 7 रजत पदक मिले; पदक तालिका में 9वें स्थान परITR e-Verification: रिटर्न फाइल करने के 30 दिनों के भीतर जरूर कर लें वेरिफिकेशन, जानें 5 आसान तरीकेFD Rates: सीनियर सिटीजन को मिल रहा 8.5% तक ब्याज, जानिए किस बैंक में मिल रहा सबसे ज्यादा रिटर्नविजय केडिया, मधुसूदन केला या आशीष धवन… जुलाई में किसके पोर्टफोलियो ने दिया सबसे ज्यादा रिटर्न?Indo-MIM IPO Listing: 72 गुना सब्सक्रिप्शन, अब लिस्टिंग पर कितनी होगी कमाई? GMP ने दिया बड़ा संकेत

BSE 500 में शामिल फर्मों का 200 डीएमए बढ़ा

Advertisement

अग्रणी कारोबारी समूह का तमगा टाटा के पास

Last Updated- January 04, 2023 | 10:48 PM IST
Stock Market
Creative Commons license

साल 2022 में बाजार पूंजीकरण के लिहाज से टाटा समूह भारत का अग्रणी कारोबारी समूह बना रहा, लेकिन अदाणी समूह की कंपनियां लगातार दूसरे साल एक्सचेंजों पर सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वालों में शामिल रहीं। टाटा ने कैलेंडर वर्ष 2022 की समाप्ति 21.2 लाख करोड़ रुपये के संयुक्त समूह बाजार पूंजीकरण के साथ की, जो दिसंबर 2021 के आखिर के 23.4 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 9.4 फीसदी कम है।

अदाणी समूह, मुकेश अंबानी की फर्मों को पीछे छोड़ते हुए बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश का दूसरा सबसे बड़ा कारोबारी घराना बन गया। समूह का बाजार पूंजीकरण शुक्रवार को दोगुना से ज्यादा हो गया। उ‍सका संयुक्त बाजार पूंजीकरण 19.66 लाख करोड़ रुपये रहा, जो दिसंबर 2021 के आखिर में 9.62 लाख करोड़ रुपये रहा था।

इसकी तुलना में मुकेश अंबानी की अगुआई वाले समूह का बाजार मूल्यांकन सालाना आधार पर 6.9 फीसदी की बढ़त के साथ 17.54 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले 16.4 लाख करोड़ रुपये रहा था। अदाणी समूह की फर्मों को छोड़ दें तो परिवार के स्वामित्व वाले कारोबारों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण कैलेंडर वर्ष 2022 में 3.5 फीसदी घट गया जबकि कैलेंडर वर्ष 21 में 46.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। कुल मिलाकर 10 बड़े कारोबारी समूहों में साल ने कैलेंडर वर्ष 2022 में बाजार पूंजीकरण में गिरावट दर्ज की, जिसकी वजह व्यापक बाजार का कमजोर प्रदर्शन थी।

अदाणी समूह ने अपनी मौजूदा कंपनियों के शेयरों में लगातार आई तेजी व अंबुजा, एसीसी व एनडीटीवी के अधिग्रहण के कारण बढ़त दर्ज की। सीमेंट कंपनी व एनडीटीवी का अधिग्रहण अदाणी ने पिछले साल किया था। समूह के एमकैप को पिछले साल फरवरी में पेश अदाणी विल्मर के आईपीओ से भी मजबूती मिली। अंबुजा, एसीसी और एनडीटीवी के अधिग्रहण ने समूह के एमकैप में 1.52 लाख करोड़ रुपये जोड़े जबकि अदाणी विल्मर ने 80,000 करोड़ रुपये।

अदाणी की कंपनियों ने कैलेंडर वर्ष 2022 में एक्सचेंजों में उम्दा प्रदर्शन किया। उदाहरण के लिए अदाणी पावर का एमकैप कैलेंडर वर्ष 22 में 200 फीसदी बढ़कर 1.15 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, वहीं अदाणी एंटरप्राइजेज का एमकैप 132 फीसदी की उछाल के साथ 4.4 लाख करोड़ रुपये रहा। अदाणी टोटाल गैस के एमकैप में 116 फीसदी का इजाफा हुआ। अदाणी ट्रांस​मिशन के एमकैप में 51.7 फीसदी, अदाणी ग्रीन में 47.4 फीसदी और अदाणी पोर्ट्स ऐंड एसईजेड का एमकैप 18.5 फीसदी बढ़ा।

दूसरी ओर, टाटा समूह ने टीसीएस व टाटा मोटर्स के बाजार पूंजीकरण में कमी के कारण अपनी चमक गंवा दी। टीसीएस का बाजार पूंजीकरण कैलेंडर वर्ष 22 में 13.7 फीसदी घटकर 11.92 लाख करोड़ रुपये रह गया, वहीं व टाटा मोटर्स का एमकैप 19.1 फीसदी की गिरावट के साथ 1.39 लाख करोड़ रुपये रह गया। दूसरी ओर, टाइटन कंपनी (2.9 फीसदी चढ़ा) और टाटा स्टील (1.4 फीसदी का इजाफा) स्थिर रहे और ट्रेंट में 26.8 फीसदी की तेजी आई। उधर, इंडियन होटल्स कंपनी में 89.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई लेकिन टीसीएस व टाटा मोटर्स के एमकैप में आई गिरावट को देखते हुए भरपाई के लिए यह पर्याप्त नहीं था।

देश में बजाज समूह चौथा सबसे बड़ा पारिवारिक स्वामित्व वाला कारोबारी समूह है, जिसका बाजार पूंजीकरण शुक्रवार को 8.35 लाख करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के 8.58 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 2.6 फीसदी कम है। इसके बाद भारती समूह ने एवी विड़ला समूह को पीछे छोड़ते हुए 5.17 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजकरण के साथ देशका पांचवां सबसे बड़ा कारोबारी समूह बन गया।

यह भी पढ़ें: Closing Bell: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 600 अंक से अधिक लुढ़ककर 61,000 के नीचे हुआ बंद

एवी बिड़ला समूह का संयुक्त बाजार पूंजीकरण कैलेंडर वर्ष 2022 में 1.2 फीसदी घटकर 4.98 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो एक साल पहले 5.04 लाख करोड़ रुपये रहा था। भारती समूह ने कैलेंडर वर्ष 22 में एयरटेल के बाजार पूंजीकरण में 19.6 फीसदी की बढ़ोतरी का फायदा मिला। एवी बिड़ला समूह ने अल्ट्राटेक सीमेंट के बाजार पूंजीकरण में सालाना आधार पर 8.2 फीसदी की हुई कमी के कारण नुकसान उठाया।

एवी बिड़ला समूह के आंकड़ों में वोडाफोन आइडिया के आंकड़े शामिल नहीं हैं, जो वोडाफोन पीएलसी के साथ उसका संयुक्त उद्यम है। एवी बिड़ला समूह के पास दूरसंचार कंपनी की 16.53 फीसदी हिस्सेदारी है। 10 अग्रणी पारिवारिक स्वामित्व वाले कारोबार या समूह में महिंद्रा सातवें पायदान पर है और उसका बाजार पूंजीकरण 3 लाख करोड़ रुपये है। इसके बाद एशियन पेंट्स (2.97 लाख करोड़ रुपये), शिव नाडर की एचसीएल टेक (2.82 लाख करोड़ रुपये) और राधाकृष्ण दमानी के नियंत्रण वाली एवेन्यू सुपरमार्ट्स (2.64 लाख करोड़ रुपये) का स्थान है।

पारिवारिक स्वामित्व वाले कारोबारों के लिए 2022 मुश्किल भरा साल रहा। पारिवारिक स्वामित्व वाली कंपनियों का एमकैप साल में 2.8 फीसदी बढ़ा जबकि बिजनेस स्टैंडर्ड के नमूने में शामिल सभी सूचीबद्ध‍ कंपनियों के एमकैप में 6.1 फीसदी की उछाल आई।

Advertisement
First Published - January 4, 2023 | 10:48 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement